धामी बोले- पहाड़ की जवानी और पानी अब पहाड़ के काम आएगा
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 8 Oct, 2026 08:38 PMदेहरादून, 08 अक्टूबर 2026 उत्तराखंड में पलायन रोकने और युवाओं को प्रदेश में ही रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सरकार की नीतियों का जिक्र किया। सीआईआई के कार्यक्रम में एमएसएमई क्षेत्र पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य पहाड़ की युवा शक्ति और संसाधनों का उपयोग प्रदेश के विकास में करना है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्षों में राज्य में बड़ी संख्या में एमएसएमई स्थापित हुए हैं और युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिला है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, “और हमने ये भी तय किया है कि पहाड़ की जवानी और पहाड़ का पानी अब पहाड़ के काम आएगा, ये पलायन नहीं करेगा और उसको पलायन नहीं करना पड़ता है। उत्तराखंड में रहकर बहुत सारे काम अपने आगे बढ़ा रहे हैं और पिछले वर्षों में हमारी नीतियों के कारण से मुझे आप सबको बताते हुए खुशी है कि उनतीस हजार से अधिक एमएसएमई का स्थापना हुई है, एक लाख सत्ताईस हजार से अधिक हमारे युवाओं को सीधे-सीधे रोजगार भी मिला है, अपने घर के पास काम मिला है।” उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने से युवाओं को काम की तलाश में दूसरे क्षेत्रों की ओर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। निवेश और कारोबार को आसान बनाने के लिए राज्य में की गई व्यवस्थाओं का उल्लेख करते हुए धामी ने कहा, “और इसके साथ हमने राज्य में जो हमारे निवेशक हैं उनके और व्यापारियों की समस्या के समाधान के लिए निवेशक मित्र की व्यवस्था भी की है, सिंगल विंडो सिस्टम को और मजबूत किया है। छब्बीस से अधिक विभागों की दो सौ से अधिक सेवाएं सिंगल विंडो पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन उनकी व्यवस्था की है, सुविधा की है। इसके पीछे हमारी सोच है कि सरकार उद्योगों के लिए कोई बाधा न बने, उनकी सहयोगी बने और सहभागी बने।” मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार उद्योगों के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाने और निवेशकों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ उन्हें रोजगार सृजनकर्ता बनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, “और हम ये भी चाहते हैं कि हमारे युवाओं को, नौजवानों को वो नौकरी कहीं खोजनी न पड़े, उनको उनके घर के पास में नौकरी मिले और वो नौकरी खोजने वाले भी न बने बल्कि नौकरी देने वाले बने।” मुख्यमंत्री के संबोधन में एमएसएमई को बढ़ावा देने, निवेश का माहौल बेहतर बनाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने को प्रदेश में पलायन रोकने की दिशा में अहम प्रयास के तौर पर रेखांकित किया गया।



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