Uttarakhand : लोक भवन में वसंतोत्सव 2026 का भव्य समापन, आईआईटी रुड़की ने जीती रनिंग ट्रॉफी
पुष्प प्रदर्शनी प्रतियोगिता की सर्वाधिक श्रेणियों में पुरस्कार जीतकर ‘रनिंग ट्रॉफी’ आईआईटी रुड़की ने जीती। वसंतोत्सव की विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजेताओं को राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने किया पुरस्कृत।
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 1 Mar, 2026 11:39 PMDehradun : लोक भवन देहरादून में तीन दिवसीय वसंतोत्सव का रविवार को समापन हो गया। वसंतोत्सव के इन तीन दिनों में बड़ी संख्या में लोगों ने पुष्पों के प्राकृतिक सौंदर्य और अन्य कार्यक्रमों का भरपूर आनंद लिया। वसंतोत्सव–2026 में इस वर्ष की चल वैजयंती (रनिंग ट्रॉफी) आईआईटी रुड़की को मिली।
इस वर्ष आईआईटी रुड़की ने 13 श्रेणियों में पुरस्कार जीतकर प्रथम स्थान प्राप्त किया, वहीं 04 श्रेणियों में पुरस्कार प्राप्त कर ओएनजीसी को दूसरा स्थान मिला। वसंतोत्सव में 15 श्रेणियों की 54 उप-श्रेणियों में कुल 161 पुरस्कार वितरित किए गए। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुष्प प्रदर्शनी प्रतियोगिताओं, रंगोली, बच्चों की चित्रकला, फोटो प्रतियोगिता आदि श्रेणियों के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए।
वसंतोत्सव–2026 में इस वर्ष पहली बार गवर्नर्स अवार्ड की शुरुआत की गई, जिसके अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले कृषकों, महिला कृषकों तथा स्टार्टअप के माध्यम से नवाचार कर रहे युवा कृषकों को सम्मानित किया गया।
उत्कृष्ट कृषक श्रेणी में बागेश्वर जनपद के दीपक गडिया को प्रथम, रुद्रप्रयाग जनपद के कपिल शर्मा को द्वितीय तथा पिथौरागढ़ जनपद के शुभम सिंह को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।
उत्कृष्ट महिला कृषक श्रेणी में चंपावत जनपद की राधा राणा को प्रथम, अल्मोड़ा जनपद की कविता मेहरा को द्वितीय तथा पौड़ी गढ़वाल जनपद की शांति जुयाल को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।
स्टार्टअप के माध्यम से नवाचार कर रहे अग्रणी युवा कृषकों की श्रेणी में टिहरी जनपद के देवेंद्र सिंह चौहान को प्रथम, नैनीताल जनपद के पंकज मेहता को द्वितीय तथा हरिद्वार जनपद के उज्ज्वल सैनी को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।
समापन समारोह में आईएमए और आईटीबीपी के पाइप बैंड की मधुर धुनों ने कार्यक्रम को और आकर्षक बना दिया। उपस्थित दर्शकों ने पाइप बैंड की प्रस्तुतियों का भरपूर आनंद लिया।
इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि इन तीन दिनों में लोक भवन में आई लगभग साढ़े तीन लाख जनता के चेहरे पर दिखाई दी प्रसन्नता और संतोष ही इस आयोजन की सबसे बड़ी सफलता है। उन्होंने कहा कि वसंतोत्सव–2026 की मूल भावना यह रही कि फूलों के माध्यम से व्यक्ति के भीतर सकारात्मकता, संतुलन और रचनात्मकता का संचार हो। उद्यान विभाग के स्टॉलों में यह प्रदर्शित किया गया कि किस प्रकार पुष्प मानव जीवन में स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और आनंद का स्रोत बन सकते हैं।
राज्यपाल ने नवाचार को विकसित भारत 2047 की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण मंत्र बताते हुए कहा कि इस उत्सव में प्रत्येक स्टॉल और प्रस्तुति में नई सोच और रचनात्मकता दिखाई दी। उन्होंने ‘रिद्मिक योगा’, दिव्यांग बच्चों की योग प्रस्तुतियाँ, वुशु प्रदर्शन तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सराहना की। महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉलों की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की नारी शक्ति आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरणादायक कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वसंतोत्सव केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड की प्राकृतिक संपदा, कृषि शक्ति और उभरती हरित अर्थव्यवस्था का उत्सव है। वसंत ऋतु प्रकृति के श्रृंगार के माध्यम से सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक प्रसन्नता का संदेश देती है। लोक भवन में सुसज्जित पुष्पों की रंगत और सुगंध राज्य की समृद्ध जैव-विविधता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने राज्यपाल के अनुशासन, राष्ट्रनिष्ठा और दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में राज्य निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक नवाचार के समन्वय से स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में विशिष्ट पहचान दिलाई जा सकती है। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों, महिलाओं और युवाओं के प्रयासों को आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड की दिशा में सशक्त कदम बताया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में राज्य में लगभग 656 हेक्टेयर क्षेत्र में व्यावसायिक पुष्प खेती की जा रही है, जो कम लागत में अधिक आय का सशक्त माध्यम बन रही है। राज्य सरकार द्वारा समग्र पुष्प नीति, मंडी शुल्क में छूट, विपणन सुविधा और मौनपालन अनुदान जैसी योजनाओं से किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगभग 1200 करोड़ रुपये की लागत से नई सेब नीति, कीवी नीति, स्टेट मिलेट मिशन और ड्रैगन फ्रूट नीति लागू की गई है, जिनके अंतर्गत बागवानी को बढ़ावा देने हेतु 80 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान की जा रही है।
कार्यक्रम में कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, विधायक खजान दास, विधायक सविता कपूर, प्रथम महिला गुरमीत कौर, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी गीता धामी, सचिव राज्यपाल रविनाथ रामन, विधि परामर्शी कौशल किशोर शुक्ल, सचिव उद्यान एस.एन. पाण्डेय, अपर सचिव राज्यपाल रीना जोशी, निदेशक उद्यान एस.एल. सेमवाल सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।


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