देश की सीमाओं के प्रहरी ही नहीं, 140 करोड़ भारतीयों के विश्वास के रक्षक हैं सैन्य अधिकारी: राष्ट्रपति मुर्मू

आईएमए पासिंग आउट परेड में 481 भारतीय और 16 मित्र देशों के 34 कैडेट बने अधिकारी, 9 महिला कैडेटों ने रचा इतिहास

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Lucknow, 13 Jun, 2026 12:33 PM
देश की सीमाओं के प्रहरी ही नहीं, 140 करोड़ भारतीयों के विश्वास के रक्षक हैं सैन्य अधिकारी: राष्ट्रपति मुर्मू

देहरादून। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि भारतीय सैन्य अधिकारी केवल देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले प्रहरी ही नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के विश्वास, सम्मान और आकांक्षाओं के भी संरक्षक हैं। उन्होंने युवा सैन्य अधिकारियों से कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ भारत माता की सेवा करने का आह्वान किया।


शनिवार को देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) में आयोजित भव्य पासिंग आउट परेड (पीओपी) में देश की राष्ट्रपति एवं सशस्त्र सेनाओं की सर्वोच्च कमांडर द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि और समीक्षा अधिकारी के रूप में शामिल हुईं। इस दौरान उन्होंने आईएमए के 158वें नियमित और 141वें तकनीकी स्नातक पाठ्यक्रम की पासिंग आउट परेड की समीक्षा की और नवप्रशिक्षित सैन्य अधिकारियों को शुभकामनाएं दीं।


इस वर्ष की पासिंग आउट परेड में 481 भारतीय कैडेटों के साथ 16 मित्र देशों के 34 विदेशी कैडेट भी सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा कर सैन्य अधिकारी बने। राष्ट्रपति ने इसे भारत की वैश्विक मित्रता, आपसी विश्वास और अंतरराष्ट्रीय रक्षा सहयोग के मजबूत होते संबंधों का प्रतीक बताया।


परेड की सबसे विशेष उपलब्धि 9 महिला कैडेटों का पहली बार सफलतापूर्वक पास आउट होना रही। भारतीय सैन्य अकादमी के इतिहास में इसे एक ऐतिहासिक पड़ाव माना जा रहा है। राष्ट्रपति ने इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह महिला-नेतृत्व वाले विकास और सशक्त भारत की अवधारणा को नई ऊर्जा देने वाला क्षण है।


अपने संबोधन में राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि तेजी से बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य और आधुनिक तकनीकों के इस दौर में भारतीय सेना को निरंतर नवाचार, आधुनिकता और अनुकूलनशीलता के साथ आगे बढ़ना होगा। उन्होंने युवा अधिकारियों से अग्रिम मोर्चे से नेतृत्व करने, उच्च नैतिक मूल्यों का पालन करने और सैनिकों के कल्याण तथा सैन्य प्रभावशीलता के बीच संतुलन बनाए रखने का आह्वान किया।


उन्होंने कहा कि भारतीय सेना दुनिया की सबसे अनुशासित और सक्षम सेनाओं में शामिल है और आज के युवा अधिकारियों के कंधों पर देश की सुरक्षा, सम्मान और अखंडता को बनाए रखने की बड़ी जिम्मेदारी है।


इस ऐतिहासिक अवसर पर उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, भारतीय सैन्य अकादमी के समादेशक लेफ्टिनेंट जनरल नागेन्द्र सिंह सहित सैन्य और नागरिक प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, गणमान्य अतिथि तथा बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।


कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सभी नव नियुक्त सैन्य अधिकारियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि वे राष्ट्र की सुरक्षा और सम्मान की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए देश को गौरवान्वित करेंगे।


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