जनसुनवाई में लापरवाही पर योगी सरकार सख्त, डीएम-एसएसपी की अब सीधे सीएम कार्यालय से होगी निगरानी

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Lucknow, 19 Feb, 2026 05:04 PM
जनसुनवाई में लापरवाही पर योगी सरकार सख्त, डीएम-एसएसपी की अब सीधे सीएम कार्यालय से होगी निगरानी

लखनऊ | 19 फरवरी 2026 उत्तर प्रदेश में जिलास्तर पर होने वाली जनसुनवाई को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। डीएम और एसएसपी द्वारा शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही सामने आने पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई है। अब मुख्यमंत्री कार्यालय खुद जिलों में होने वाली जनसुनवाई और जनता दर्शन की निगरानी करेगा, ताकि लोगों की समस्याओं का समय पर समाधान हो सके। इस संबंध में मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद ने सभी पुलिस आयुक्तों, जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को निर्देश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार, तहसील दिवस और थाना दिवस जैसे पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों को छोड़कर हर कार्यदिवस सुबह 9:45 बजे सभी अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़ेंगे। जनसुनवाई के दौरान अधिकारियों को अपने कार्यालय कक्ष में मौजूद रहना अनिवार्य होगा। निर्देशों में साफ किया गया है कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग मोबाइल फोन या किसी अन्य स्थान से जुड़ने की अनुमति नहीं होगी। सुबह 10 बजे से 12 बजे तक चलने वाली इस प्रक्रिया में अधिकारी उसी कक्ष से जुड़ेंगे, जहां जनसुनवाई हो रही हो। मुख्यमंत्री का मानना है कि जिलास्तर पर कई ऐसे मामले होते हैं, जिनका समाधान वहीं हो जाना चाहिए, लेकिन लापरवाही के कारण वे मुख्यमंत्री के जनता दर्शन तक पहुंच जाते हैं, जिससे जनता को परेशानी होती है और सरकार की छवि प्रभावित होती है। अब मुख्यमंत्री कार्यालय न केवल जनसुनवाई की लाइव मॉनिटरिंग करेगा, बल्कि कुछ शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद कर निस्तारण की गुणवत्ता की भी जांच करेगा। इस पूरी प्रक्रिया की रिपोर्ट मुख्यमंत्री के सामने रखी जाएगी। अधिकारियों को समय से वीसी लिंक पर जुड़ना, सीयूजी नंबर का उपयोग करना और डिस्प्ले में अपना पदनाम व जिला दिखाना अनिवार्य किया गया है, ताकि जवाबदेही तय की जा सके! जनसुनवाई में लापरवाही पर योगी सरकार सख्त, डीएम-एसएसपी की अब सीधे सीएम कार्यालय से होगी निगरानी उत्तर प्रदेश में जिलास्तर पर होने वाली जनसुनवाई को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। डीएम और एसएसपी द्वारा शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही सामने आने पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई है। अब मुख्यमंत्री कार्यालय खुद जिलों में होने वाली जनसुनवाई और जनता दर्शन की निगरानी करेगा, ताकि लोगों की समस्याओं का समय पर समाधान हो सके। इस संबंध में मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद ने सभी पुलिस आयुक्तों, जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को निर्देश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार, तहसील दिवस और थाना दिवस जैसे पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों को छोड़कर हर कार्यदिवस सुबह 9:45 बजे सभी अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़ेंगे। जनसुनवाई के दौरान अधिकारियों को अपने कार्यालय कक्ष में मौजूद रहना अनिवार्य होगा। निर्देशों में साफ किया गया है कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग मोबाइल फोन या किसी अन्य स्थान से जुड़ने की अनुमति नहीं होगी। सुबह 10 बजे से 12 बजे तक चलने वाली इस प्रक्रिया में अधिकारी उसी कक्ष से जुड़ेंगे, जहां जनसुनवाई हो रही हो। मुख्यमंत्री का मानना है कि जिलास्तर पर कई ऐसे मामले होते हैं, जिनका समाधान वहीं हो जाना चाहिए, लेकिन लापरवाही के कारण वे मुख्यमंत्री के जनता दर्शन तक पहुंच जाते हैं, जिससे जनता को परेशानी होती है और सरकार की छवि प्रभावित होती है। अब मुख्यमंत्री कार्यालय न केवल जनसुनवाई की लाइव मॉनिटरिंग करेगा, बल्कि कुछ शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद कर निस्तारण की गुणवत्ता की भी जांच करेगा। इस पूरी प्रक्रिया की रिपोर्ट मुख्यमंत्री के सामने रखी जाएगी। अधिकारियों को समय से वीसी लिंक पर जुड़ना, सीयूजी नंबर का उपयोग करना और डिस्प्ले में अपना पदनाम व जिला दिखाना अनिवार्य किया गया है, ताकि जवाबदेही तय की जा सके। 

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