पलायन रोकना, युवाओं को स्थानीय रोजगार देना और टिहरी को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना सरकार की प्राथमिकता : मुख्यमंत्री धामी
नरेंद्रनगर में 50वें श्री कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले का शुभारंभ, टिहरी झील को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने पर जोर
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 11 Oct, 2026 04:44 PMनरेंद्रनगर/टिहरी। उत्तराखंड की लोक संस्कृति, धार्मिक आस्था और गौरवशाली परंपराओं का प्रतीक श्री कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेला अपनी स्वर्ण जयंती के अवसर पर भव्य रूप में शुरू हुआ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिवस पर नरेंद्रनगर में मेले का ध्वजारोहण कर नौ दिवसीय आयोजन का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने सांस्कृतिक झांकियों का अवलोकन किया, विकास प्रदर्शनी का उद्घाटन किया और विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण किया।
मुख्यमंत्री ने शहीद स्थल पर अमर शहीदों की प्रतिमाओं तथा स्वतंत्रता संग्राम शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद मां कुंजापुरी के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्रि और मेले की स्वर्ण जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नवरात्रि के पावन अवसर पर इस ऐतिहासिक मेले का शुभारंभ होना सुखद संयोग है।
लोक संस्कृति और पर्यटन को नई पहचान देगा स्वर्ण जयंती मेला
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि 50वां श्री कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेला केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तराखंड की लोक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और गौरवशाली परंपराओं का प्रतीक है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और जड़ों से जोड़ने के साथ स्थानीय व्यापार, पर्यटन तथा रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा देते हैं।
उन्होंने मेले के संस्थापक सुरेंद्र सिंह पांगती और आयोजन समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण और उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
टिहरी झील से बढ़ेंगे पर्यटन और रोजगार के अवसर
मुख्यमंत्री ने टिहरी जिले में विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि टिहरी झील के चारों ओर रिंग रोड और पर्यटन मार्ग विकसित किए जा रहे हैं। झील क्षेत्र में जलक्रीड़ा, साहसिक पर्यटन और होमस्टे जैसी गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर मिल सकें।
उन्होंने नरेंद्रनगर में राजकीय पॉलिटेक्निक के उच्चीकरण, केंद्रीय विद्यालय, विधि महाविद्यालय, सभागार निर्माण, गजा अस्पताल के उच्चीकरण और लगभग 50 करोड़ रुपये की सीवर लाइन परियोजना का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पर्यटन के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है।
स्थानीय उत्पादों और स्वरोजगार को मिल रहा बढ़ावा
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पलायन रोकना और युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए ‘एक जनपद-दो उत्पाद’, ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’, स्टेट मिलेट मिशन, एप्पल मिशन और फार्म मशीनरी बैंक जैसी योजनाओं के माध्यम से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड की बिक्री 6 करोड़ रुपये से अधिक हो चुकी है। इसके अलावा होमस्टे, पर्यटन एवं फिल्म नीति और ‘वेड इन उत्तराखंड’ जैसी पहलों के जरिए प्रदेश में निवेश, पर्यटन और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य में रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
धार्मिक विरासत के संरक्षण के साथ विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए महत्वपूर्ण कार्य हो रहे हैं। अयोध्या में श्रीराम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम और केदारनाथ-बदरीनाथ धाम में हुए विकास कार्य इसके उदाहरण हैं। उत्तराखंड सरकार भी केदारखंड और मानसखंड के प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का विस्तार कर रही है।
उन्होंने समान नागरिक संहिता, सशक्त भू-कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगा रोधी कानून और नकल विरोधी कानून का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान, सामाजिक व्यवस्था और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है तथा पारदर्शी भर्ती प्रक्रियाओं के माध्यम से 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्तियां दी गई हैं।
सांस्कृतिक झांकियों ने दर्शकों का मोहा मन
मेले के शुभारंभ अवसर पर उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति और धार्मिक परंपराओं पर आधारित आकर्षक झांकियां प्रस्तुत की गईं। छोलिया नृत्य, गाडू घड़ा यानी तेल कलश की परंपरा, महिषासुर मर्दिनी, प्रह्लाद की भक्ति पर आधारित नरसिंह अवतार और मां कुंजापुरी की झांकियों ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।
इसके साथ ही ‘भारत की गौरवशाली बेटियां’ और ‘बदलता एवं बढ़ता नरेंद्रनगर’ जैसे विषयों के माध्यम से सामाजिक जागरूकता और क्षेत्र के विकास को प्रदर्शित किया गया। इन प्रस्तुतियों में विद्यार्थियों और विभिन्न सांस्कृतिक दलों ने भाग लिया।
19 अक्टूबर तक होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रतियोगिताएं
11 से 19 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले इस राज्यस्तरीय मेले में खेलकूद, विद्यालय स्तरीय प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रहेगी। आयोजन में पद्मश्री डॉ. बसंती बिष्ट, नरेंद्र सिंह नेगी, मीना राणा, संगीता ढौंडियाल, किशन महिपाल और पांडवाज बैंड सहित कई प्रसिद्ध कलाकार प्रस्तुतियां देंगे। मेले का समापन पद्मश्री जागर सम्राट प्रीतम भरतवाण के जागर गायन के साथ होगा।
कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने मेले की स्वर्ण जयंती पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह आयोजन लोक संस्कृति के संरक्षण के साथ खेल, पर्यटन और स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करता है। उन्होंने क्षेत्र में पॉलिटेक्निक के उच्चीकरण, विधि महाविद्यालय के लिए बजट एवं पदों के सृजन और सीवर लाइन सहित विभिन्न विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में मेले के संस्थापक सुरेंद्र सिंह पांगती, नगर पालिका परिषद नरेंद्रनगर के अध्यक्ष राजेंद्र विक्रम पंवार, ब्लॉक प्रमुख नरेंद्रनगर दीक्षा राणा, तपोवन नगर पंचायत अध्यक्ष विनीता बिष्ट, ऋषिकेश के महापौर शंभू पासवान, गजा नगर पंचायत अध्यक्ष कुंवर सिंह चौहान, भाजपा जिलाध्यक्ष उदय रावत, जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे, मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल, अपर जिलाधिकारी शैलेंद्र सिंह नेगी सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
आदित्य अमिताभ त्रिवेदी, युगवार्ता
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