खान सर–अंजना ओम कश्यप विवाद में दिल्ली हाईकोर्ट ने सुझाया मध्यस्थता का रास्ता
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 2 Jul, 2026 06:31 PMनई दिल्ली, जुलाई 2, 2026 सार्वजनिक जीवन से जुड़े विवादों में लंबी कानूनी प्रक्रिया के बजाय आपसी संवाद को प्राथमिकता देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने खान सर और वरिष्ठ पत्रकार अंजना ओम कश्यप के बीच चल रहे मानहानि मामले में मध्यस्थता का सुझाव दिया। अदालत का मानना है कि यदि दोनों पक्ष सहमत हों तो बातचीत के माध्यम से विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकाला जा सकता है। यह विवाद अंजना ओम कश्यप और टीवी टुडे नेटवर्क द्वारा दायर दो करोड़ रुपये के मानहानि मुकदमे से जुड़ा है। आरोप है कि ऑनलाइन "स्टार टीचर्स" पर प्रसारित एक कार्यक्रम के बाद खान सर और कुछ अन्य शिक्षकों ने सोशल मीडिया पर ऐसी टिप्पणियां कीं, जिनसे उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची। सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों की सहमति को देखते हुए मामले को मध्यस्थता के लिए भेजने का फैसला किया। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा, "आप किसी की आलोचना कर सकते हैं, लेकिन आलोचना शालीनता की सीमा में होनी चाहिए।" इसके साथ ही अदालत ने शिक्षकों को अंजना ओम कश्यप के बच्चों से जुड़े सोशल मीडिया पोस्ट हटाने का निर्देश दिया। वहीं, अंजना ओम कश्यप से भी कहा गया कि मध्यस्थता की प्रक्रिया पूरी होने तक वे शिक्षकों के खिलाफ कोई नई सार्वजनिक टिप्पणी न करें। मामले की अगली सुनवाई मध्यस्थता की प्रगति की समीक्षा के लिए होगी। इस मामले में अदालत का रुख यह दर्शाता है कि सार्वजनिक मतभेदों का समाधान टकराव के बजाय संवाद और संयम के जरिए भी संभव है। साथ ही, यह भी स्पष्ट किया गया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ जिम्मेदारी और मर्यादा का पालन करना सभी पक्षों के लिए समान रूप से आवश्यक है।



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