नेपाल फ्लैश फ्लड: भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 27 Aug, 2026 10:32 AMनई दिल्ली, 27 अगस्त 2026
नेपाल में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद भारत ने राहत और बचाव अभियान में सहयोग के लिए 10 टन मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (एचएडीआर) सामग्री और जरूरी दवाएं भेजीं। प्राकृतिक आपदाओं के दौरान फर्स्ट रिस्पॉन्डर की अपनी भूमिका को आगे बढ़ाते हुए भारत ने मेडिकल सप्लाई सहित राहत सामग्री प्रभावित लोगों तक पहुंचाने की पहल की। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि इस त्रासदी में जान गंवाने वालों के परिजनों के प्रति भारत की संवेदनाएं हैं और इस कठिन समय में भारत नेपाल और उसके लोगों के साथ खड़ा है।
विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, भारतीय वायुसेना का सी-130जे विमान राहत सामग्री लेकर नेपाल के लिए रवाना हुआ। इसमें अस्थायी आश्रय सामग्री, कंबल, स्वच्छता किट, सोलर लैंप और जरूरी दवाएं शामिल हैं। भारतीय वायुसेना ने एक्स पर बताया कि नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद तत्काल एक सी-130जे विमान भेजा गया है, जिसमें 10 टन जरूरी राहत सामग्री और मेडिकल सप्लाई है। वायुसेना ने कहा कि सी-17 और सी-130 विमानों के जरिए आगे भी राहत सामग्री पहुंचाई जाएगी, जबकि बचाव और लोगों को सुरक्षित निकालने के अभियानों के लिए हेलिकॉप्टर भी तैनात किए गए हैं।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह से फोन पर बात कर बाढ़ में हुई जनहानि पर शोक व्यक्त किया था। मोदी ने नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता देने का भरोसा दिया और कहा कि भारत के लोग इस कठिन घड़ी में नेपाल के अपने भाई-बहनों के साथ एकजुटता से खड़े हैं। प्रधानमंत्री ने राहत और बचाव कार्यों में हर संभव सहायता देने की प्रतिबद्धता दोहराई और बताया कि दोनों देशों की टीमें आपदा के बीच राहत एवं बचाव प्रयासों में समन्वय के साथ काम कर रही हैं।
नई दिल्ली स्थित नेपाल दूतावास के मुताबिक, इस त्रासदी का दायरा काफी बड़ा है और कई विदेशी नागरिकों सहित बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता हैं। फिलहाल खोज एवं बचाव अभियान चलाकर लोगों की जान बचाना और प्रभावित लोगों तक जरूरी सहायता पहुंचाना प्राथमिकता बनी हुई है। बुधवार को नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में आई भीषण फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचाई, जिसमें कई लोगों के मारे जाने की आशंका है और सैकड़ों लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। प्रभावित क्षेत्रों में राहत, खोज और बचाव अभियान लगातार जारी है।



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