पीएम मोदी बोले- विकसित भारत के लिए हर व्यक्ति को जगाने होंगे अपने भीतर के राम
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 3 Nov, 2026 03:35 PMनई दिल्ली, 03 नवंबर 2026 अयोध्या के राम मंदिर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भगवान श्रीराम के आदर्शों और उनके जीवन मूल्यों पर प्रकाश डालते हुए विकसित भारत के निर्माण के लिए समाज को एक संदेश दिया। उन्होंने श्रीराम के व्यक्तित्व को सत्य, मर्यादा, धर्म, पराक्रम और विनम्रता जैसे गुणों का प्रतीक बताते हुए कहा कि राम का जीवन केवल आस्था ही नहीं, बल्कि मानवीय मूल्यों और आदर्शों की भी प्रेरणा देता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि राम यानी आदर्श, राम यानी मर्यादा और राम यानी जीवन का सर्वोच्च चरित्र। उन्होंने श्रीराम को सत्य और पराक्रम का संगम बताते हुए उनके दिव्य गुणों तथा धर्म के मार्ग पर चलने वाले व्यक्तित्व का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राम का जीवन प्रजा के सुख को सर्वोपरि रखने, धर्म का पालन करने और क्षमा भाव अपनाने की प्रेरणा देता है। श्रीराम ज्ञान और विवेक की पराकाष्ठा के भी प्रतीक हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने श्रीराम के चरित्र में समाहित कोमलता, दृढ़ता, कृतज्ञता और विनम्रता जैसे गुणों को रेखांकित किया। उन्होंने श्रेष्ठ संगति का चयन, ज्ञान में वृद्धि, सत्य के प्रति अडिग संकल्प और अनुशासित जीवन को भी राम के आदर्शों से जोड़ा। उनके अनुसार, श्रीराम का व्यक्तित्व जागरूकता, निष्कपटता और विनम्रता के साथ शक्ति का परिचय देता है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि राम सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक मूल्य, एक मर्यादा और एक दिशा हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने और समाज को सामर्थ्यवान बनाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने भीतर श्रीराम के आदर्शों को आत्मसात करना होगा। उन्होंने इसी संदेश के साथ कहा, "हमें अपने भीतर के राम की प्राण प्रतिष्ठा करनी होगी।"


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