सीएम योगी की ‘पाती’ में कांवड़ियों के लिए संदेश, भक्ति के साथ समरसता और सेवा का संकल्प

कांवड़ यात्रा को बताया सामाजिक समरसता की जीवंत पाठशाला, पर्यावरण-अनुकूल कांवड़ अपनाने और प्लास्टिक मुक्त जीवन का लिया संकल्प लेने का किया आह्वान

YUGVARTA NEWS

YUGVARTA NEWS

Lucknow, 10 Aug, 2026 11:09 AM
सीएम योगी की ‘पाती’ में कांवड़ियों के लिए संदेश, भक्ति के साथ समरसता और सेवा का संकल्प

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांवड़ियों के नाम लिखी अपनी ‘पाती’ में कांवड़ यात्रा को समरसता का महापर्व बताते हुए इसे केवल धार्मिक अनुष्ठान न मानकर समाज और संस्कृति की जीवंत पाठशाला बताया है। उन्होंने लिखा कि कांवड़ यात्रा करोड़ों श्रद्धालुओं को भगवान शिव की भक्ति के सूत्र में जोड़ती है और इस दौरान जाति, वर्ग, भाषा और क्षेत्र के भेद गौण हो जाते हैं।



मुख्यमंत्री ने अपनी पाती में लिखा कि भगवा वस्त्र, कंधे पर कांवड़ और हृदय में भोलेनाथ की भक्ति हर कांवड़िए की पहचान है। पैदल चलते कदम अलग हो सकते हैं, लेकिन सभी का लक्ष्य एक ही है—महादेव का जलाभिषेक।

उन्होंने लिखा कि कांवड़ यात्रा सनातन संस्कृति के समभाव और सामाजिक समरसता का जीवंत उदाहरण है। “तप से चरित्र दमकता है, सेवा से समाज संवरता है और एकता से राष्ट्र निखरता है”—इस भाव के साथ उन्होंने कांवड़ यात्रा को सेवा, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़ने का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री ने दिव्यांग शिवभक्तों के समर्पण का उल्लेख करते हुए लिखा कि उनका उत्साह और आस्था देखकर मन श्रद्धा से भर उठता है।

कांवड़ियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए सरकार प्रतिबद्ध

मुख्यमंत्री ने अपनी पाती में लिखा कि कांवड़ियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए उत्तर प्रदेश सरकार कृतसंकल्पित है। कांवड़ यात्रा मार्गों पर स्वच्छता, पेयजल, चिकित्सा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। शिवभक्तों के स्वागत के लिए पुष्पवर्षा सहित यात्रा मार्गों पर विशेष इंतजाम किए गए हैं।

उन्होंने लिखा कि शिवभक्तों की सुगम यात्रा के लिए प्रभावी यातायात प्रबंधन और सतत निगरानी की व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा को सामाजिक उत्तरदायित्व और सेवा का उत्सव बनाने का आह्वान भी किया।

पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेने की अपील

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांवड़ियों से पर्यावरण-अनुकूल कांवड़ अपनाने और प्लास्टिक मुक्त जीवन का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने लिखा कि आस्था के साथ प्रकृति और पर्यावरण की रक्षा भी सामाजिक जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने कांवड़ियों से यात्रा के दौरान एंबुलेंस और विद्यालय वाहनों को प्राथमिकता देने की अपील भी की, ताकि आपातकालीन सेवाओं और विद्यार्थियों के आवागमन में किसी प्रकार की बाधा न आए।

अपनी पाती में मुख्यमंत्री ने लिखा कि श्रद्धा, अनुशासन, संयम और सेवा ही कांवड़ यात्रा की आत्मा हैं। उन्होंने कहा कि भगवान शिव लोकमंगल के प्रतीक हैं और कांवड़ यात्रा उनके लोककल्याण के संदेश को आगे बढ़ाने का माध्यम है।

#CMYogi #YogiAdityanath #KanwarYatra2026 #KawadYatra #UttarPradesh #ShivBhakti #SamajikSamarasta #SanatanSanskriti


सर्वाधिक पसंद

Leave a Reply

comments

Loading.....
  1. No Previous Comments found.

moti2