राज्यों का विधान सभा चुनाव असम, केरल और पुडुचेरी में प्रचार थमा, 9 अप्रैल को मतदान

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Lucknow, 7 Apr, 2026 07:33 PM
राज्यों का विधान सभा चुनाव असम, केरल और पुडुचेरी में प्रचार थमा, 9 अप्रैल को मतदान

देश के दो राज्यों असम, केरल और एक केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों से जुड़ा प्रचार अभियान मंगलवार की शाम समाप्त हो गया। यहां 9 अप्रैल को एक ही चरण में वोट डाले जाएंगे और इसके बाद 4 मई को चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे। असम की 126 सीटों, केरल की 140 सीटों और पुडुचेरी की 30 सीटों के लिए मतदान गुरुवार को एक ही चरण में होगा। असम में कुल 2.5 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें 1.25 करोड़ पुरुष, 1.25 करोड़ महिलाएं और 343 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। 18-19 वर्ष आयु वर्ग के 5.75 लाख युवा पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। असम की 126 विधानसभा सीटों के लिए 722 उम्मीदवार मैदान में हैं। यहां बहुमत का आंकड़ा 64 है। राज्य की 15वीं विधानसभा का कार्यकाल 20 मई 2026 को समाप्त हो रहा है। केरल विधानसभा की 140 सीटों के लिए 890 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। यहां प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच मुकाबला त्रिकोणीय है। सरकार बनाने के लिए 71 सीटों का बहुमत आवश्यक है। राज्य में कुल 2.71 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें 1.32 करोड़ पुरुष, 1.39 करोड़ महिलाएं और 273 थर्ड जेंडर वोटर्स शामिल हैं। जबकि, पुडुचेरी में 30 सीटों पर चुनाव हो रहे हैं, जिनमें 5 सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं। सरकार बनाने के लिए 16 सीटों का बहुमत जरूरी है। यहां कुल 9.44 लाख मतदाता हैं, जिनमें लगभग 4.43 लाख पुरुष, 5 लाख महिलाएं और 139 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। केरल में अधिकारियों ने मंगलवार शाम से ही कड़ी निगरानी शुरू कर दी है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. रतन यू. केलकर ने सोमवार को घोषणा की थी कि चुनाव कानूनों के मुताबिक, 7 अप्रैल को शाम 6 बजे सभी प्रकार की सार्वजनिक प्रचार गतिविधियां पूरी तरह से बंद हो जाएंगी। जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126 के तहत लागू प्रतिबंध, उम्मीदवारों, राजनीतिक दलों और समर्थकों को मतदान समाप्त होने से पहले के अंतिम 48 घंटों के दौरान सार्वजनिक सभाओं, रैलियों या जुलूसों का आयोजन करने या उनमें भाग लेने से रोकते हैं। इस अवधि के दौरान संगीत शो, नाट्य प्रदर्शन, या मतदाताओं को प्रभावित करने के उद्देश्य से किसी भी प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर भी सख्त प्रतिबंध है। अधिकारियों ने टेलीविजन, सिनेमा या इसी तरह के इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों के जरिए चुनाव से संबंधित सामग्री के प्रदर्शन पर भी रोक लगा दी है। इसके अलावा, मतदान से एक दिन पहले और मतदान के दिन समाचार पत्रों में राजनीतिक विज्ञापनों के लिए मीडिया प्रमाणन और निगरानी समिति (एमसीएमसी) से पहले से मंजूरी लेना अनिवार्य होगा।

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