UGC नियमों पर सियासत तेज: ओवैसी का मोदी सरकार पर आरोप
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 6 Feb, 2026 06:35 PMहैदराबाद | 6 फरवरी 2026 एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (यूजीसी) के नियमों को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर कड़ा हमला बोला है। तेलंगाना के भैंसा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार जातिगत भेदभाव खत्म करने के अपने दावों में पूरी तरह नाकाम रही है। ओवैसी ने खास तौर पर दलित और पिछड़े वर्ग के लोगों से सतर्क रहने की अपील की। ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि पीएम खुद को पिछड़े वर्ग का सबसे बड़ा नेता बताते हैं, लेकिन उनकी सरकार उच्च शिक्षा में भेदभाव रोकने वाले नियमों का समर्थन नहीं कर सकी। उन्होंने कहा, “यूजीसी के नियम शिक्षण संस्थानों में भेदभाव रोकने के लिए बनाए गए थे। इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई और इस पर रोक लग गई।” ओवैसी ने यह भी कहा कि सरकार कोर्ट में यह तक नहीं बता पाई कि रोहित वेमुला की मौत क्यों हुई या महाराष्ट्र में एक आदिवासी डॉक्टर की जान कैसे गई। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी रेगुलेशन 2026 पर फिलहाल रोक लगा दी है। इन नियमों के तहत कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में एससी, एसटी और ओबीसी छात्रों की शिकायतों के समाधान के लिए विशेष समितियां और हेल्पलाइन बनाने का प्रावधान था। इन नियमों को लेकर देशभर में विवाद हुआ और कुछ वर्गों ने इसे सामान्य श्रेणी के खिलाफ बताया। ओवैसी ने इसी मंच से तेलंगाना के आगामी नगर पालिका चुनावों को लेकर भी बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि एआईएमआईएम के खिलाफ भाजपा और कांग्रेस के बीच गुप्त समझौता हुआ है। उन्होंने कहा कि भैंसा के वार्ड नंबर 15 में भाजपा ने अपना उम्मीदवार वापस लेकर कांग्रेस को समर्थन देने की अपील की है। ओवैसी का यह बयान राज्य में 11 फरवरी को होने वाले मतदान से ठीक पहले आया है, जिससे चुनावी माहौल और गरमा गया है। UGC नियमों पर ओवैसी का हमला, बोले— “भेदभाव रोकने में मोदी सरकार नाकाम” एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने यूजीसी नियमों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया है। तेलंगाना के भैंसा में एक जनसभा के दौरान उन्होंने कहा कि सरकार जाति के आधार पर होने वाले भेदभाव को खत्म करने में असफल रही है। ओवैसी ने दलित और पिछड़े वर्ग के लोगों से सतर्क रहने की अपील भी की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए ओवैसी ने कहा कि पीएम खुद को पिछड़े वर्ग का बड़ा नेता बताते हैं, लेकिन हकीकत कुछ और है। उन्होंने कहा, “यूजीसी के नियम शिक्षण संस्थानों में भेदभाव रोकने के लिए बनाए गए थे। इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई और इस पर रोक लग गई।” ओवैसी का आरोप है कि सरकार इन नियमों का मजबूती से बचाव तक नहीं कर पाई। ओवैसी ने यह भी कहा कि यही वह सरकार है जो कोर्ट को यह नहीं बता सकी कि रोहित वेमुला की मौत क्यों हुई या महाराष्ट्र में एक आदिवासी डॉक्टर की जान कैसे गई। उन्होंने कहा कि अगर सरकार सच में सामाजिक न्याय चाहती, तो ऐसे मामलों पर उसकी जवाबदेही साफ नजर आती। इसके साथ ही ओवैसी ने आने वाले नगर पालिका चुनावों को लेकर भाजपा और कांग्रेस पर मिलीभगत का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि भैंसा के वार्ड नंबर 15 में भाजपा ने उम्मीदवार हटाकर कांग्रेस का समर्थन किया है। ओवैसी का यह बयान चुनाव से ठीक पहले आया है, जिससे तेलंगाना की सियासत और तेज हो गई है।


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