विकास कार्यों में समयबद्धता और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं: मुख्यमंत्री योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लोक निर्माण विभाग की वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना की समीक्षा की, विभागीय कमियों अथवा ठेकेदारों की गलतियों का दायित्व जनप्रतिनिधियों का नहीं: मुख्यमंत्री

YUGVARTA NEWS

YUGVARTA NEWS

Lucknow, 20 May, 2026 09:21 PM
विकास कार्यों में समयबद्धता और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं: मुख्यमंत्री योगी

20 मई, लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लोक निर्माण विभाग की वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की। इस दौरान प्रदेश के सभी जिलाधिकारी, मंत्री एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विकास कार्यों में मानक, गुणवत्ता और समयबद्धता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक जिले से स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास प्रस्ताव तैयार कर एक सप्ताह के अंदर भेजा जाए, जून के प्रथम सप्ताह में कार्ययोजना को शासन से स्वीकृति मिल जाएगी। इसके लिए जिलाधिकारी जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक करें और विकास योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर अंतिम रूप दें।


मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कार्यों का भूमि पूजन एवं शिलान्यास संबंधित जनप्रतिनिधियों के कर कमलों से ही कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विभागीय कमियों अथवा ठेकेदारों की गलतियों का दायित्व जनप्रतिनिधियों का नहीं है। विकास कार्यों की गुणवत्ता और निर्धारित समय में कार्यों को पूर्ण कराना विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि कनेक्टिविटी और मजबूत अवस्थापना किसी भी राज्य की आर्थिक प्रगति की जीवनरेखा होती है। सड़क, पुल और संपर्क मार्ग केवल आवागमन के साधन नहीं होते, बल्कि वे व्यापार, रोजगार और सामाजिक विकास को गति देने का माध्यम भी बनते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रस्ताव तैयार करते समय “पिक एंड चूज” की प्रवृत्ति से बचा जाए और हर क्षेत्र की आवश्यकता को समान महत्व दिया जाए।


मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों और मुख्य विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद में संचालित प्रत्येक परियोजना के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए, जो नियमित रूप से कार्य की प्रगति की निगरानी करे और गुणवत्ता सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष स्वीकृत परियोजनाओं की समीक्षा कर उनकी प्रगति रिपोर्ट समय पर शासन को भेजी जाए। साथ ही लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए गए कि प्रत्येक जनपद में अलग से टीम भेजकर कार्यों का स्थलीय निरीक्षण और स्वतंत्र समीक्षा कराई जाए।


बैठक में मुख्यमंत्री ने आपात परिस्थितियों के दृष्टिगत हेलीपैड निर्माण को भी आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा, स्वास्थ्य आपातकाल अथवा अन्य संकट की स्थिति में हेलीपैड अत्यंत उपयोगी सिद्ध होते हैं। इसके मद्देनज़र प्रत्येक ब्लॉक, तहसील और जिला मुख्यालय के निकट हेलीपैड बनाए जाएं। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि इनके रखरखाव की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग निभाए और इनके प्रयोग के लिए निर्धारित शुल्क व्यवस्था भी विकसित की जाए।


मुख्यमंत्री ने वैश्विक परिस्थितियों के कारण ईंधन एवं बिटुमेन की उपलब्धता पर पड़ रहे प्रभाव का उल्लेख करते हुए लोक निर्माण विभाग को तकनीकी नवाचार अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बदलती परिस्थितियों के अनुरूप विभाग को कार्यप्रणाली में व्यावहारिक सुधार लाने होंगे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि दो किलोमीटर तक के ग्रामीण मार्गों पर आवश्यकता अनुसार गुणवत्तापूर्ण सीसी रोड का निर्माण कराया जाए। साथ ही बिटुमेन की खपत कम करने के लिए जीएसबी के स्थान पर सीटीएसबी (सीमेंट ट्रीटेड सबबेस) तथा डब्ल्यूएमएम के स्थान पर सीमेंट ट्रीटेड बेस तकनीक को प्राथमिकता से अपनाया जाए, ताकि सड़क निर्माण अधिक टिकाऊ और किफायती बन सके।


मुख्यमंत्री ने नगर विकास विभाग की “सीएम ग्रिड” योजना की सराहना करते हुए कहा कि यह शहरी कनेक्टिविटी को मजबूत करने की महत्वपूर्ण पहल है, लेकिन इसकी गति और तेज करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि नगर विकास विभाग स्थानीय जरूरतों के अनुरूप प्रस्ताव तैयार करे और यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रदेश के प्रत्येक मोहल्ले और कॉलोनी तक बेहतर सड़क और संपर्क व्यवस्था पहुंचे।


बैठक के दौरान लोक निर्माण विभाग की ओर से विस्तृत प्रस्तुतीकरण भी दिया गया। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि विभाग के 17 मदों के अंतर्गत चालू वित्तीय वर्ष 2026-2027 के लिए अब तक 30,000 से अधिक प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी प्रस्तावों की प्राथमिकता तय कर योजनाओं को चरणबद्ध और समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारा जाए, ताकि विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।


इस अवसर पर केंद्रीय पशुपालन और डेयरी राज्य मंत्री श्री एस पी सिंह बघेल, उत्तर प्रदेश के वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री अरुण कुमार सक्सेना व लोक निर्माण राज्य मंत्री श्री ब्रजेश सिंह तथा विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव तथा वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

सर्वाधिक पसंद

Leave a Reply

comments

Loading.....
  1. No Previous Comments found.

moti2