Uttarakhand : रेरा पोर्टल से जुड़ेगा मानचित्र स्वीकृति सिस्टम, अवैध निर्माण पर सख्ती
पंचायतों का नक्शा पास करने का अधिकार खत्म, भू-उपयोग परिवर्तन शुल्क पर पुनर्विचार के निर्देश
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 30 Apr, 2026 09:49 PMदेहरादून, 30 अप्रैल 2026:
उत्तराखंड में निर्माण गतिविधियों को पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में सचिवालय में आयोजित बैठक में निर्णय लिया गया कि मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया को उत्तराखंड भूसंपदा नियामक प्राधिकरण (रेरा) के पोर्टल से जोड़ा जाएगा। इससे पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन, पारदर्शी और समयबद्ध बन सकेगी।
बैठक में रेरा से जुड़े अधिकारियों और विभिन्न विकास प्राधिकरणों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिसमें निर्माण स्वीकृति से संबंधित जटिलताओं और सुधारों पर विस्तार से चर्चा की गई।
भू-उपयोग परिवर्तन शुल्क पर पुनर्विचार
बैठक में 1 अगस्त 2025 के शासनादेश के तहत बढ़ाए गए भू-उपयोग परिवर्तन शुल्क पर भी चर्चा हुई। वर्तमान में आवासीय और पर्यटन उपयोग में परिवर्तन पर सर्किल रेट के बराबर, जबकि व्यावसायिक उपयोग में 1.5 गुना शुल्क लिया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि इससे आम लोगों को दिक्कत हो रही है।
इस पर आवास सचिव ने सभी विकास प्राधिकरणों को एक सप्ताह के भीतर संशोधित प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए, ताकि जनहित में राहत देने पर विचार किया जा सके।
पंचायतों का अधिकार समाप्त
एक अहम निर्णय लेते हुए स्पष्ट किया गया कि अब अधिसूचित क्षेत्रों में पंचायती राज संस्थाओं को नक्शा पास करने का अधिकार नहीं रहेगा। संशोधित अधिनियम के तहत यह अधिकार केवल विकास प्राधिकरणों के पास होगा। इसके लिए पंचायती राज विभाग को सभी जिला पंचायतों को तत्काल निर्देश जारी करने को कहा गया है।
अवैध कॉलोनियों पर कड़ी निगरानी
बैठक में तय किया गया कि अधिसूचित क्षेत्रों से बाहर भी यदि कहीं कॉलोनियां विकसित की जा रही हैं या भूखंडों का उपविभाजन हो रहा है, तो वहां रेरा के माध्यम से सख्त निगरानी और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए रेरा और विकास प्राधिकरणों के बीच समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया गया।
अवैध निर्माण रोकने के लिए कॉमन ड्राफ्ट
राज्य में बढ़ते अवैध निर्माण को देखते हुए नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग को एक कॉमन ड्राफ्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। यह सभी प्राधिकरणों के लिए एक समान कानूनी ढांचा प्रदान करेगा, जिससे कार्रवाई अधिक प्रभावी हो सकेगी।
ऑनलाइन सिस्टम से बढ़ेगी पारदर्शिता
आवास सचिव ने कहा कि रेरा पोर्टल से मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया जुड़ने से पारदर्शिता बढ़ेगी, भ्रष्टाचार की संभावनाएं कम होंगी और आम नागरिकों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य निर्माण क्षेत्र में सख्ती के साथ-साथ व्यवस्था को सरल और जवाबदेह बनाना है। आने वाले समय में इन फैसलों का असर रियल एस्टेट सेक्टर और आम जनता दोनों पर देखने को मिलेगा।


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