योद्धा से प्रधानमंत्री की बातचीत : 174 जान बचाने वाला आज का हनुमान
फ्लाईदुबई घटना के जांबाज पायलट से वीडियो कॉल पर प्रधानमंत्री ने की बातचीत, स्मित ने कहा—‘आप मेरे सबसे बड़े आदर्श हैं’; मुश्किल घड़ी में हनुमान चालीसा पढ़ने की भी बताई बात
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 2 Oct, 2026 03:22 PMनई दिल्ली (युगवार्ता) : जांबाज़ हवाई लड़ाके कैप्टेन स्मित से पीएम मोदी ने वीडियो कॉल पर बात-चीत कर उनका कुशलक्षेम लिया और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की, साथ ही मोदी ने कहा कि देश के 140 करोड़ लोगों को आप पर गर्व है, आपने 174 यात्रियों की जान बचाकर, मानवता और इंस्तानियत की जो मिसाल पेश की है वह इतिहास में मील का पत्थर साबित होगी और पूरी दुनिया आपकी तारीफ कर रही है और देश आपके स्वागत के लिए उत्सुक है, देश सभी तीर्थों और मंदिरों में आपके स्वस्थ होने की कामना की जा रही है, महामृतुंजय का जप लगातार चल रहा है ताकि आप शीघ्र स्वस्थ हो जायें। आपने संकट की घड़ी में जो साहसिक फैसले लिए वह एक योद्धा ही कर सकता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत के दौरान कहा कि देश गर्व के साथ कह सकता है कि भारतीय दूसरों की जान लेने वाले नहीं, बल्कि दूसरों की जान बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालने वाले लोग हैं। उन्होंने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की उस टिप्पणी का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि एक भारतीय पायलट ने 9/11 जैसी त्रासदी को टालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
वीडियो कॉल के दौरान कैप्टन स्मित भावुक हो गए। उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा कि उनसे बात करना उनके लिए बेहद खास और गौरवपूर्ण क्षण है। स्मित ने कहा कि उन्होंने कभी कल्पना नहीं की थी कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधे बातचीत करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री को अपना सबसे बड़ा आदर्श भी बताया।
पीएम मोदी ने पूछा हाल, स्मित ने बताई मुश्किल घड़ी की कहानी
बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सबसे पहले कैप्टन स्मित के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। उन्होंने उनके उपचार और तबीयत के बारे में पूछा तथा घटना के दौरान दिखाए गए साहस की प्रशंसा की।
स्मित ने प्रधानमंत्री को बताया कि गंभीर संकट के बावजूद उन्होंने स्थिति को संभालने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि मुश्किल परिस्थितियों में वह हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं और फ्लाईदुबई की उड़ान में पैदा हुए संकट के दौरान भी वह हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे।
कैप्टन स्मित ने बताया कि उस कठिन समय में उन्हें अपने विश्वास और परिवार से मिले संस्कारों से मानसिक मजबूती मिली। प्रधानमंत्री ने उनके धैर्य और आत्मविश्वास की सराहना की।
‘आप मेरे सबसे बड़े आदर्श हैं’
प्रधानमंत्री से बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित ने भावुक होते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी उनके सबसे बड़े आदर्श हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का फोन आना और उनसे बात करने का अवसर मिलना उनके लिए ऐसा पल है, जिसकी उन्होंने कभी कल्पना नहीं की थी।
स्मित की भावनाओं पर प्रधानमंत्री ने भी उन्हें प्रोत्साहित किया और कहा कि पूरा देश उनके साथ खड़ा है। मोदी ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और उनके साहस को देश के लिए गर्व का विषय बताया।
पीएम मोदी ने स्मित की मां के संस्कारों का किया जिक्र
प्रधानमंत्री ने बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित की मां गीता बेन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि स्मित की मां ने उन्हें भगवद्गीता के मूल्यों और शिक्षाओं के साथ बड़ा किया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कठिन परिस्थितियों में जिस तरह स्मित ने धैर्य और सूझबूझ का परिचय दिया, उसके पीछे परिवार से मिले संस्कारों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। इस दौरान स्मित और प्रधानमंत्री के बीच बातचीत का माहौल भावुक हो गया।
फ्लाईदुबई की उड़ान में आखिर हुआ क्या था?
यह घटना 30 सितंबर 2026 को फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में हुई। विमान दुबई से तेल अवीव जा रहा था। उड़ान के दौरान कॉकपिट में कैप्टन स्मित मच्छार और उनके सह-पायलट के बीच हिंसक झड़प हुई।
घटना के दौरान कैप्टन स्मित गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की। इसके बाद विमान में मौजूद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को स्थिति में हस्तक्षेप करने का अवसर मिला।
विमान उस समय गंभीर संकट में था और तेजी से ऊंचाई खो रहा था। स्थिति को संभालने के बाद विमान का मार्ग बदला गया और इसे सऊदी अरब के ताबुक में सुरक्षित उतारा गया।
गंभीर चोट के बावजूद नहीं छोड़ा हौसला
कैप्टन स्मित को घटना के बाद ताबुक के अस्पताल में शुरुआती उपचार दिया गया। बाद में उन्हें आगे के उपचार के लिए अबू धाबी स्थानांतरित किया गया। उनके स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जा रही है।
घटना के बाद प्रधानमंत्री मोदी पहले भी कैप्टन स्मित के परिवार से बातचीत कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ले चुके हैं। शुक्रवार को वीडियो कॉल के जरिए हुई बातचीत में प्रधानमंत्री ने सीधे कैप्टन स्मित से उनका हाल जाना और उन्हें भरोसा दिलाया कि देश उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहा है।
नेतन्याहू ने भी की भारतीय पायलट के साहस की सराहना
इस घटना के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी भारतीय पायलट के साहस की सराहना की। उन्होंने घटना को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि विमान में मौजूद लोगों के सामने एक बड़ी त्रासदी का खतरा पैदा हो गया था।
प्रधानमंत्री मोदी ने भी नेतन्याहू की टिप्पणी का उल्लेख करते हुए कहा कि एक भारतीय ने 9/11 जैसी त्रासदी को टालने में भूमिका निभाई। मोदी ने कहा कि कैप्टन स्मित का साहस प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय है।
कुछ मिनटों का संकट, लेकिन साहस की कहानी लंबी
फ्लाईदुबई की उड़ान में पैदा हुआ संकट कुछ ही समय का था, लेकिन उस दौरान लिए गए फैसलों ने सैकड़ों लोगों की जिंदगी पर असर डाला। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित मच्छार ने जिस धैर्य और सूझबूझ का परिचय दिया, वह इस पूरे घटनाक्रम का सबसे महत्वपूर्ण पहलू बनकर सामने आया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई बातचीत ने इस घटना को एक और भावनात्मक आयाम दिया। एक ओर अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ ले रहा वह पायलट था, जिसने संकट की घड़ी में हिम्मत नहीं छोड़ी; दूसरी ओर देश का प्रधानमंत्री था, जो उससे कह रहा था कि पूरा देश उसके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहा है।
कैप्टन स्मित की कहानी सिर्फ एक विमान हादसे के दौरान दिखाई गई बहादुरी की कहानी नहीं है। यह उस जिम्मेदारी की कहानी है, जिसमें एक व्यक्ति ने अपनी चोट और खतरे से ऊपर उठकर उन लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी, जिनकी जिम्मेदारी उस समय उसके कंधों पर थी।
प्रखर प्रकाश मिश्रा एवं आदित्य अमिताभ त्रिवेदी
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