चित्रकूट से लखनऊ और दिल्ली की हवाई सेवा बहुत जल्द: सीएम योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया चित्रकूट में ₹951 करोड़ की 124 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास, डबल इंजन सरकार में चित्रकूट बना आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और भौतिक विकास का नया केंद्र: मुख्यमंत्री

YUGVARTA NEWS

YUGVARTA NEWS

Lucknow, 8 Jul, 2026 08:04 PM
चित्रकूट से लखनऊ और दिल्ली की हवाई सेवा बहुत जल्द: सीएम योगी

चित्रकूट, 08 जुलाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बहुत जल्द नए एयरक्राफ्ट आने के साथ ही चित्रकूट को दिल्ली व लखनऊ से सीधी वायु सेवा से जोड़ दिया जाएगा। वर्ष 2017 से पहले की सरकारों ने चित्रकूट के सामने पहचान का संकट खड़ा कर दिया था। यहां भय व अव्यवस्था का माहौल था। लेकिन, डबल इंजन सरकार के प्रयासों से चित्रकूट बदल चुका है। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे यहां की लाइफलाइन बन चुका है और भरतकूप से आगे के निर्माण कार्य को युद्ध स्तर पर आगे बढ़ाया जा रहा है।


मुख्यमंत्री बुधवार को जनपद चित्रकूट में ₹951 करोड़ की लागत वाली 124 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करने के उपरांत जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने चित्रकूट को भारत की पौराणिक और आध्यात्मिक विरासत का महान प्रतीक बताया। साथ ही कहा कि प्रभु श्रीराम के वनवास काल का सबसे बड़ा संबल यही पावन धरा रही है।


शस्त्र व शास्त्र संधान का केंद्र बनेगा चित्रकूट-


मुख्यमंत्री ने कहा कि हजारों वर्ष पहले भगवान राम ने इसी धरा से संपूर्ण भारत को सुरक्षित करने का संकल्प लिया था। उसी संकल्प को आगे बढ़ाते हुए चित्रकूट में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर का काम तेजी से चल रहा है, जहां जल्द ही एक बड़ी औद्योगिक यूनिट का निवेश होने जा रहा है। मुख्यमंत्री ने गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में कल इंडोनेशिया के साथ हुए समझौते के तहत उत्तर प्रदेश में बनने वाली ब्रह्मोस मिसाइल अब निर्यात की जाएगी, जो रक्षा क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता को दर्शाती है। इसके साथ ही जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय को राज्य विश्वविद्यालय का दर्जा देकर शिक्षा और विकास को नई गति दी गई है। शस्त्र व शास्त्र संधान का कोई क्षेत्र बनेगा तो वह चित्रकूट ही होगा। सीएम ने चित्रकूट इंटर कॉलेज के प्रबंधन और वहां पढ़ रहे 7,000 से अधिक छात्र-छात्राओं की सराहना करते हुए कहा कि यही युवा 'विकसित चित्रकूट' और 'विकसित भारत 2047' की आधारशिला बनेंगे।


अयोध्या-चित्रकूट को बदनाम करने की साजिश-


मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि जो पार्टियां प्रभु राम व कृष्ण को काल्पनिक बताती थीं, वे आज राजनीतिक स्वार्थ के लिए अयोध्या व चित्रकूट को बदनाम करने की साजिश रच रही हैं। पिछली सरकारें जनता के टैक्स का पैसा कब्रिस्तान की बाउंड्रीवॉल और वक्फ के नाम पर जमीनों पर अवैध कब्जे कराने में गंवाती थीं, जबकि भाजपा सरकार महर्षि वाल्मीकि के लालापुर आश्रम, संत तुलसीदास की जन्मभूमि राजापुर, मंदाकिनी तट और कामदगिरि परिक्रमा मार्ग के सौंदर्यीकरण पर निवेश कर रही है। सपा शासनकाल में कब्जाई गई 64,000 एकड़ सरकारी और गरीबों की भूमि को मुक्त कराकर वहां विश्वविद्यालय, अस्पताल और उद्योग स्थापित किए जा रहे हैं।


लोक कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ-


मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार बिना किसी भेदभाव के समाज के हर वर्ग तक विकास पहुंचा रही है। प्रदेश में 9.5 लाख नौजवानों को पूरी पारदर्शिता से सरकारी नौकरियां दी गई हैं। गरीबों को मुफ्त राशन, आवास, शौचालय, बिजली कनेक्शन, रसोई गैस और ₹5 लाख तक का आयुष्मान स्वास्थ्य कवच दिया जा रहा है। चित्रकूट में आध्यात्मिक टूरिज्म के साथ-साथ रानीपुर टाइगर रिजर्व के माध्यम से इको-टूरिज्म का एक नया केंद्र विकसित किया जा रहा है।


चित्रकूट आने से डरते थे समाजवादी-


सीएम ने कहा कि वर्ष 2022 में चित्रकूट में भाजपा का कोई विधायक होता तो यह भी अयोध्या, काशी और प्रयागराज की तरह चमक रहा होता। 2024 में अगर सांसद भी भाजपा का जीता होता तो पूरा संसदीय क्षेत्र व चित्रकूट और तेज गति से आगे बढ़ रहा होता। जिस विचारधारा की सरकार हो, वहां का विधायक-सांसद भी उसी विचारधारा का हो, तो विकास कार्यों में बाधा नहीं आती है। खुद को समाजवादी कहने वाले चित्रकूट आने के नाम पर डरते थे। वे डॉ. लोहिया के नाम पर राजनीति करते हुए परिवार को आगे बढ़ाते हैं। सत्ता में आने पर केवल परिवार के लिए काम करते हैं। उन्हें सैफई परिवार से आगे कुछ दिखाई नहीं देता, न उससे ज्यादा कुछ सोच सकते हैं। उनकी विकास से जुड़ी कोई सोच नहीं थी। इन लोगों ने परिवारवाद-वंशवाद को आगे बढ़ाया और समाज में विद्वेष पैदा करने का काम किया। आज भी उसी तर्ज पर काम कर रहे हैं।


सपा ने बाबर-औरंगजेब को माना आदर्श-


सीएम ने कहा कि कभी डॉ. लोहिया के कारण चित्रकूट और प्रदेश के अन्य भागों में रामायण मेलों का शुभारंभ हुआ था। आज की समाजवादी पार्टी राम से दूरी बनाकर बाबर व औरंगजेब को अपना आदर्श मानती है। भगवान राम और श्रीकृष्ण के प्रति उसकी आस्था नहीं है। ये लोग भारत की विरासत का सम्मान नहीं कर सकते। चार-चार बार समाजवादी पार्टी की सरकार बनी, लेकिन विकास के लिए उसके पास विजन नहीं था।


श्रीराम व श्रीकृष्ण को काल्पनिक कहने वालों से सवाल-


सीएम ने कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी अचानक सक्रिय हो गईं। जो जन्मजात अयोध्या को कोसने वाले लोग थे, उनको एक मुद्दा मिल गया। जब कांग्रेस की केंद्र में सरकार थी, उसने रामसेतु को तोड़ने के लिए शरारत शुरू की थी। उस समय सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस ने एक शपथपत्र दाखिल किया था कि भगवान राम काल्पनिक हैं। राम व कृष्ण को काल्पनिक कहने वाले किस मुंह से अयोध्या के बारे में आस्था की बात कर रहे हैं।


भारत की आस्था को आहत करने का ठेका लिया-


सीएम योगी ने अयोध्या मंदिर चढ़ावा और उससे जुड़ी एसआईटी जांच का उल्लेख करते हुए कहा कि लगभग 150 लोग मंदिर में चढ़ावे की काउंटिंग में शामिल थे। एसआईटी जांच में केवल 6 लोग इसमें चोरी करते हुए पाए गए। 2 अन्य साजिश का हिस्सा थे, यानी कुल 8 लोग दोषी हुए। एसआईटी रिपोर्ट के बाद मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की गई। पूरे ट्रस्ट को बदनाम करने, पूरी अयोध्या पर अंगुली उठाने और प्रभु श्रीराम की विरासत को अपमानित करने का कोई औचित्य नहीं है। कांग्रेस व समाजवादी पार्टी ने भारत की पूरी आस्था को आहत करने और उस पर प्रहार करने का ठेका लिया है।


इस अवसर पर लोक निर्माण विभाग राज्य मंत्री कुंवर बृजेश सिंह, मानिकपुर विधायक अविनाश चंद्र द्विवेदी, विधान परिषद सदस्य जितेंद्र सिंह सेंगर, डॉ. बाबू लाल तिवारी, पूर्व मंत्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय, पूर्व सांसद आर.के. सिंह पटेल, भैरव प्रसाद मिश्रा, रमेश चंद्र द्विवेदी, पूर्व विधायक आनंद शुक्ला, जिला पंचायत अध्यक्ष अशोक जाटव, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष नरेंद्र गुप्ता, भाजपा जिलाध्यक्ष महेंद्र कोटारिया समेत कई नेता व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

सर्वाधिक पसंद

Leave a Reply

comments

Loading.....
  1. No Previous Comments found.

moti2