उत्तराखंड: कम ऋण-जमा अनुपात वाले जिलों में लगेंगे विशेष शिविर, सीएम धामी ने बैंकों को दिए सख्त निर्देश
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 9 Jul, 2026 03:29 PMदेहरादून, 09 जुलाई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में ऋण-जमा (सीडी) अनुपात बढ़ाने के लिए कम प्रदर्शन वाले जिलों में विशेष अभियान चलाने और नियमित ऋण शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी और स्वरोजगार योजनाओं का लाभ लेने में किसी भी पात्र व्यक्ति को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए तथा बैंक आम लोगों तक ऋण की पहुंच आसान बनाएं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में ऋण-जमा (सीडी) अनुपात बढ़ाने के लिए कम प्रदर्शन वाले जिलों में विशेष अभियान चलाने और नियमित ऋण शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी और स्वरोजगार योजनाओं का लाभ लेने में किसी भी पात्र व्यक्ति को… pic.twitter.com/bdw05GiGG1
— Yugvarta News Agency (@YugvartaNews) July 9, 2026
गुरुवार को सचिवालय में आयोजित राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) की 97वीं बैठक में मुख्यमंत्री ने बैंकिंग सेवाओं, ऋण वितरण, वित्तीय समावेशन और विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राज्य के आर्थिक विकास में बैंकिंग क्षेत्र की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है और किसानों, युवाओं, महिलाओं तथा उद्यमियों को समय पर ऋण उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने बागेश्वर, पौड़ी, अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और टिहरी जिलों में कम ऋण-जमा अनुपात पर नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि जिला प्रशासन, लीड बैंक और संबंधित विभाग संयुक्त रूप से पात्र लाभार्थियों की पहचान कर नियमित ऋण शिविर आयोजित करें, ताकि राज्य का ऋण-जमा अनुपात राष्ट्रीय औसत तक पहुंचाया जा सके।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि यदि किसी आवेदन में तकनीकी कमी हो तो उसे सीधे निरस्त करने के बजाय आवेदक का मार्गदर्शन कर कमियों को दूर कराया जाए। उन्होंने बैंकों से पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपेक्षा की।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में वार्षिक ऋण योजना के तहत लगभग 96 प्रतिशत उपलब्धि तथा एमएसएमई क्षेत्र में 111 प्रतिशत उपलब्धि राज्य की मजबूत आर्थिक प्रगति का संकेत है। हालांकि उन्होंने कहा कि ऋण-जमा अनुपात में और सुधार के लिए सभी बैंकों को समन्वित प्रयास करने होंगे।
उन्होंने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना-2.0, वीर चंद्र सिंह गढ़वाली स्वरोजगार योजना, होम-स्टे योजना, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना और किसान क्रेडिट कार्ड जैसी योजनाओं में पात्र लोगों को प्राथमिकता के आधार पर ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही कृषि, बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन, पर्यटन और स्थानीय उत्पाद आधारित उद्यमों के लिए बैंकिंग सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने डिजिटल बैंकिंग और डिजिटल भुगतान को गांव-गांव तक पहुंचाने तथा प्रधानमंत्री जनधन योजना समेत अन्य वित्तीय समावेशन कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि सरकार और बैंक मिलकर कार्य करेंगे तो रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता को नई गति मिलेगी तथा विकसित उत्तराखंड के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।
बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने साइबर अपराधों पर त्वरित कार्रवाई के लिए हेल्पलाइन 1930 को भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक के प्रतिनिधियों से जोड़ने का सुझाव दिया। उन्होंने एसएलबीसी की बैठक से पहले उप-समिति की नियमित बैठकें आयोजित करने तथा आजीविका, एमएसएमई और औद्योगिक क्षेत्रों में ऋण प्रवाह बढ़ाने पर भी जोर दिया।



No Previous Comments found.