भारत-अर्जेंटीना की बढ़ी साझेदारी, लिथियम से टेक्नोलॉजी तक सहयोग मजबूत
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 29 Aug, 2026 10:55 PMदिल्ली, 29 अगस्त 2026 भारत और अर्जेंटीना ने अपने आर्थिक एवं रणनीतिक रिश्तों को और मजबूत करने की दिशा में अहम कदम उठाया है। ब्यूनस आयर्स में आयोजित भारत-अर्जेंटीना संयुक्त व्यापार समिति (JTC) की चौथी बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 2025 की अर्जेंटीना यात्रा के दौरान तय किए गए रोडमैप की प्रगति की समीक्षा की गई। दोनों देशों ने व्यापार और निवेश सहयोग को आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के मुताबिक, बैठक के दौरान खनन, ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश की संभावनाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। इस दौरान भारत की सरकारी कंपनी खनिज विदेश इंडिया लिमिटेड (KABIL) की अर्जेंटीना के लिथियम क्षेत्र में गतिविधियों की प्रगति को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। कैटामार्का प्रांत में KABIL की लिथियम खनन परियोजना ने दूसरे चरण की ड्रिलिंग पूरी कर ली है। यह अर्जेंटीना में किसी भारतीय कंपनी की पहली लिथियम खनन परियोजना है। इसके साथ ही साल्टा और जुजुय प्रांतों में भी नए सहयोग के अवसर तलाशे जा रहे हैं। लिथियम में यह साझेदारी भारत के इलेक्ट्रिक वाहन और बैटरी विनिर्माण क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। औषधि क्षेत्र में भी बैठक के दौरान सकारात्मक प्रगति सामने आई। अर्जेंटीना ने अपने औषधि नियामक ढांचे के तहत भारत को एनेक्स-2 से एनेक्स-1 श्रेणी में लाने की दिशा में काम करने की प्रतिबद्धता जताई है। साथ ही बाजार में प्रवेश से जुड़ी बाधाओं को कम करने पर भी जोर दिया गया। इससे भारतीय दवा कंपनियों के लिए अर्जेंटीना के बाजार में पहुंच आसान हो सकती है और वहां सस्ती तथा गुणवत्तापूर्ण दवाओं की उपलब्धता बढ़ सकती है। दोनों पक्षों ने 2019 में अर्जेंटीना की राष्ट्रीय औषधि, खाद्य एवं चिकित्सा प्रौद्योगिकी प्रशासन और भारत के केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन के बीच हुए समझौते को आगे बढ़ाने पर भी सहमति जताई। इसके तहत आयुर्वेद और योग के क्षेत्र में संयुक्त पहल को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। भारत-अर्जेंटीना के बीच व्यापारिक संबंधों में लगातार विस्तार देखने को मिल रहा है। 2025 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 6.5 अरब डॉलर से अधिक पहुंच गया, जो सालाना आधार पर 17 प्रतिशत से ज्यादा की वृद्धि है। इस वृद्धि के साथ भारत अर्जेंटीना का पांचवां सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बन गया है। कृषि क्षेत्र में भी बाजार पहुंच बढ़ाने के प्रयास जारी हैं। स्वास्थ्य और पादप स्वच्छता मानकों से संबंधित तकनीकी चर्चाओं में प्रगति हुई है। इसके तहत प्याज, दूध और दुग्ध उत्पाद, अंगूर, आलू, केला तथा दलहन जैसे भारतीय कृषि उत्पादों को अर्जेंटीना के बाजार में पहुंच दिलाने की दिशा में सकारात्मक कदम उठाए गए हैं। सरकार के अनुसार, बाजार पहुंच में यह विस्तार भारतीय किसानों और निर्यातकों के लिए नए अवसर पैदा कर सकता है तथा कृषि निर्यात को बढ़ावा देने में मदद करेगा। इसे ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की दिशा में भी उपयोगी माना जा रहा है। बैठक में विमानन, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, दूरसंचार और डिजिटल सेवाओं को भविष्य के सहयोग के संभावित क्षेत्रों के रूप में चिन्हित किया गया। खासतौर पर 5जी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में दोनों देशों के बीच साझेदारी बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। इससे भारत और अर्जेंटीना के संबंध केवल पारंपरिक व्यापार तक सीमित न रहकर तकनीक और रणनीतिक क्षेत्रों में भी अधिक व्यापक होने की राह खुलती है।



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