‘‘ज्ञानेश कुमार को भारत रत्न दे दो, राष्ट्रपति बना दो’, उमर अब्दुल्ला का तंज

YUGVARTA NEWS

YUGVARTA NEWS

Lucknow, 29 Sep, 2026 11:58 PM
‘‘ज्ञानेश कुमार को भारत रत्न दे दो, राष्ट्रपति बना दो’, उमर अब्दुल्ला का तंज

नई दिल्ली, 29 सितंबर 2026


मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जारी सियासी टकराव में जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी उतर आए हैं। पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य की ओर से ज्ञानेश कुमार को पद्म भूषण दिए जाने की बात कहे जाने के बाद अब्दुल्ला ने तीखे व्यंग्य के जरिए प्रतिक्रिया दी। साथ ही उन्होंने चुनाव आयोग के कामकाज पर उठ रहे सवालों का भी जिक्र किया।


श्रीनगर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उमर अब्दुल्ला ने कहा, “पद्म भूषण क्यों, भारत रत्न दे दें. इसके बाद उन्हें राष्ट्रपति बना दें. अब इतना कुछ बीजेपी के लिए किया है. तोहफे में उन्होंने बीजेपी को पश्चिम बंगाल दिया है. वो पद्म भूषण की बात कर रहे हैं, मुझे तो लगता है कि ये बहुत बड़ा अन्याय है. पहले भारत रत्न दे दो और दो साल बाद राष्ट्रपति भवन में बैठा दो.” उनकी यह टिप्पणी भाजपा नेता की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त की प्रशंसा किए जाने के जवाब में आई।


अब्दुल्ला ने चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष की आपत्तियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आयोग को मौजूदा विवाद पर आत्ममंथन करना चाहिए। उनका कहना था कि हाल में सामने आए कुछ सवाल किसी राजनीतिक दल की ओर से नहीं, बल्कि एक अखबार की जांच के जरिए सामने आए हैं। उन्होंने आयोग से इन मुद्दों को दबाने के बजाय अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करने की बात कही। चुनाव आयोग ने अपने स्तर पर कहा है कि संस्थागत फैसलों के दौरान अलग-अलग विचार और टिप्पणियां सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हैं।


जम्मू-कश्मीर में 2029 के विधानसभा चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने फिलहाल किसी राजनीतिक आकलन से दूरी बनाई। उन्होंने कहा, “2029 बहुत दूर है. हम 2026, 2027, 2028 निकाल लें फिर 2029 की बात करेंगे.” इसके साथ उन्होंने संकेत दिया कि अभी उनका ध्यान आने वाले वर्षों और मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर है।


ज्ञानेश कुमार को लेकर भाजपा नेताओं की प्रशंसा और विपक्ष की आपत्तियों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर चल रही बहस को और तेज कर दिया है। एक तरफ भाजपा के नेता उनके कामकाज का समर्थन कर रहे हैं, वहीं विपक्ष आयोग से जुड़े हालिया विवादों पर जवाब मांग रहा है। इसी राजनीतिक माहौल में उमर अब्दुल्ला की व्यंग्यात्मक टिप्पणी ने इस मुद्दे को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।


सर्वाधिक पसंद

Leave a Reply

comments

Loading.....
  1. No Previous Comments found.

kitkat ad