खटीमा में युवाओं से सीएम धामी का सीधा संवाद, बोले- भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस, शिकायत पर होगी त्वरित कार्रवाई

18 विद्यालयों के करीब 360 विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा, रोजगार, पर्यटन, पर्यावरण, विज्ञान और आपदा प्रबंधन जैसे मुद्दों पर छात्रों ने पूछे बेबाक सवाल

YUGVARTA NEWS

YUGVARTA NEWS

Lucknow, 31 Aug, 2026 09:40 PM
खटीमा में युवाओं से सीएम धामी का सीधा संवाद, बोले- भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस, शिकायत पर होगी त्वरित कार्रवाई

खटीमा, 31 अगस्त। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को खटीमा में आयोजित ‘युवा समसामयिक संवाद’ कार्यक्रम में विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया। सनातन धर्मशाला, खटीमा परिसर स्थित एक निजी विद्यालय के सोबन सिंह जीना सभागार में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। विभिन्न विद्यालयों से पहुंचे विद्यार्थियों ने रोजगार, सेवायोजन, पर्यटन, विकास, पर्यावरण संरक्षण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और आपदा प्रबंधन से जुड़े समसामयिक मुद्दों पर मुख्यमंत्री से सीधे सवाल किए। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के सवालों का सहज और स्पष्ट तरीके से जवाब दिया।

भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति

युवाओं से संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने पारदर्शी, भ्रष्टाचार मुक्त और सशक्त उत्तराखंड बनाने के संकल्प को दोहराया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति सरकारी काम के बदले रिश्वत मांगता है या अनुचित दबाव बनाता है तो नागरिक बिना किसी संकोच के टोल-फ्री नंबर 1064 अथवा संबंधित मोबाइल ऐप के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाती है और शिकायत मिलने के बाद विशेष टीमों के माध्यम से त्वरित जांच की जाती है।

धामी ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है और देवभूमि की कार्यप्रणाली पूरी तरह पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त होनी चाहिए।

‘विकल्प रहित संकल्प’ से अग्रणी राज्य बनाने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका लक्ष्य ऐसा उत्तराखंड बनाना है, जहां युवाओं को बेहतर शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास के अवसरों के लिए राज्य से बाहर जाने की आवश्यकता न पड़े। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाओं के साथ बेहतर कनेक्टिविटी तथा आधुनिक बुनियादी ढांचे के विकास पर सरकार तेजी से काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के पास हिमालयी पर्वत श्रृंखलाओं, नदियों, वन संपदा, कृषि संसाधनों और उत्कृष्ट शैक्षणिक संस्थानों के रूप में व्यापक प्राकृतिक और मानवीय संसाधन हैं। इन संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए राज्य को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए सरकार ‘विकल्प रहित संकल्प’ के साथ आगे बढ़ रही है।

सीमांत क्षेत्र नहीं, देश के प्रथम गांव

सीमांत क्षेत्रों के विकास से जुड़े छात्रा आल्या के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ के तहत सीमांत क्षेत्रों के विकास पर विशेष ध्यान दे रही हैं।

उन्होंने कहा कि सीमांत जिले और गांव देश के अंतिम छोर नहीं, बल्कि भारत के प्रथम गांव और प्रथम क्षेत्र हैं। इसी सोच के साथ इन इलाकों में सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों से पलायन रोकने के लिए रोजगार सृजन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। स्थानीय युवाओं को रोजगार की तलाश में दूर जाने के बजाय उनके गांव और आसपास ही रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न योजनाओं को धरातल पर उतारा जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में सीमांत क्षेत्रों के लिए विशेष प्रोत्साहन और नई योजनाएं भी लाई जाएंगी।

विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण भी प्राथमिकता

कक्षा 11 की छात्रा रेखा ने 5 अगस्त की आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों और विकास तथा पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन को लेकर सवाल किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की प्राकृतिक संपदा प्रदेश की सबसे बड़ी धरोहर है।

उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी समान प्राथमिकता दी जा रही है। सरकार का प्रयास है कि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करते हुए उत्तराखंड को प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाया जाए।

34 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी का दावा

सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं से मुख्यमंत्री ने अनुशासित जीवन जीने और सकारात्मक सोच के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अब तक 34 हजार युवाओं को सरकारी नौकरियां उपलब्ध करा चुकी है। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए रोजगार और करियर के अवसर उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।

पर्यटन को मिली नई गति

पर्यटन से जुड़े छात्र अब्दुल के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर सड़क कनेक्टिविटी, हवाई सेवाओं और होमस्टे जैसी सुविधाओं के विस्तार से उत्तराखंड के पर्यटन क्षेत्र को नई गति मिली है।

उन्होंने कहा कि चंपावत, मुनस्यारी, कौसानी, बेरीनाग, चौकोड़ी, पंचाचूली और आदि कैलाश जैसे पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। सरकार पर्यटकों के बेहतर स्वागत, स्वच्छ एवं सुविधाजनक व्यवस्थाओं और आतिथ्य पर विशेष ध्यान दे रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी के परिणामस्वरूप प्रदेश में पर्यटकों की वार्षिक संख्या 7 से 8 करोड़ के पार पहुंच गई है।

18 विद्यालयों के करीब 360 विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा

‘युवा समसामयिक संवाद’ में 18 विद्यालयों के करीब 360 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। खुशबू हिंद पब्लिक स्कूल, अब्दुल आरपी स्कूल, सतवीर सिंह रोज पब्लिक स्कूल, देव विश्वास शिक्षा भारती स्कूल, आयुषी आईआईएचसीए, रिजवान जीआईसी, रुद्र प्रताप सिंह रोज पब्लिक स्कूल और शहीद हरि किशन इंटर कॉलेज समेत विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

सोनू सिंह, हिमांशी, आलिदा, खुशी अवस्थी सहित अन्य विद्यार्थियों ने रोजगार, सेवायोजन, पर्यटन, विकास एवं पर्यावरण संरक्षण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और आपदा प्रबंधन से जुड़े सवाल मुख्यमंत्री के सामने रखे।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, प्रेम सिंह टूरना, दर्जा मंत्री गंभीर सिंह धामी, किशन सिंह किन्ना, मोहिनी पोखरिया, पूर्व विधायक डॉ. प्रेम सिंह राणा, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, वीसी जय किशन, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी और अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।


सर्वाधिक पसंद

Leave a Reply

comments

Loading.....
  1. No Previous Comments found.

moti2