राष्ट्रपति ने President’s Bodyguard Soldierathon 2026 को दिखाई हरी झंडी, कारगिल वीरों को दी श्रद्धांजलि

राष्ट्रपति भवन में आयोजित ऐतिहासिक कार्यक्रम में 253 वर्ष पुरानी President’s Bodyguard रेजिमेंट की गौरवशाली परंपरा का हुआ सम्मान

YUGVARTA NEWS

YUGVARTA NEWS

Lucknow, 2 Aug, 2026 03:47 PM
राष्ट्रपति ने President’s Bodyguard Soldierathon 2026 को दिखाई हरी झंडी, कारगिल वीरों को दी श्रद्धांजलि

नई दिल्ली, 2 अगस्त। राष्ट्रपति भवन में रविवार को आयोजित प्रथम President’s Bodyguard Soldierathon 2026 का शुभारंभ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने हरी झंडी दिखाकर किया। यह आयोजन भारतीय सशस्त्र बलों की सबसे वरिष्ठ रेजिमेंट The President’s Bodyguard के 253 वर्षों के गौरवशाली इतिहास और राष्ट्रसेवा की परंपरा को समर्पित रहा।


कार्यक्रम में सैन्य अधिकारियों, विशिष्ट अतिथियों और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही। इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने इसे भारतीय सेना के शौर्य, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रतीक बताया।


वर्ष 1773 में स्थापित The President’s Bodyguard भारतीय सशस्त्र बलों की सबसे पुरानी रेजिमेंट है। इसे विश्व की एकमात्र Airborne Cavalry Regiment होने का गौरव भी प्राप्त है। इस रेजिमेंट के सैनिक पैराट्रूपर और टैंकमैन, दोनों भूमिकाओं में प्रशिक्षित होते हैं। एक ओर वे राष्ट्रपति भवन की औपचारिक और संवैधानिक परंपराओं का निर्वहन करते हैं, वहीं दूसरी ओर सियाचिन जैसे दुर्गम सीमावर्ती क्षेत्रों में राष्ट्र की सुरक्षा के लिए पूरी तत्परता के साथ तैनात रहते हैं।


इस वर्ष का Soldierathon विशेष महत्व रखता है क्योंकि इसका आयोजन कारगिल विजय के 27 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से कारगिल युद्ध के वीर सैनिकों के अदम्य साहस, सर्वोच्च बलिदान और मातृभूमि के प्रति उनके समर्पण को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।


कार्यक्रम के दौरान मेजर जनरल वूदेव परिडा के साथ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को Soldierathon की आधिकारिक जर्सी भी भेंट की गई। यह क्षण सैनिकों, नागरिकों और देश के प्रथम नागरिक के बीच राष्ट्रीय एकता, सम्मान और साझा संकल्प का प्रतीक बना।


आयोजकों ने कहा कि Soldierathon का उद्देश्य देशवासियों, विशेषकर युवाओं को भारतीय सशस्त्र बलों के त्याग, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की गौरवशाली परंपरा से जोड़ना तथा सैनिकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता की भावना को और अधिक सशक्त करना है।


President’s Bodyguard की 253 वर्षों की विरासत भारतीय सेना की गौरवशाली परंपरा, उत्कृष्ट सैन्य कौशल और राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण का प्रतीक रही है। उम्मीद जताई गई कि यह रेजिमेंट आने वाली पीढ़ियों को भी देशभक्ति और राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी।

सर्वाधिक पसंद

Leave a Reply

comments

Loading.....
  1. No Previous Comments found.

moti2