'जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार' अभियान से शासन और जनता के बीच बढ़ा विश्वास : मुख्यमंत्री धामी
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 11 Jul, 2026 04:19 PMदेहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य शासन-प्रशासन को जनता के और अधिक निकट लाना है। सरकार की प्राथमिकता है कि आम लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें, बल्कि सरकार स्वयं उनके द्वार तक पहुंचकर सेवाएं उपलब्ध कराए। उन्होंने कहा कि ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान ने शासन और जनता के बीच विश्वास को मजबूत किया है और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बना है।
मुख्यमंत्री शनिवार को देहरादून के सहसपुर स्थित श्री गुरु रामराय पब्लिक स्कूल में ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण’ कार्यक्रम के तहत आयोजित जनसेवा शिविर को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान एक हजार से अधिक लोगों ने शिविर में पंजीकरण कराया और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त किया। पात्र लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र और अन्य सहायता सामग्री भी वितरित की गई, जबकि विभिन्न विभागों के स्टॉलों पर मौके पर ही सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।
धामी ने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है और सुशासन का वास्तविक अर्थ संवेदनशील, जवाबदेह एवं जनकेंद्रित प्रशासन है। उन्होंने बताया कि अभियान के पहले चरण में प्रदेशभर में 65 दिनों के दौरान करीब 700 जनसेवा शिविर आयोजित किए गए, जिनमें पांच लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया। अकेले देहरादून जनपद में 46 शिविरों के माध्यम से 60 हजार से अधिक नागरिकों तक सरकारी सेवाएं पहुंचाई गईं और लगभग 39 हजार लोगों को मौके पर लाभ मिला।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 4 जुलाई से शुरू हुए सेवा पखवाड़े के तहत अब तक प्रदेशभर में 64 हजार से अधिक नागरिकों ने भागीदारी की है। इस दौरान प्राप्त 5,567 जनसमस्याओं में से 4,951 का समाधान किया जा चुका है, जबकि 2,522 नागरिकों को विभिन्न प्रमाण-पत्रों और सेवाओं का लाभ देने की प्रक्रिया पूरी की गई है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड विकास के नए प्रतिमान स्थापित कर रहा है। सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, पर्यटन, उद्योग, निवेश और हवाई संपर्क जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। राज्य में पहली बार जी-20 बैठकों, राष्ट्रीय खेलों, शीतकालीन यात्रा और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट जैसे बड़े आयोजनों का सफल आयोजन हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समान नागरिक संहिता लागू कर सामाजिक न्याय की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। युवाओं के हितों की रक्षा के लिए देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया, जिसके परिणामस्वरूप 34 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी नौकरियां मिली हैं। उन्होंने दोहराया कि भ्रष्टाचार के प्रति सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति जारी रहेगी।
शिविर में मौके पर ही दिए समाधान के निर्देश
जनसेवा शिविर के दौरान मुख्यमंत्री ने लोगों की समस्याएं सुनते हुए अधिकारियों को कई मामलों में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
- कारबारी ग्रांट में दो माह के भीतर 30 सोलर लाइट लगाने के निर्देश एमडीडीए को दिए।
- स्थानीय निवासी बबली गुप्ता को जूट बैग निर्माण के लिए उसी दिन सिलाई मशीन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
- सेलाकुई क्षेत्र में सड़क, नाली और जल निकासी से जुड़े विकास कार्यों पर शहरी विकास विभाग को तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए।
- गोकुल फाउंडेशन चैरिटेबल ट्रस्ट को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
- भाऊवाला पुल के पास श्मशान घाट निर्माण दो माह में पूरा कराने को कहा।
- अटक फार्म और सेंट्रल होपटाउन के बंदोबस्त से जुड़ी समस्या का 15 दिन में समाधान करने के निर्देश सचिव राजस्व को दिए।
- भगवानपुर-बहुगुणा मार्ग पर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम से पार्क और ओपन जिम निर्माण के प्रस्ताव पर कार्रवाई के निर्देश दिए।
- बड़ोवाला गांव में डिस्पेंसरी और एंबुलेंस की व्यवस्था एक माह के भीतर सुनिश्चित करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ‘विकसित भारत के लिए विकसित उत्तराखंड’ के संकल्प के साथ कार्य कर रही है और प्रत्येक नागरिक तक विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।



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