मुख्यमंत्री धामी का युवाओं से आह्वान: “बड़े सपने देखें, लक्ष्य तय करें और उन्हें साकार करने के लिए निरंतर प्रयास करें”
28 करोड़ 59 लाख रुपये की लागत से बने बायोलॉजिकल साइंस प्रयोगशाला और केंद्रीय पुस्तकालय भवन का लोकार्पण, 88.4 FM कम्युनिटी रेडियो स्टेशन भी शुरू
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 13 Aug, 2026 07:47 PMदेहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को दून विश्वविद्यालय में दीक्षारम्भ सत्र 2026-27 और युवा संवाद कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय में नए प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री ने युवाओं से बड़े सपने देखने, लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने के लिए निरंतर मेहनत करने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालय का जीवन केवल कक्षा और परीक्षा तक सीमित नहीं होता। यह विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण, नई सोच विकसित करने और जीवन की दिशा तय करने का महत्वपूर्ण चरण है। उन्होंने विद्यार्थियों से विश्वविद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक, शोध और अन्य अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने को कहा।
28.59 करोड़ की लागत से बने दो भवनों का लोकार्पण
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने दून विश्वविद्यालय में 11 करोड़ 20 लाख रुपये की लागत से निर्मित बायोलॉजिकल साइंस प्रयोगशाला भवन और 17 करोड़ 39 लाख रुपये की लागत से निर्मित केंद्रीय पुस्तकालय भवन का लोकार्पण किया। इसके साथ ही दून यूनिवर्सिटी कम्युनिटी रेडियो स्टेशन 88.4 FM का भी शुभारंभ किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई प्रयोगशाला और केंद्रीय पुस्तकालय जैसी सुविधाओं से विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं शोध गतिविधियों को मजबूती मिलेगी। वहीं कम्युनिटी रेडियो विद्यार्थियों को संचार और रचनात्मक अभिव्यक्ति के लिए नया मंच उपलब्ध कराएगा।
अंबेडकर के नाम पर होगा केंद्रीय पुस्तकालय
मुख्यमंत्री ने दून विश्वविद्यालय के केंद्रीय पुस्तकालय का नाम बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम पर किए जाने की घोषणा की। उन्होंने कम्युनिटी रेडियो स्टेशन के संचालन के लिए कार्यक्रम समन्वयक और तकनीकी सहायक के दो पद सृजित करने की भी घोषणा की।
इसके अलावा विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए दो इलेक्ट्रिक बसों की व्यवस्था करने की घोषणा की गई। मुख्यमंत्री ने विदेशी भाषा विभागों को मजबूत करने की बात भी कही। स्पेनिश, जर्मन, फ्रेंच, चीनी और जापानी भाषाओं के विभागों के लिए आवश्यक पद सृजित किए जाएंगे, ताकि इन भाषाओं में कौशल आधारित शिक्षा का विस्तार किया जा सके और राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार हों।
युवा शक्ति को बताया देश की सबसे बड़ी ताकत
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा शक्ति होती है। जिस देश के युवा सपने देखने का साहस, उन्हें पूरा करने का संकल्प और कठिन परिश्रम की क्षमता रखते हैं, उस देश को आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और स्किल इंडिया जैसी पहलों के माध्यम से युवाओं को नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। आज युवा केवल नौकरी तलाशने तक सीमित नहीं है, बल्कि उद्यमिता और रोजगार सृजन की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है।
एआई और मशीन लर्निंग जैसे विषयों पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान दौर नवाचार और तकनीकी बदलाव का है। राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने के लिए काम कर रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और बिग डेटा जैसे आधुनिक विषयों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
वैज्ञानिक अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश में साइंस सिटी और एस्ट्रो पार्क जैसी परियोजनाओं पर भी कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ शिक्षा और शोध की गुणवत्ता में सुधार सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
शोध के लिए 18 लाख रुपये तक का अनुदान
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में नए महाविद्यालयों और मॉडल कॉलेजों की स्थापना के साथ महिला छात्रावास, आईटी लैब और परीक्षा भवन जैसी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से भी प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शोध प्रोत्साहन योजना के माध्यम से प्राध्यापकों को 18 लाख रुपये तक का शोध अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि उत्कृष्ट शोध कार्यों को प्रोत्साहन मिल सके।
पारदर्शी भर्ती व्यवस्था पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी सरकार सहयोग दे रही है। UPSC, NDA और CDS जैसी परीक्षाओं की लिखित परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले युवाओं को साक्षात्कार की तैयारी के लिए 50 हजार रुपये तक की सहायता दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता ऐसी पारदर्शी व्यवस्था स्थापित करना है, जिसमें युवाओं की मेहनत के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ न हो। राज्य में नकल विरोधी कानून को सख्ती से लागू करते हुए भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है। मुख्यमंत्री के अनुसार, इसी व्यवस्था के परिणामस्वरूप पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति मिली है।
‘उत्तराखंड की जवानी और पानी दोनों उत्तराखंड के काम आएं’
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का युवा विकास का विजन केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित नहीं है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना समेत विभिन्न योजनाओं के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि होम-स्टे, ऑर्गेनिक फार्मिंग, पर्यटन और स्थानीय उद्यमों को बढ़ावा देकर राज्य में ही रोजगार और स्वरोजगार के अवसर तैयार किए जा रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि रोजगार की तलाश में युवाओं को अपनी मिट्टी और परिवार से दूर न जाना पड़े।
मुख्यमंत्री ने कहा, “उत्तराखंड की जवानी और पानी दोनों उत्तराखंड के काम आएं”, इसी संकल्प के साथ राज्य सरकार आगे बढ़ रही है।
युवाओं से राष्ट्र निर्माण में योगदान का आह्वान
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से अपनी क्षमताओं को पहचानने और नई सोच के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के संदेश का उल्लेख करते हुए युवाओं से लक्ष्य हासिल होने तक निरंतर प्रयास करते रहने की अपील की।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के संकल्प में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। युवा अपनी प्रतिभा, नवाचार और परिश्रम के माध्यम से प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं।
कार्यक्रम में विधायक विनोद चमोली, दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल, मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रो. गोविंद सिंह, अपर सचिव मनमोहन मैनाली सहित विश्वविद्यालय के प्राध्यापक मौजूद रहे।
आदित्य अमिताभ त्रिवेदी, युगवार्ता
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