2017 से पहले बेटियों के लिए रात में निकलना मुश्किल था: योगी आदित्यनाथ

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Lucknow, 7 Nov, 2026 11:59 AM
2017 से पहले बेटियों के लिए रात में निकलना मुश्किल था: योगी आदित्यनाथ

लखनऊ, 07 अक्टूबर 2026 उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था और पुलिस विभाग में हुए बदलावों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2017 से पहले की स्थिति का जिक्र किया। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा से लेकर पुलिसकर्मियों की सुविधाओं तक कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पहले प्रदेश में बेटियों के लिए रात के समय घर से बाहर निकलना आसान नहीं था, जबकि उनकी सरकार ने पुलिस व्यवस्था में सुधार के साथ कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए। योगी आदित्यनाथ ने कहा, "आप अनुमान करिए, क्या 2017 के पहले कोई बेटी रात्रि को जाने का साहस कर पाती थी क्या? यानी सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त, यही दिनचर्या होती थी किसी बेटी की, किसी बहन की, किसी माता की। और देर शाम भी नहीं निकल सकती थी और उससे पहले भी नहीं निकल सकती थी।" उन्होंने पुलिस भर्ती प्रक्रिया में समयबद्धता और विभाग में किए गए सुधारों को भी बदलाव का हिस्सा बताया। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने 2017 में पुलिस लाइन के अचानक किए गए दौरे का अनुभव भी साझा किया। उन्होंने बताया कि उस समय पुलिसकर्मियों के रहने की स्थिति देखने के लिए वह बिना किसी पूर्व सूचना के वहां पहुंचे थे। एक जर्जर बैरक में दो पुलिसकर्मी आराम कर रहे थे। उनकी चारपाइयां टूटी हुई थीं और छत की हालत इतनी खराब थी कि दिन में भी आसमान दिखाई देता था। योगी ने बताया कि उन्हें अचानक सामने देखकर दोनों जवान हैरान रह गए। उन्होंने जवानों से आराम जारी रखने को कहा और बताया कि वह केवल उनकी रहने की व्यवस्था देखने आए हैं। इस दौरान डीजीपी और होम सेक्रेटरी भी मौके पर पहुंच गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी अनुभव के बाद उनकी सरकार ने पुलिस की आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून का राज स्थापित करने के लिए पुलिसकर्मियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना जरूरी है। इसी क्रम में पुलिस इंफ्रास्ट्रक्चर में किए गए बदलावों का उल्लेख करते हुए योगी ने दावा किया कि आज उत्तर प्रदेश के 56 जिलों में सबसे ऊंची इमारत यूपी पुलिस की है और उसका निर्माण पुलिसकर्मियों के लिए किया गया है। 

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