अयोध्या की आड़ में देश की अस्मिता व आस्था पर प्रहार: मुख्यमंत्री योगी
गरीबों के हक पर डकैती डालने और हनुमानगढ़ी जैसे पवित्र स्थल पर नमाज पढ़वाने का कुत्सित प्रयास करने वाले बना रहे हिंदू धामों को निशाना
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 14 Jul, 2026 04:57 PMलखनऊ, 14 जुलाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिनके लिए राष्ट्र सर्वोपरि नहीं है, वे देश की अस्मिता व आस्था पर लगातार प्रहार कर रहे हैं। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के मामले में ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआईटी निष्पक्ष जांच कर रही है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। नैतिक आधार पर इस्तीफे भी हुए हैं। लेकिन, इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना की आड़ में जो लोग आस्था के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश कर रहे हैं, हिंदू धामों पर प्रहार कर रहे हैं, ये वही लोग हैं जो गरीबों के हक पर डकैती डालते थे और हनुमानगढ़ी जैसे पवित्र स्थल पर नमाज पढ़वाने का कुत्सित प्रयास करते थे। मुख्यमंत्री ने जनता से राष्ट्रीय मूल्यों को ठेस पहुंचाने वाली ऐसी ताकतों से सजग रहने की अपील की।
मुख्यमंत्री मंगलवार को एक निजी समाचार चैनल के विशेष कॉन्क्लेव ‘ऊंचाइयों पर यूपी’ को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने पिछले नौ वर्षों से अधिक समय के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश में आए युगांतकारी परिवर्तनों और उपलब्धियों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और डबल इंजन सरकार के दृढ़ संकल्प से आज उत्तर प्रदेश ‘बीमारू’ राज्य की श्रेणी से बाहर निकलकर देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो चुका है।
बेटियों को यूपी से बाहर भेज देते थे लोग
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी में 2017 से पहले हर तीसरे दिन दंगा होता था, महीनों तक कर्फ्यू रहता था। बेटियां और व्यापारी सुरक्षित नहीं थे। 35 से अधिक ऐसे जनपद थे, जहां लोग अपनी बेटियों को यूपी के बाहर हॉस्टल या रिश्तेदारों के घर भेजकर पढ़ाई कराते थे। कई परिवार सुरक्षा के डर से बेटियों को स्कूल भेजना ही बंद कर देते थे। व्यापारी को यह भरोसा नहीं होता था कि वह सुरक्षित घर लौट पाएगा या नहीं। किसान अपने खेत में जाने से भी डरता था।
विस्फोटों से जुड़ता था यूपी का नाम
मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय देश में कहीं भी विस्फोट होता था तो उत्तर प्रदेश का नाम उससे जोड़ दिया जाता था। पिछली सरकारों में दंगाइयों को मुख्यमंत्री आवास बुलाकर सम्मानित किया जाता था। माफियाओं के सामने सरकारें नतमस्तक हो जाती थीं। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को यह सच्चाई बताना जरूरी है। पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश की पहचान दंगा, कर्फ्यू और उपद्रव मुक्त राज्य के रूप में बनी है। आज प्रदेश में बेटियां, व्यापारी और आम नागरिक स्वयं को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
यूपी को मिले 50 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि प्रदेश में सुरक्षा का वातावरण नहीं बना होता तो कोई निवेशक यहां नहीं आता। वर्ष 2017 में सरकार बनने के बाद निवेश को बढ़ावा देने के लिए नई औद्योगिक नीतियां लागू की गईं। आज उत्तर प्रदेश को 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें से 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश धरातल पर उतर चुके हैं।
उन्होंने कहा कि 2017 से पहले लखनऊ की चिकनकारी, फिरोजाबाद का ग्लास उद्योग, मुरादाबाद का पीतल उद्योग, मेरठ का खेल उद्योग, भदोही का कालीन और वाराणसी का साड़ी उद्योग संकट में था। सरकार ने ‘एक जिला-एक उत्पाद (ओडीओपी)’ योजना के माध्यम से इन पारंपरिक उद्योगों को नई पहचान दिलाई। वर्तमान में प्रदेश में 96 लाख एमएसएमई इकाइयां संचालित हैं, जिनमें सवा तीन करोड़ युवाओं को रोजगार मिला है। उत्तर प्रदेश से दो लाख करोड़ रुपये से अधिक के ओडीओपी उत्पादों का निर्यात हो रहा है।
राज्य बीमारू नहीं, बीमार थी मानसिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों के दौरान पिछड़ापन, अव्यवस्था, दंगे, गुंडागर्दी, कर्फ्यू और बेरोजगारी ही उत्तर प्रदेश की पहचान बन गए थे। इसका सबसे बड़ा खामियाजा युवाओं और किसानों को भुगतना पड़ा। सरकार बनने के बाद पहली कैबिनेट बैठक में किसानों को राहत देने का निर्णय लिया गया, जबकि उस समय प्रदेश का खजाना खाली था। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश बीमारू नहीं था, बल्कि शासन चलाने वाली मानसिकता बीमार थी।
आज यूपी का बजट 9 लाख करोड़ रुपये से अधिक
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश का बजट 3 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 9 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। वर्ष 2016-17 में प्रदेश की जीएसडीपी 12 लाख करोड़ रुपये थी, जो अब बढ़कर 36 लाख करोड़ रुपये हो गई है। प्रति व्यक्ति आय 43 हजार रुपये से बढ़कर 1.20 लाख रुपये से अधिक पहुंच चुकी है। महिला कार्यबल की भागीदारी 12 प्रतिशत से बढ़कर 38 प्रतिशत से अधिक हो गई है, जबकि बेरोजगारी दर 19 प्रतिशत से घटकर 3 प्रतिशत से कम रह गई है।
यूपी ने रची विकास की महागाथा
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क में लगभग 60 प्रतिशत हिस्सेदारी उत्तर प्रदेश की है। पूर्वांचल, बुंदेलखंड, गोरखपुर लिंक और गंगा एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाएं प्रदेश की नई पहचान बनी हैं। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे भी शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा कि देश का पहला इनलैंड वॉटरवे, रैपिड रेल, रोपवे परियोजनाएं, सबसे अधिक एयरपोर्ट, मेट्रो नेटवर्क और सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क उत्तर प्रदेश के विकास की नई तस्वीर प्रस्तुत कर रहे हैं।
गन्ना, चीनी और एथेनॉल उत्पादन में नंबर-1 यूपी
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश में गन्ना, चीनी और एथेनॉल उत्पादन में प्रथम स्थान पर है। वर्ष 2017 से अब तक किसानों के खातों में 3.23 लाख करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य भुगतान किया जा चुका है। प्रदेश में 122 चीनी मिलों का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हाल ही में आयोजित आम महोत्सव के माध्यम से उत्तर प्रदेश के आम की वैश्विक स्तर पर नई पहचान बनी है।
24 लाख हेक्टेयर भूमि को मिली सिंचाई सुविधा
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में 24 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई गई है। बाणसागर, अर्जुन सहायक और सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना जैसी वर्षों से लंबित परियोजनाओं को पूरा कर किसानों को लाभ पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा कि किसानों को प्रतिदिन 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जा रही है और समृद्ध किसान ही समृद्ध प्रदेश की आधारशिला है।
9 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में 9 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। अकेले उत्तर प्रदेश पुलिस में 2.25 लाख से अधिक भर्ती की गई हैं। वर्ष 2017 से पहले पुलिस बल में लगभग 10 हजार महिला पुलिसकर्मी थीं, जिनकी संख्या अब बढ़कर 45 हजार हो गई है।
16 करोड़ गरीबों को मुफ्त राशन का लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 16 करोड़ लाभार्थियों को मुफ्त राशन योजना का लाभ मिल रहा है। 1.6 करोड़ परिवारों को विभिन्न पेंशन योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। 25 लाख से अधिक महिलाओं और बालिकाओं को मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना तथा 5 लाख से अधिक माताओं को प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना का लाभ मिला है। वहीं 6 लाख से अधिक बेटियों का विवाह मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत कराया जा चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं ने गरीब और जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य किया है।



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