अनुराग ठाकुर का विपक्ष से सवाल: वोट कटने पर इतना हंगामा क्यों?
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 11 Oct, 2026 05:49 PMनई दिल्ली, 11 अक्टूबर 2026 केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने मतदाता सूची में संशोधन को लेकर विपक्ष के विरोध पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आंदोलन और धरना-प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन झूठ को आधार बनाकर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार चुनाव हारने के बाद विपक्षी नेता अब पूरी व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मुद्दे पर अनुराग ठाकुर ने सवाल किया, “सवाल ये खड़ा होता है कि वोट कटा किसका? जो मर गया है या डुप्लीकेट वोट है या वहां से कहीं और चला गया माइग्रेट कर गया है।” उन्होंने आगे कहा, “अगर मृत को भी वोट करने का क्या अधिकार होगा? नहीं होगा। क्या डुप्लीकेट वोट आपको अधिकार है? नहीं है। क्या आप एक जगह से दूसरी जगह पलायन करके तब आपको दोनों तरफ जाकर वोट डालने का अधिकार है? नहीं है।” उन्होंने कहा कि यदि मतदाता सूची से ऐसे ही नाम हटाए गए हैं, तो फिर विरोध किस बात का है। हिमाचल प्रदेश में हुई प्रक्रिया का जिक्र करते हुए उन्होंने वहां मौजूद लोगों से पूछा कि क्या उनमें से किसी का वोट काटा गया है। उन्होंने कहा, “अगर वही वोट कटे हैं। तो फिर हंगामा किस बात का है? मेरा जितने लोग यहां पर खड़े हैं आगे इधर सब आप एक बार कैमरा लेकर सबसे पूछिए। हिमाचल में भी अभी की प्रक्रिया हुई। क्या आप में से किसी का वोट कट गया? नहीं।” अनुराग ठाकुर ने दावा किया कि मतदाताओं को अपनी जानकारी की जांच करने और आपत्ति दर्ज कराने के लिए तीन से चार महीने का समय दिया गया था। उन्होंने कहा, “कम से कम तीन-चार महीने आपसे पूछा गया आपका वोट, वोट में अगर कोई आपत्ति की गई तो आपको उसका भी मौका दिया गया।” उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक दलों के नेताओं, कार्यकर्ताओं, बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) और बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) को हर व्यक्ति और घर तक पहुंचने का अवसर मिला। विपक्ष के विरोध पर सवाल उठाते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा, “इनके सभी जितने दल हैं, सबके नेता भी हैं, कार्यकर्ता भी हैं। बीएलओ, सरकार का, बीएलए इनका, पार्टियों का, सबको मौका मिला हर कार्यकर्ता के पास जाने का, हर व्यक्ति हर घर के पास जाने का तो फिर क्यों हंगामा है भाई?” उनके बयान ने मतदाता सूची में संशोधन को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जारी राजनीतिक बहस को फिर से चर्चा में ला दिया है।



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