‘ऑपरेशन सिंदूर में जो ब्रह्मोस चली थी न...’, योगी का संदेश- डिफेंस मैन्यूफैक्चरिंग यूपी का नया ब्रांड

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Lucknow, 23 Feb, 2026 10:27 PM
‘ऑपरेशन सिंदूर में जो ब्रह्मोस चली थी न...’, योगी का संदेश- डिफेंस मैन्यूफैक्चरिंग यूपी का नया ब्रांड

सिंगापुर : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सिंगापुर और जापान की यात्रा पर हैं। अपनी यात्रा के पहले दिन उन्होंने सिंगापुर में भारतीय प्रवासी समुदाय को संबोधित किया। CM योगी आदित्यनाथ ने मंच से एक ऐसी बात कही जिसने उत्तर प्रदेश की डिफेंस मैन्यूफैक्चरिंग के उद्देश्य को वैश्विक पटल पर स्पष्ट शब्दों में बयान किया। 


CM योगी ने कहा- ‘ऑपरेशन सिंदूर के अंदर जो ब्रह्मोस मिसाइल दागी गई थी ना, वह लखनऊ की ही है।’ सिंगापुर की धरती पर योगी का यह एक वाक्य पूरी दुनिया के लिए संदेश है। यह भारत की रक्षा क्षमता, आत्मनिर्भरता और उत्तर प्रदेश के उभरते औद्योगिक सामर्थ्य का वैश्विक मंच पर प्रदर्शन भी था। उन्होंने जिस आत्मविश्वास के साथ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और ब्रह्मोस मिसाइल का जिक्र किया, उसने इस चर्चा को स्थानीय सीमाओं से निकालकर अंतरराष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बना दिया।


ब्रांड यूपी की दबंग दस्तक-


आज के बदलते भू-राजनीतिक माहौल में रक्षा क्षेत्र केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह किसी भी राष्ट्र की तकनीकी क्षमता, आर्थिक ताकत और रणनीतिक प्रभाव का भी सूचक बन चुका है। ऐसे समय में, जब सिंगापुर में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ब्रह्मोस जैसी मिसाइल अब लखनऊ में बन रही है, तो यह केवल एक वक्तव्य नहीं था, बल्कि ‘ब्रांड यूपी’ की दबंग दस्तक की स्प्ष्ट उद्घोषणा थी।


ब्रह्मोस इसलिए है 'ब्रह्मास्त्र'-


ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल को यूं ही ‘भारत का देसी ब्रह्मास्त्र’ नहीं कहा जाता। लगभग 3 मैक की रफ्तार से उड़ने वाली यह मिसाइल करीब 800 किलोमीटर की दूरी तक सटीक वार करने में सक्षम है। इसकी सबसे बड़ी ताकत इसकी अचूक निशाना, हवा में मार्ग बदलने की क्षमता और दुश्मन के रडार को चकमा देने की तकनीक है। यही वजह है कि इसे दुनिया की सबसे खतरनाक और प्रभावी सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में गिना जाता है।


‘ऑपरेशन सिंदूर’ के संदर्भ में इसका जिक्र इस बात को रेखांकित करता है कि भारत अब केवल रक्षा उपकरणों का आयातक देश नहीं रहा, बल्कि वह उन्नत हथियार प्रणालियों का निर्माता और निर्यातक बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। योगी आदित्यनाथ के बयान में जब यह कहा गया कि इस मिसाइल ने पाकिस्तान में आतंकियों और एयरबेस को नेस्तनाबूद कर दिया, तो यह संदेश भी स्पष्ट था कि भारत की सैन्य क्षमता अब निर्णायक और सटीक कार्रवाई करने में सक्षम है। 


‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जिक्र के मायने-


इस पूरी चर्चा का दूसरा महत्वपूर्ण पहलू उत्तर प्रदेश का डिफेंस कॉरिडोर है। योगी आदित्यनाथ ने सिंगापुर में जिस तरह से यूपी के डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर को प्रमोट किया, वह राज्य को रक्षा उत्पादन के बड़े केंद्र के रूप में स्थापित करने की रणनीति का हिस्सा है। छह नोड्स में विकसित हो रहा यह कॉरिडोर लखनऊ, कानपुर, झांसी, आगरा, चित्रकूट और अलीगढ़ जैसे शहरों को रक्षा उत्पादन के नक्शे पर ला रहा है।


लखनऊ में ब्रह्मोस का निर्माण केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि यह उस बदलाव का प्रतीक है जिसमें उत्तर प्रदेश ‘बीमारू राज्य’ की छवि से निकलकर ‘डिफेंस इंडस्ट्रियल हब’ बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इससे न केवल निवेश आकर्षित होगा, बल्कि उच्च कौशल वाले रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।सिंगापुर में इस मुद्दे को उठाने के पीछे एक स्पष्ट रणनीति दिखाई देती है। 


सिंगापुर में ब्रह्मोस और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की चर्चा के जरिए योगी आदित्यनाथ ने जहां भारत की सैन्य ताकत को वैश्विक मंच पर स्थापित करने का प्रयास किया, वहीं एमओयू के माध्यम से उन्होंने यह भी दिखाया कि उत्तर प्रदेश निवेश, विकास और रोजगार के नए युग में प्रवेश कर चुका है। यह ‘दबंग दस्तक’ केवल रक्षा क्षेत्र तक सीमित नहीं, बल्कि समग्र विकास की कहानी कहती है- जिसके मूल में ब्रह्मोस की रफ्तार के साथ-साथ तीव्र गति से हो रहा विकास भी समाहित है।

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