मुंबई में प्रवासी उत्तराखंडवासियों से सीएम पुष्कर सिंह धामी का संवाद, बोले—‘प्रवासी समाज राज्य का सबसे बड़ा सांस्कृतिक दूत’
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 6 Jul, 2026 10:40 PMमुंबई: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुंबई में आयोजित प्रवासी उत्तराखंडवासियों के सम्मेलन में राज्य और देश-विदेश में बसे उत्तराखंड मूल के लोगों से संवाद करते हुए उन्हें उत्तराखंड के विकास का महत्वपूर्ण भागीदार बताया। उन्होंने कहा कि प्रवासी उत्तराखंडवासी अपनी मेहनत, उपलब्धियों और सांस्कृतिक मूल्यों के माध्यम से देश-दुनिया में राज्य की पहचान को मजबूत कर रहे हैं और वे उत्तराखंड के सबसे बड़े सांस्कृतिक दूत एवं ब्रांड एंबेसडर हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भौगोलिक दूरी चाहे कितनी भी हो, प्रवासी समाज और उत्तराखंड के बीच भावनात्मक रिश्ता हमेशा अटूट रहा है। उन्होंने कहा कि प्रवासी समाज का अपनी मातृभूमि के प्रति समर्पण नई पीढ़ी को भी उत्तराखंड की संस्कृति, लोक परंपराओं और जीवन मूल्यों से जोड़ने का कार्य कर रहा है।
प्रवासी उत्तराखंड परिषद से विकास में बढ़ी भागीदारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने प्रवासी उत्तराखंडवासियों की विशेषज्ञता, अनुभव और संसाधनों को विकास से जोड़ने के उद्देश्य से प्रवासी उत्तराखंड परिषद का गठन किया है। इसके माध्यम से देश-विदेश में रहने वाले उत्तराखंडवासी निवेश, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, नवाचार और अन्य विकासात्मक क्षेत्रों में सक्रिय योगदान दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार प्रवासी समाज के सुझावों और अनुभवों को राज्य की विकास प्रक्रिया का महत्वपूर्ण आधार मानती है।
27 प्रवासियों ने गोद लिए 29 पैतृक गांव
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार के आह्वान पर अब तक 27 प्रवासी उत्तराखंडवासियों ने राज्य के 29 गांव गोद लिए हैं, जहां शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं।
उन्होंने मुंबई में रहने वाली अभिनेत्री हिमानी शिवपुरी द्वारा अपने पैतृक गांव को गोद लेने के निर्णय की सराहना करते हुए इसे मातृभूमि के प्रति समर्पण का प्रेरक उदाहरण बताया।
विकास और निवेश की उपलब्धियां गिनाईं
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड तेजी से विकसित राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, बागवानी, पर्यटन, कनेक्टिविटी, महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार जैसे क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि ‘एक जनपद-दो उत्पाद’, हाउस ऑफ हिमालयाज, स्टेट मिलेट मिशन, एप्पल मिशन, कीवी मिशन, होम-स्टे योजना, वेड इन उत्तराखंड, लखपति दीदी और सौर स्वरोजगार योजना जैसी पहल से स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिली है।
एसडीजी इंडेक्स और निवेश में राज्य की उपलब्धियां
मुख्यमंत्री के अनुसार, उत्तराखंड को नीति आयोग के एसडीजी इंडेक्स में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। इसके अलावा राज्य को ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में ‘अचीवर्स’ तथा स्टार्टअप रैंकिंग में ‘लीडर्स’ श्रेणी में स्थान मिला है।
उन्होंने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से राज्य को 3.76 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले, जिनमें से एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है। साथ ही राज्य का बजट एक लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है और उद्योगों व स्टार्टअप्स की संख्या में भी लगातार वृद्धि हुई है।
पर्यटन और रिवर्स पलायन पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन आधारित नीतियों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। प्रदेश में होटल और होम-स्टे की संख्या बढ़ी है तथा रिवर्स पलायन को भी गति मिली है। उन्होंने कहा कि अब कई लोग रोजगार और उद्यमिता के नए अवसरों के साथ अपने गांव लौट रहे हैं।
सुशासन और पारदर्शिता पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक मूल्यों के संरक्षण के लिए भी प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगा विरोधी कानून, समान नागरिक संहिता (यूसीसी), नकल विरोधी कानून तथा भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति लागू कर सुशासन को मजबूत किया गया है।
उन्होंने कहा कि पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से हजारों युवाओं को सरकारी सेवाओं में अवसर प्रदान किए गए हैं और युवाओं के भविष्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
प्रवासी समाज से विकास में सहयोग का आह्वान
मुख्यमंत्री ने देश-विदेश में बसे उत्तराखंडवासियों से ज्ञान, अनुभव, निवेश, नवाचार और सामाजिक योगदान के माध्यम से राज्य के विकास में निरंतर सहयोग देने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार और प्रवासी समाज के संयुक्त प्रयासों से उत्तराखंड को समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित राज्य बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा।
सम्मेलन के दौरान प्रवासी उत्तराखंडवासियों ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए राज्य सरकार की विकास यात्रा और जनहितकारी पहलों पर विश्वास व्यक्त किया तथा भविष्य में भी उत्तराखंड के विकास में सक्रिय सहयोग देने का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम में प्रवासी उत्तराखंड संगठनों के पदाधिकारी, विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्थाओं के प्रतिनिधि, उद्योग जगत से जुड़े प्रवासी उत्तराखंडवासी तथा मुंबई और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।



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