1 अप्रैल से टोल व्यवस्था में बड़ा बदलाव: फास्टैग अनिवार्य, नकद भुगतान पूरी तरह बंद

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Lucknow, 31 Mar, 2026 12:09 PM
1 अप्रैल से टोल व्यवस्था में बड़ा बदलाव: फास्टैग अनिवार्य, नकद भुगतान पूरी तरह बंद

कानपुर। 31 मार्च 2026 भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण National Highways Authority of India (एनएचएआई) ने 1 अप्रैल 2026 से देशभर में टोल व्यवस्था में बड़ा बदलाव लागू कर दिया है। अब सभी टोल प्लाजा पर नकद भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया गया है और हर वाहन के लिए फास्टैग अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ ही वार्षिक फास्टैग शुल्क को 3,000 रुपये से बढ़ाकर 3,075 रुपये कर दिया गया है, जिससे आम वाहन चालकों पर सीधा प्रभाव पड़ेगा। नई व्यवस्था के तहत टोल दरों में भी पांच से 25 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है। एनएचएआई द्वारा जारी नई दरें 31 मार्च की रात 12 बजे के बाद से लागू हो गई हैं। अब बिना फास्टैग के किसी भी वाहन को टोल प्लाजा से गुजरने की अनुमति नहीं होगी। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम टोल संग्रह को पूरी तरह डिजिटल बनाने और टोल प्लाजा पर लगने वाले जाम को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है। कानपुर परिक्षेत्र के पांच प्रमुख टोल प्लाजा—बाराजोड़-अनंतराम (इटावा-चकेरी हाईवे), अलियापुर-खन्ना (कबरई-कानपुर हाईवे), बडौरी-कटोघन (कानपुर-प्रयागराज हाईवे), अकवाबाद (उन्नाव-लालगंज हाईवे) और बसीपुर-नेवादा कांठी (अलीगढ़-कानपुर हाईवे)—पर भी नई दरें लागू कर दी गई हैं। इन सभी टोल प्लाजा पर अलग-अलग श्रेणियों के वाहनों के लिए शुल्क में बढ़ोतरी की गई है, जिससे निजी और व्यावसायिक दोनों तरह के वाहनों पर असर पड़ेगा। एनएचएआई के परियोजना निदेशक पंकज यादव के अनुसार, सभी टोल प्लाजा पर नई दरों की सूची जारी कर दी गई है और 31 मार्च की रात से ही उसी के अनुसार वसूली शुरू हो चुकी है। उन्होंने कहा कि नकद भुगतान बंद होने से टोल प्लाजा पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और वाहन चालकों को बिना रुके तेज और सुगम यात्रा का अनुभव मिलेगा। 1 अप्रैल से टोल व्यवस्था में बड़ा बदलाव: फास्टैग अनिवार्य, नकद भुगतान पूरी तरह बंद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण National Highways Authority of India (एनएचएआई) ने 1 अप्रैल 2026 से देशभर में टोल व्यवस्था में बड़ा बदलाव लागू कर दिया है। अब सभी टोल प्लाजा पर नकद भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया गया है और हर वाहन के लिए फास्टैग अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ ही वार्षिक फास्टैग शुल्क को 3,000 रुपये से बढ़ाकर 3,075 रुपये कर दिया गया है, जिससे आम वाहन चालकों पर सीधा प्रभाव पड़ेगा। नई व्यवस्था के तहत टोल दरों में भी पांच से 25 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है। एनएचएआई द्वारा जारी नई दरें 31 मार्च की रात 12 बजे के बाद से लागू हो गई हैं। अब बिना फास्टैग के किसी भी वाहन को टोल प्लाजा से गुजरने की अनुमति नहीं होगी। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम टोल संग्रह को पूरी तरह डिजिटल बनाने और टोल प्लाजा पर लगने वाले जाम को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है। कानपुर परिक्षेत्र के पांच प्रमुख टोल प्लाजा—बाराजोड़-अनंतराम (इटावा-चकेरी हाईवे), अलियापुर-खन्ना (कबरई-कानपुर हाईवे), बडौरी-कटोघन (कानपुर-प्रयागराज हाईवे), अकवाबाद (उन्नाव-लालगंज हाईवे) और बसीपुर-नेवादा कांठी (अलीगढ़-कानपुर हाईवे)—पर भी नई दरें लागू कर दी गई हैं। इन सभी टोल प्लाजा पर अलग-अलग श्रेणियों के वाहनों के लिए शुल्क में बढ़ोतरी की गई है, जिससे निजी और व्यावसायिक दोनों तरह के वाहनों पर असर पड़ेगा। एनएचएआई के परियोजना निदेशक पंकज यादव के अनुसार, सभी टोल प्लाजा पर नई दरों की सूची जारी कर दी गई है और 31 मार्च की रात से ही उसी के अनुसार वसूली शुरू हो चुकी है। उन्होंने कहा कि नकद भुगतान बंद होने से टोल प्लाजा पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और वाहन चालकों को बिना रुके तेज और सुगम यात्रा का अनुभव मिलेगा।

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