हरिद्वार में अमित शाह का बड़ा बयान: केदारनाथ से कन्याकुमारी तक एक-एक घुसपैठिए को देश से बाहर करेंगे

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Lucknow, 7 Mar, 2026 04:00 PM
हरिद्वार में अमित शाह का बड़ा बयान: केदारनाथ से कन्याकुमारी तक एक-एक घुसपैठिए को देश से बाहर करेंगे

हरिद्वार। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को हरिद्वार के बैरागी कैंप में आयोजित ‘जन-जन की सरकार, 4 साल बेमिसाल’ कार्यक्रम के तहत विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उत्तराखंड की समस्याओं को चुन-चुन कर समाप्त करने का काम कर रहे हैं, जिसके कारण राज्य अब दोगुनी रफ्तार से विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।


अपने संबोधन की शुरुआत उत्तराखंड राज्य आंदोलन के संदर्भ से करते हुए अमित शाह ने कहा कि राज्य के युवाओं को अपनी पहचान, संस्कृति और अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करना पड़ा और उन्हें रामपुर तिराहा कांड जैसी दुखद घटनाओं का सामना भी करना पड़ा। उन्होंने कहा कि बाद में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने उत्तराखंड, झारखंड और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों के गठन का निर्णय लिया और आज ये तीनों राज्य तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।


उन्होंने कहा कि भाजपा ने हमेशा कहा है कि उत्तराखंड को अटल जी ने बनाया और अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसे संवारने का काम कर रहे हैं। वर्ष 2017 से 2026 तक का समय उत्तराखंड के विकास को समर्पित रहा है और मुख्यमंत्री धामी ने बीते चार वर्षों में राज्य की प्रमुख समस्याओं को दूर करने के लिए निर्णायक कदम उठाए हैं।



तीन साल में मिलेगा न्याय



अमित शाह ने लोगों, विशेषकर अधिवक्ताओं से नई न्याय संहिता पर आधारित प्रदर्शनी देखने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अंग्रेजों के डेढ़ सौ साल पुराने कानूनों को बदलकर नई न्याय व्यवस्था लागू की गई है। वर्ष 2028 तक इसके सभी प्रावधान पूरी तरह लागू हो जाएंगे। इसके बाद किसी भी मामले में एफआईआर दर्ज होने से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक अंतिम फैसला आने में अधिकतम तीन वर्ष का समय लगेगा।


उन्होंने इसे दुनिया की सबसे आधुनिक और वैज्ञानिक न्याय संहिता बताया। साथ ही नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के तहत भारत की नागरिकता प्राप्त करने वाले शरणार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए हिंदू, सिख, बौद्ध और जैन शरणार्थियों को नागरिकता देना भारत का दायित्व है।



ऐतिहासिक निर्णयों का किया उल्लेख



केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में धारा 370 को समाप्त करना, नागरिकता संशोधन कानून लागू करना, अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, बद्रीनाथ-केदारनाथ पुनर्निर्माण, महाकाल लोक और काशी विश्वनाथ कॉरिडोर जैसे कई ऐतिहासिक कार्य हुए हैं।



नकल विरोधी कानून से बढ़ी पारदर्शिता



अमित शाह ने उत्तराखंड पुलिस में आरक्षी के रूप में नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले 1900 युवाओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि राज्य में अब बिना पर्चा और बिना खर्चा के सरकारी नौकरियां मिल रही हैं। यह संभव हुआ है क्योंकि मुख्यमंत्री धामी ने सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है, जिससे भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता आई है।


उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2027 में हरिद्वार में होने वाला कुंभ मेला नए रिकॉर्ड बनाएगा। साथ ही केंद्र सरकार की वाइब्रेंट विलेज योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि सीमांत गांवों को अब देश के ‘प्रथम गांव’ के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे पलायन रोकने में मदद मिलेगी।



केदारनाथ से कन्याकुमारी तक बाहर होंगे घुसपैठिए



अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि उत्तराखंड में 10 हजार एकड़ सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए मुख्यमंत्री धामी ने सराहनीय कार्य किया है। उन्होंने कहा कि सरकार केदारनाथ से कन्याकुमारी तक एक-एक घुसपैठिए को देश से बाहर निकालने के लिए संकल्पबद्ध है।


उन्होंने समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने के लिए भी मुख्यमंत्री धामी की सराहना करते हुए कहा कि यह डेमोग्राफी में होने वाले अप्राकृतिक बदलाव को रोकने में मदद करेगी। साथ ही मतदाता सूची की शुद्धता पर जोर देते हुए कहा कि जो भारत का नागरिक नहीं है, उसका नाम वोटर लिस्ट में नहीं होना चाहिए।



उत्तराखंड को मिली बढ़ी केंद्रीय सहायता



केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि वर्ष 2004 से 2014 के बीच उत्तराखंड को केंद्र से लगभग 54 हजार करोड़ रुपये की सहायता मिली थी, जबकि इसके बाद राज्य को एक लाख 87 हजार करोड़ रुपये से अधिक की केंद्रीय सहायता मिल चुकी है। इसके अलावा ऑल वेदर रोड, दिल्ली-देहरादून आर्थिक कॉरिडोर, रेल और सड़क परियोजनाओं सहित कई बड़े बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है।


उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में उत्तराखंड की प्रति व्यक्ति आय लगभग 1.25 लाख रुपये थी, जो अब बढ़कर करीब 2.60 लाख रुपये हो चुकी है। वहीं राज्य की जीएसडीपी भी 1.5 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर लगभग 3.5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।


सभा के अंत में अमित शाह ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर उत्तराखंड को विकास के नए शिखर तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं।


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