आतंकवाद पर सख्त भारतः विदेशी राजनयिकों के समक्ष पेश की 'प्रहार' रणनीति
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 9 Sep, 2026 05:38 PMनई दिल्ली। वैश्विक मंच पर आतंकवाद के खिलाफ अपनी 'जीरो-टॉलरेंस' नीति को मजबूत करते हुए भारत ने एक बड़ा कूटनीतिक कदम उठाया है। विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने नई दिल्ली में भारत की आतंकवाद-रोधी रणनीति पर विशेष ब्रीफिंग सत्रों की अध्यक्षता की। दो दिनों तक चले इन महत्वपूर्ण सत्रों में भारत में नियुक्त विभिन्न देशों के रेजिडेंट एंबेसडर्स (निवासी राजदूतों) और वरिष्ठ विदेशी राजनयिकों ने हिस्सा लिया। इन ब्रीफिंग सत्रों का मुख्य केंद्र बिंदु भारत की नव-घोषित व्यापक राष्ट्रीय आतंकवाद-रोधी नीति और रणनीति 'प्रहार' रहा। इस दौरान पश्चिम मामलों के सचिव जॉर्ज ने विदेशी राजनयिकों को 'प्रहार' के बहुआयामी और खुफिया-आधारित दृष्टिकोण से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि किस तरह यह राष्ट्रीय रणनीति आधुनिक सुरक्षा चुनौतियों, सीमा पार से होने वाले आतंकवाद, नई तकनीकों के दुरुपयोग और आतंकवाद के वित्तपोषण (टेरर फंडिंग) से निपटने के लिए भारतीय सुरक्षा तंत्र को पूरी तरह सक्षम बनाती है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ‘एक्स’ पर बैठक की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा सेक्रेटरी (वेस्ट) सिबी जॉर्ज ने भारत की आतंकवाद-रोधी रणनीति पर ब्रीफिंग सेशन की अध्यक्षता की, जिसमें रेजिडेंट एंबेसडर और राजनयिक शामिल हुए। ये ब्रीफिंग भारत की व्यापक राष्ट्रीय आतंकवाद-रोधी नीति और रणनीति - 'प्रहार' पर केंद्रित थीं। ब्रीफिंग के दौरान भारत की और से इस बात पर जोर दिया गया कि आतंकवाद किसी एक देश की नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए खतरा है। सिबी जॉर्ज ने उपस्थित राजदूतों और राजनयिकों से कहा कि आतंकवाद के बदलते तौर-तरीकों (जैसे साइबर स्पेस और क्रिप्टोकरेंसी का दुरुपयोग) को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत कूटनीतिक सहयोग और खुफिया जानकारियों का वास्तविक समय (रियल-टाइम) में साझाकरण बेहद जरूरी है। इसके जरिए भारत ने वैश्विक कूटनीतिक समुदाय को यह साफ संदेश दिया है कि वह अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेगा और हम आतंकवाद को जड़ से उखाड़ने के लिए सभी मित्र देशों के साथ मिलकर काम करने को प्रतिबद्ध हैं। (रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)



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