ऑस्ट्रेलिया भारत को लौटाएगा 11वीं-12वीं शताब्दी की तीन दुर्लभ सांस्कृतिक धरोहरें
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 10 Jul, 2026 07:34 AMनई दिल्ली। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सांस्कृतिक सहयोग को नई मजबूती देते हुए ऑस्ट्रेलिया ने भारत की तीन प्राचीन और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण धरोहरों को लौटाने का निर्णय लिया है। यह कदम दोनों देशों के बीच सभ्यतागत संबंधों और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रति साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक माना जा रहा है।
संस्कृति मंत्रालय के अनुसार, भारत को लौटाई जाने वाली तीनों कलाकृतियों में देवी भद्रकाली का कांस्य त्रिशूल, नंदी की भव्य ग्रेनाइट प्रतिमा तथा छह मुख वाले भगवान कार्तिकेय की बेसाल्ट पत्थर से निर्मित मूर्ति शामिल हैं।
मंत्रालय ने बताया कि ये तीनों धरोहरें 11वीं और 12वीं शताब्दी की हैं तथा मूल रूप से तमिलनाडु के ऐतिहासिक मंदिरों से संबंधित हैं। इन प्राचीन कलाकृतियों का भारत लौटना देश की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
इन सांस्कृतिक धरोहरों की वापसी की आधिकारिक घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऑस्ट्रेलिया यात्रा के दौरान की गई। यह निर्णय भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बढ़ते सांस्कृतिक सहयोग, आपसी विश्वास और विरासत संरक्षण के प्रति साझा संकल्प को भी रेखांकित करता है।
भारत सरकार लगातार विदेशों में पहुंच चुकी प्राचीन भारतीय कलाकृतियों और विरासत संपदाओं को वापस लाने के प्रयास कर रही है। ऑस्ट्रेलिया द्वारा इन तीन ऐतिहासिक धरोहरों की वापसी उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो भारत की सांस्कृतिक पहचान और ऐतिहासिक विरासत को और अधिक सशक्त बनाने में सहायक सिद्ध होगा।



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