CEC के फैसले से लालढांग–चिल्लरखाल मार्ग पर आवागमन को बड़ी राहत: अनिल बलूनी
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 14 Jul, 2026 10:21 PMदेहरादून। लालढांग–चिल्लरखाल मार्ग पर अधिकांश श्रेणी के वाहनों के संचालन का रास्ता साफ हो गया है। सांसद अनिल बलूनी ने जानकारी दी कि सर्वोच्च न्यायालय की सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी (CEC) ने मार्ग पर वाहनों के संचालन को लेकर स्पष्टता प्रदान करते हुए सवारी वाहनों, सरकारी बसों, गढ़वाल मोटर ओनर यूनियन (GMOU) की बसों, स्कूल बसों, किसानों के ट्रैक्टर तथा भवन निर्माण सामग्री ले जाने वाले वाहनों के संचालन की अनुमति दे दी है।
अनिल बलूनी ने अपने सोशल मीडिया संदेश में कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश में प्रयुक्त “कमर्शियल वाहन” शब्द को लेकर उत्पन्न हो रहे सभी भ्रमों को सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी ने दूर कर दिया है। समिति की ओर से जारी स्पष्टीकरण के बाद अब उक्त श्रेणी के वाहनों के संचालन का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
उन्होंने कहा कि यह निर्णय क्षेत्र की जनता, विद्यार्थियों, किसानों, व्यापारियों और आम नागरिकों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। लंबे समय से इस विषय पर किए जा रहे प्रयासों को अब सफलता मिली है, जिससे आवागमन के साथ-साथ स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।
सांसद ने इस जनहितकारी निर्णय के लिए सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी तथा सभी संबंधित अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय क्षेत्र के विकास और लोगों की सुविधाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है तथा इससे बड़ी संख्या में लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।
अनिल बलूनी ने इस उपलब्धि पर क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए कहा कि लालढांग–चिल्लरखाल मार्ग पर अधिकांश प्रकार के वाहनों के संचालन की अनुमति मिलने से लोगों की लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान हुआ है।
हालांकि, इस संबंध में सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी के औपचारिक आदेश और राज्य सरकार की ओर से जारी संचालन संबंधी दिशा-निर्देशों की प्रतीक्षा की जा रही है।



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