LUCC चिटफंड घोटाला: CBI ने 18 आरोपियों के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट

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Lucknow, 10 Jul, 2026 10:12 PM
LUCC चिटफंड घोटाला: CBI ने 18 आरोपियों के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट

देहरादून। उत्तराखंड के बहुचर्चित एलयूसीसी (LUCC) चिटफंड घोटाले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 18 आरोपियों और एक संस्था के खिलाफ विशेष न्यायालय में आरोप-पत्र (चार्जशीट) दाखिल कर दिया है। सीबीआई ने यह चार्जशीट देहरादून स्थित बीयूडीएस (BUDS) अधिनियम के विशेष न्यायालय में भारतीय दंड संहिता (IPC), भारतीय न्याय संहिता (BNS), उत्तराखंड जमाकर्ता हित संरक्षण अधिनियम और अनियमित निक्षेप स्कीम पाबंदी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दाखिल की है।

सीबीआई के अनुसार, मामले का मुख्य आरोपी समीर अग्रवाल है, जिसने वर्ष 2016 में लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट को-ऑपरेटिव सोसाइटी (LUCC) का संचालन अपने हाथ में लेने के बाद उत्तराखंड में 50 से अधिक शाखाओं के माध्यम से कथित तौर पर पोंजी स्कीम चलाई। जांच में सामने आया कि सोसाइटी का कोई वास्तविक व्यवसाय या आय का स्रोत नहीं था और पुराने निवेशकों को भुगतान नए निवेशकों से जुटाई गई रकम से किया जाता था।

जांच एजेंसी का दावा है कि इस योजना के जरिए उत्तराखंड में एक लाख से अधिक लोगों को निवेश के लिए प्रलोभन दिया गया। निवेशकों से करीब ₹800 करोड़ जमा कराए गए, जबकि धोखाधड़ी की राशि ₹400 करोड़ से अधिक आंकी गई है।

सीबीआई के मुताबिक, समीर अग्रवाल ने कथित तौर पर किशनलाल उदयलाल जैन और पंकज कुशल सिंह जैन के साथ मिलकर 10 फर्जी (शेल) कंपनियों के बैंक खाते खुलवाए और निवेशकों की रकम इन खातों में स्थानांतरित कर दी। बाद में यह धनराशि लेयर्ड बैंकिंग लेनदेन के जरिए सैकड़ों खातों में भेजी गई।

जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी समीर अग्रवाल और उसकी पत्नी सानिया अग्रवाल विदेश फरार हो चुके हैं। उन्हें भारत वापस लाने के लिए सीबीआई ने आवश्यक नोटिस और सर्कुलर जारी किए हैं।

चार्जशीट में समीर अग्रवाल, शादाब हुसैन, उत्तम कुमार सिंह राजपूत, सानिया अग्रवाल, माया सिंह राजपूत, जितेंद्र सिंह निरंजन, दिनेश सिंह, गिरीश चंद सिंह बिष्ट, उर्मिला बिष्ट, जगमोहन बिष्ट, ममता भंडारी, तरुण कुमार मौर्य, गौरव उर्फ गौरव रोहिल्ला, सुशील कुमार गोखरू, किशनलाल उदयलाल जैन, पंकज कुशल सिंह जैन, राजेंद्र सिंह बिष्ट तथा लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट को-ऑपरेटिव सोसाइटी को आरोपी बनाया गया है।

सीबीआई ने बताया कि मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित की गई थी। जांच के दौरान उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में आरोपियों से जुड़ी 39 संपत्तियों की पहचान की गई। इनमें से 29 संपत्तियों की अनंतिम कुर्की सक्षम प्राधिकारी द्वारा की जा चुकी है, जबकि शेष 10 संपत्तियों की कुर्की की प्रक्रिया जारी है।

जांच के दौरान सीबीआई ने सात आरोपियों—तरुण कुमार मौर्य, ममता भंडारी, गौरव उर्फ गौरव रोहिल्ला, राजेंद्र सिंह बिष्ट, सुशील कुमार गोखरू, किशनलाल उदयलाल जैन और पंकज कुशल सिंह जैन—को गिरफ्तार किया था। सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।

गौरतलब है कि वर्ष 2025 में उत्तराखंड हाईकोर्ट की नैनीताल पीठ ने एलयूसीसी चिटफंड घोटाले से जुड़ी सभी एफआईआर की जांच सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया था। इसके बाद 26 नवंबर 2025 को सीबीआई ने मामला दर्ज कर राज्य के विभिन्न थानों में दर्ज सभी 18 मामलों की जांच अपने हाथ में ली थी।

सीबीआई ने कहा है कि इस मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच अभी भी जारी है और आगे भी आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


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