मेरठ हत्याकांड: पत्नी मुस्कान और प्रेमी साहिल को फांसी, नीले ड्रम में छिपाया था शव
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 14 Oct, 2026 10:17 PMनई दिल्ली, 14 अक्टूबर 2026 मेरठ में मर्चेंट नेवी अधिकारी सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में अदालत ने उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। इस मामले में हत्या के बाद शव के टुकड़ों को सीमेंट से भरे नीले प्लास्टिक के ड्रम में छिपाने की घटना ने पूरे मामले को चर्चा में ला दिया था। जिला न्यायाधीश अरविंद कुमार मिश्रा ने 126 सुनवाइयों और 22 गवाहों के बयानों पर विचार करने के बाद यह फैसला सुनाया। दोनों आरोपियों को दो सप्ताह पहले दोषी ठहराया गया था। अदालत ने टिप्पणी की थी कि ऐसे अपराध समाज में भय पैदा करते हैं। पुलिस के अनुसार, 3 मार्च 2025 को मुस्कान ने इंद्रा नगर स्थित अपने घर में सौरभ के खाने में नशीला पदार्थ मिला दिया था। इसके बाद साहिल घर पहुंचा और अभियोजन पक्ष के मुताबिक, दोनों ने सौरभ की चाकू से हत्या कर दी। इसके बाद बाथरूम में शव के टुकड़े किए गए और उन्हें नीले प्लास्टिक के ड्रम में रख दिया गया। शव से दुर्गंध बाहर न आए, इसके लिए ड्रम में रेत, पानी और सीमेंट का मिश्रण भरकर उसे बंद कर दिया गया। वारदात के अगले दिन मुस्कान और साहिल हिमाचल प्रदेश चले गए। पुलिस का कहना है कि मुस्कान ने सौरभ के मोबाइल फोन से उनके परिजनों को संदेश भेजे, ताकि उन्हें लगे कि वह जीवित हैं और कारोबारी काम से बाहर गए हुए हैं। 17 मार्च 2025 को सौरभ के परिजनों को संदेह हुआ और वे स्थानीय अधिकारियों के साथ घर पहुंचे। इसी दौरान सौरभ और मुस्कान की छह वर्षीय बेटी ने कथित तौर पर पड़ोसियों से कहा, "पापा ड्रम में हैं।" इसके बाद पुलिस ने घर में रखे सील बंद नीले ड्रम को काटकर खोला, जिसमें सौरभ के अवशेष मिले। इस खुलासे के दो दिन बाद मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार कर लिया गया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान स्थानीय दुकानदारों ने गवाही दी कि उन्होंने वारदात से पहले आरोपियों को नीला ड्रम, सीमेंट की बोरियां, रेत, धारदार चाकू और रेजर बेचे थे। कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मोबाइल टावर की लोकेशन से भी जांच को अहम सुराग मिले। इन साक्ष्यों के जरिए पुलिस ने वारदात से जुड़ी कई कड़ियां जोड़ीं। अदालत में सजा सुनाए जाने से पहले मुस्कान के माता-पिता ने सौरभ के बारे में कहा, "सौरभ बहुत अच्छे इंसान थे।" उन्होंने यह भी कहा, "अगर दोषियों को फांसी की सजा मिलती है, तो हमें कोई आपत्ति नहीं होगी।" बताया गया कि मुस्कान के परिवार ने जेल में उससे कभी मुलाकात नहीं की। अभियोजन पक्ष ने सुनवाई के दौरान परिस्थितिजन्य, तकनीकी और भौतिक साक्ष्य पेश किए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि सौरभ की मौत चाकू से किए गए हमले के कारण हुई थी। शिमला और मनाली में आरोपियों के ठहरने से जुड़ी जानकारी सहित अन्य साक्ष्यों पर विचार करने के बाद अदालत ने दोनों को दोषी ठहराते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाई।



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