राहुल गांधी के आरोपों पर भाजपा का पलटवार, सुधांशु त्रिवेदी बोले- दावों का आधार क्या?
चुनाव आयोग और ‘एंटी-इन्कंबेंसी’ के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा, मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर रखी भाजपा की दलीलें
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 24 Sep, 2026 11:12 PMनई दिल्ली, 24 सितंबर। कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से चुनाव आयोग, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनावी प्रक्रिया को लेकर लगाए गए आरोपों पर भारतीय जनता पार्टी ने पलटवार किया है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं राज्यसभा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित भाजपा के केंद्रीय कार्यालय में प्रेस वार्ता कर राहुल गांधी के दावों पर सवाल उठाए।
डॉ. त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी द्वारा प्रस्तुत दावों के स्रोत और आधार स्पष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर आधिकारिक दस्तावेज और प्रमाण सामने रखे जाने चाहिए। उन्होंने कांग्रेस की ओर से चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के पुनरीक्षण पर उठाए जा रहे सवालों को राजनीतिक मुद्दा बताया।
‘एंटी-इन्कंबेंसी’ के दावे पर कांग्रेस के इतिहास का हवाला
भाजपा प्रवक्ता ने राहुल गांधी के ‘एंटी-इन्कंबेंसी’ संबंधी दावे पर कांग्रेस के चुनावी इतिहास का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सत्ता-विरोधी रुझान केवल किसी एक राजनीतिक दल तक सीमित नहीं रहा है और विभिन्न राज्यों में अलग-अलग समय पर सत्तारूढ़ दलों को इसका सामना करना पड़ा है।
डॉ. त्रिवेदी ने तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश और ओडिशा सहित कई राज्यों में कांग्रेस की लंबे समय से सत्ता से दूरी का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय राजनीति में सत्ता परिवर्तन का इतिहास काफी पुराना है। उनके अनुसार, इसे केवल भाजपा के सत्ता में आने के बाद की घटना के रूप में नहीं देखा जा सकता।
मतदाता सूची के पुनरीक्षण पर भाजपा ने रखी दलील
डॉ. त्रिवेदी ने मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण को लेकर भी कांग्रेस के सवालों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के लिए चुनाव आयोग को कानून के तहत अधिकार प्राप्त हैं।
उन्होंने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 21 का उल्लेख करते हुए कहा कि निर्वाचन आयोग को मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण की प्रक्रिया संचालित करने का अधिकार प्राप्त है। उन्होंने कांग्रेस द्वारा इस प्रक्रिया को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर भी स्पष्टीकरण की मांग की।
फॉर्म-6 और अभिभावकों से जुड़ी जानकारी पर भी सवाल
भाजपा सांसद ने नए मतदाताओं के पंजीकरण और फॉर्म-6 से संबंधित प्रक्रिया पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने सवाल उठाया कि पहली बार मतदाता बनने वाले युवाओं के सत्यापन के लिए आवश्यक दस्तावेज और जानकारी की जांच क्यों नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने मतदाता सूची में पात्र नागरिकों को शामिल करने और अपात्र लोगों को रोकने के लिए सत्यापन प्रक्रिया को आवश्यक बताया। साथ ही, मतदाता सूची के पुनरीक्षण में दस्तावेजों और पारिवारिक विवरण से जुड़े प्रावधानों को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर भी सवाल उठाए।
कांग्रेस पर चुनावी सहयोगियों को लेकर भी निशाना
डॉ. त्रिवेदी ने कांग्रेस की मौजूदा चुनावी स्थिति पर भी राजनीतिक टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी को कई राज्यों में सहयोगी दलों के समर्थन की आवश्यकता पड़ रही है। उन्होंने रायबरेली, अमेठी और वायनाड सहित विभिन्न चुनावी क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन और गठबंधन की राजनीति पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि ‘एंटी-इन्कंबेंसी’ को केवल भाजपा के संदर्भ में देखने के बजाय भारतीय राजनीति के व्यापक इतिहास के संदर्भ में समझना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस और गांधी परिवार की राजनीतिक भूमिका पर भी तीखी टिप्पणी की।
चुनाव आयोग की भूमिका पर विपक्ष से जवाब मांगा
डॉ. त्रिवेदी ने चुनाव आयोग की संवैधानिक भूमिका और उसकी शक्तियों का उल्लेख करते हुए विपक्षी दलों से सवाल किया कि चुनावी प्रक्रिया पर लगाए जा रहे आरोपों के समर्थन में आधिकारिक दस्तावेज और प्रमाण क्या हैं।
उन्होंने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की प्रक्रिया तथा चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का भी उल्लेख किया। साथ ही, पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त टीएन शेषन के कार्यकाल से जुड़े उदाहरणों का हवाला देते हुए चुनाव आयोग की संस्थागत भूमिका पर अपनी बात रखी।
आर्थिक विकास के मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरा
डॉ. त्रिवेदी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए भारत की आर्थिक और तकनीकी प्रगति को सरकार की उपलब्धियों से जोड़ा। उन्होंने आर्थिक विकास, डिजिटल लेनदेन और विनिर्माण क्षेत्र में भारत की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की अर्थव्यवस्था में पिछले वर्षों में महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं।
भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस नेतृत्व पर तीखी राजनीतिक टिप्पणी करते हुए कहा कि विपक्ष को चुनावी प्रक्रिया और सरकार से जुड़े आरोपों के समर्थन में ठोस तथ्य सामने रखने चाहिए।
डॉ. त्रिवेदी की प्रेस वार्ता ऐसे समय हुई है जब मतदाता सूची के पुनरीक्षण, चुनाव आयोग की भूमिका और चुनावी पारदर्शिता को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बहस तेज है। दोनों दल इस मुद्दे पर अपने-अपने तर्क सार्वजनिक रूप से रख रहे हैं।
आदित्य अमिताभ त्रिवेदी, युगवार्ता



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