ईयू ने भारत में खोला पहला ‘मोबिलिटी ऑफिस’, डॉ. जयशंकर ने किया उद्घाटन

YUGVARTA NEWS

YUGVARTA NEWS

Lucknow, 19 Feb, 2026 05:09 PM
ईयू ने भारत में खोला पहला ‘मोबिलिटी ऑफिस’, डॉ. जयशंकर ने किया उद्घाटन

नई दिल्ली। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने 18 फरवरी को यहां भारत में यूरोपियन लीगल गेटवे ऑफिस का शुभारंभ किया। विदेश मंत्री ने नई दिल्ली में देश के पहले यूरोपीय लीगल गेटवे कार्यालय का उद्घाटन यूरोपीय आयोग की तकनीकी संप्रभुता, सुरक्षा और लोकतंत्र मामलों की कार्यकारी उपाध्यक्ष हेन्ना विर्ककुनेन और अंतरराष्ट्रीय प्रवासन नीति विकास केंद्र की महानिदेशक सुज़ैन राब की उपस्थिति में किया। इस अवसर पर बोलते हुए डॉ. जयशंकर ने कहा कि यह पहल भारत-यूरोपीय संघ की रणनीतिक साझेदारी की बढ़ती गहराई, विश्वास और परिपक्वता को दर्शाती है। विदेश मंत्रालय के एक बयान के अनुसार लॉन्चिंग के मौके पर डॉ. जयशंकर ने कहा भारत-ईयू साझेदारी न केवल साझा मूल्यों के कारण आशाजनक है, बल्कि आज स्वाभाविक और पसंदीदा साझेदार के रूप में भी है, जिसमें पहले से कहीं अधिक रणनीतिक तालमेल है। भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए वार्ता का समापन, सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पर हस्ताक्षर और 16वें भारत-ईयू शिखर सम्मेलन के अन्य ठोस परिणामों ने एक साझा भविष्य के लिए एक रोडमैप प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि शिखर सम्मेलन में "टुवर्ड्स 2030: ए जॉइंट इंडिया-यूरोपियन यूनियन कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक एजेंडा" को अपनाने से वास्तव में एक नया अध्याय खुल गया है। डॉ. जयशंकर ने कहा कि अब शिखर सम्मेलन में हस्ताक्षरित गतिशीलता पर सहयोग के लिए व्यापक ढांचा और इस लीगल गेटवे कार्यालय की स्थापना, व्यापक समझ को ठोस कार्रवाई में बदलने वाली है। विदेश मंत्री ने कहा दुनिया की सबसे युवा आबादी वाले देशों में से एक, तेजी से विकसित हो रहे कौशल आधार और डिजिटल, वैज्ञानिक तथा उभरती प्रौद्योगिकियों में मजबूत क्षमताओं के साथ, भारत वैश्विक प्रतिभा भंडार में एक प्रमुख योगदानकर्ता बनता जा रहा है। भारत की हालिया अंतरराष्ट्रीय भागीदारी इस दृढ़ विश्वास को दर्शाती है कि वैश्विक चुनौतियों के लिए जुड़े हुए समाजों और सहयोगात्मक समाधानों की आवश्यकता है। बता दें कि ईयू ने दोनों पक्षों के बीच कानूनी और रणनीतिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए यह कार्यालय खोला है। यह सूचना और संचार प्रौद्योगिकी क्षेत्र में भारत से ईयू के 27 सदस्य देशों में सुरक्षित प्रवासन और गतिशीलता को सुविधाजनक बनाएगा। यह ईयू के सभी देशों में आवागमन के विभिन्न रास्तों और उनसे संबंधित विभिन्न कौशल एवं योग्यता आवश्यकताओं के बारे में स्पष्ट और विश्वसनीय जानकारी प्रदान करके भारतीय छात्रों, शोधकर्ताओं और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी क्षेत्र के पेशेवरों का समर्थन करेगा। (रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)

सर्वाधिक पसंद

Leave a Reply

comments

Loading.....
  1. No Previous Comments found.

moti2