गडकरी का जोर: ईंधन आयात घटेगा, किसानों की आय बढ़ेगी
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 27 Oct, 2026 09:44 PMनई दिल्ली, 27 अक्टूबर 2026 केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने 27 अक्टूबर 2026 को सीआईआई के एक कार्यक्रम में वैकल्पिक ईंधन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि टाटा, महिंद्रा, टोयोटा और हुंडई जैसी कंपनियां फ्लेक्स-फ्यूल इंजन वाले वाहन ला रही हैं। गडकरी के मुताबिक, वर्ष 2022 से ई20 ईंधन पर चार करोड़ कारें और 20 करोड़ दोपहिया वाहन चल रहे हैं। इस दौरान उन्होंने पेट्रोल वाहनों का इस्तेमाल करने वाले लोगों से हाथ उठाकर अपनी संख्या बताने को भी कहा। ई20 ईंधन को लेकर हुई आलोचनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए गडकरी ने कहा, “तीन महीने पहले खूब हल्ला मचाया था, अब सब बंद हो गया।” उन्होंने सवाल किया कि वर्ष 2022 से ई20 ईंधन इस्तेमाल करने के बाद किसी की गाड़ी खराब हुई है या नहीं। उन्होंने कहा, “तो पेड प्रोपेगेंडा था पूरा।” गडकरी ने अपने संबोधन में वैकल्पिक ईंधनों के इस्तेमाल और पेट्रोलियम आयात पर निर्भरता कम करने की जरूरत को भी प्रमुखता से उठाया। गडकरी ने कहा कि भारत में करीब 22 लाख करोड़ रुपये का ईंधन आयात किया जाता है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में मेथनॉल, बायोडीजल, एलएनजी, सीबीजी, हाइड्रोजन और विमानन ईंधन जैसे विकल्पों पर भी काम किया जा रहा है। उनके अनुसार, यदि घरेलू स्तर पर वैकल्पिक ईंधनों का उत्पादन बढ़ता है और आयात पर खर्च होने वाली रकम बचती है, तो इसका देश की अर्थव्यवस्था पर बड़ा प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने किसानों को अन्नदाता के साथ-साथ ऊर्जा और ईंधन उत्पादन से जोड़ने की बात भी कही। गडकरी ने दावा किया कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था का जीडीपी में योगदान मौजूदा 12 प्रतिशत से बढ़कर 22 प्रतिशत हो सकता है। उन्होंने किसानों को ‘ऊर्जा-दाता’, ‘ईंधन-दाता’, ‘बिटुमेन-दाता’ और ‘हाइड्रोजन-दाता’ बनाने की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे गांवों में रोजगार के अवसर पैदा होंगे और किसानों की समृद्धि बढ़ेगी। उनके मुताबिक, ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक अवसर बढ़ने से मुंबई, दिल्ली और कोलकाता जैसे महानगरों की झुग्गी-बस्तियों की ओर होने वाले पलायन को भी कम किया जा सकता है। गडकरी ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को ताकतवर बनाने के लिए वैकल्पिक ईंधन उत्पादन को अहम बताया।



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