प्रीपेड उपभोक्ताओं को राहत, 30 दिन के रिचार्ज पर राघव चड्ढा ने जताई खुशी
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 28 Sep, 2026 07:45 AMनई दिल्ली, 27 सितंबर 2026 प्रीपेड मोबाइल उपभोक्ताओं के रिचार्ज की अवधि और जरूरत के मुताबिक सेवा चुनने से जुड़े मुद्दे पर सांसद राघव चड्ढा ने एक अहम जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि 11 मार्च 2026 को संसद में उन्होंने 28 दिन के रिचार्ज के कारण साल में 13 बार भुगतान करने और डेटा का इस्तेमाल नहीं करने वाले ग्राहकों के लिए कम कीमत वाला विकल्प उपलब्ध कराने का मुद्दा उठाया था। चड्ढा ने कहा, “11 मार्च 2026 को मैंने पार्लियामेंट में प्रीपेड मोबाइल फोन यूजर्स की कुछ प्रॉब्लम्स को हाइलाइट किया था। साल में महीने 12 होते हैं लेकिन 28 दिन की रिचार्ज के माध्यम से 13 टाइम्स रिचार्ज कराना पड़ता है। साथ ही साथ ये भी कहा था कि बहुत कंज्यूमर्स ऐसे हैं जो डेटा कंज्यूम नहीं करते। मोबाइल ऑपरेटर शुड इंट्रोड्यूस अ लो कॉस्ट इनकमिंग ओनली प्लान, वो लोग जो सिर्फ इनकमिंग के लिए फोन रखते हैं उनके लिए।” उन्होंने आगे कहा, “मुझे बताते हुए खुशी है कि इंडिया ने, गवर्नमेंट ऑफ इंडिया ने आपकी वो सारी डिमांड्स को मान लिया है और टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने टेलीकॉम कंज्यूमर प्रोटेक्शन रेगुलेशन 2026 जारी कर दिया है।” नए बदलावों का जिक्र करते हुए चड्ढा ने कहा, “जिसके तहत सबसे पहले अब 28 दिन के रिचार्ज नहीं, 30 डेज का रिचार्ज प्लान भी आपको अवेलेबल कराया जाएगा। यानी कि साल में अब आपको 13 बार नहीं, 12 बार ही मंथली रिचार्ज कराना पड़ेगा।” उन्होंने डेटा नहीं चाहने वाले उपभोक्ताओं के लिए वॉयस आधारित प्लान उपलब्ध कराए जाने की बात भी कही। उनके मुताबिक इससे वरिष्ठ नागरिकों और कम बजट वाले ग्राहकों को अपनी जरूरत के अनुसार सेवा चुनने का विकल्प मिलेगा। चड्ढा ने कहा, “आज ट्राई ने आपकी वो मांग भी पूरी कर दी। मैं सरकार को बहुत-बहुत बधाई देता हूं, आप सबको बधाई देता हूं।” उन्होंने इसे सकारात्मक राजनीति से जोड़ते हुए कहा, “आई थिंक दिस इज अ परफेक्ट एग्जांपल ऑफ कंस्ट्रक्टिव पॉलिटिक्स। एक एमपी ने एक जनता की मांग पार्लियामेंट में रखी, लोगों ने उसे सपोर्ट किया, लाइक किया, शेयर किया और सरकार ने आज वो मांग आप सबकी पूरी कर दी।” अपने संदेश के अंत में चड्ढा ने कहा, “दिस इज अ परफेक्ट एग्जांपल ऑफ कंस्ट्रक्टिव पॉलिटिक्स। मैं आप सबको बहुत-बहुत बधाई देता हूं एंड आई होप ऐसे ही हम रियल इंडिया की रियल प्रॉब्लम्स मिलकर सॉल्व करते रहेंगे। जय हिंद।” उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को संसद में जनता से जुड़ा मुद्दा उठाए जाने और उसके बाद उस दिशा में कदम सामने आने के उदाहरण के तौर पर पेश किया।



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