7 मार्च को हरिद्वार में अमित शाह करेंगे विकास और ‘न्याय संहिता’ प्रदर्शनी का अवलोकन, जनसभा को भी करेंगे संबोधित

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Lucknow, 5 Mar, 2026 09:10 PM
7 मार्च को हरिद्वार में अमित शाह करेंगे विकास और ‘न्याय संहिता’ प्रदर्शनी का अवलोकन, जनसभा को भी करेंगे संबोधित

Dehradun : केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री Amit Shah आगामी 7 मार्च को Haridwar के बैरागी कैंप में आयोजित विभिन्न प्रदर्शनों का अवलोकन करेंगे तथा जनसभा को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami, राज्य सरकार के मंत्रीगण, सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे।


इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में बीते चार वर्षों के दौरान उत्तराखंड में किए गए विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं तथा लिए गए महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक निर्णयों पर आधारित विशेष प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे। इस प्रदर्शनी में राज्य सरकार द्वारा बुनियादी ढाँचे के विकास, सड़क एवं संपर्क मार्गों के सुदृढ़ीकरण, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, शिक्षा क्षेत्र में सुधार, निवेश प्रोत्साहन, पर्यटन विकास, धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण तथा सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए किए गए महत्वपूर्ण कार्यों को प्रदर्शित किया जाएगा।


प्रदर्शनी के माध्यम से राज्य में सुशासन, पारदर्शिता तथा नागरिक सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण की दिशा में किए गए प्रयासों को भी रेखांकित किया जाएगा। विभिन्न विभागों द्वारा तैयार किए गए दृश्य प्रदर्शनों, चित्रों, मॉडल तथा जानकारीपूर्ण पैनलों के माध्यम से बीते वर्षों में राज्य में हुए परिवर्तन और विकास की झलक प्रस्तुत की जाएगी, जिससे आमजन उत्तराखंड की विकास यात्रा को निकट से समझ सकेंगे।


इसी क्रम में 7 से 9 मार्च 2026 तक “न्याय संहिता” विषय पर राज्यस्तरीय प्रदर्शनी का आयोजन भी बैरागी कैंप में किया जा रहा है। यह प्रदर्शनी भारत सरकार द्वारा लागू किए गए नए आपराधिक कानून Bharatiya Nyaya Sanhita, Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita तथा Bharatiya Sakshya Adhiniyam के प्रभावी क्रियान्वयन एवं जनजागरूकता के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है।


नई न्याय संहिताएँ देश की आपराधिक न्याय व्यवस्था में व्यापक एवं ऐतिहासिक परिवर्तन लेकर आई हैं। इनका उद्देश्य औपनिवेशिक प्रावधानों को समाप्त कर नागरिक केंद्रित, पारदर्शी, उत्तरदायी तथा तकनीक समर्थ न्याय प्रणाली स्थापित करना है। “दंड से न्याय” की अवधारणा के अंतर्गत पीड़ितों के अधिकारों की सुरक्षा, महिलाओं एवं बच्चों की गरिमा की रक्षा तथा वैज्ञानिक एवं समयबद्ध अन्वेषण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।


प्रदर्शनी में नई न्याय संहिताओं की प्रमुख विशेषताओं को सरल और प्रभावी माध्यमों से प्रस्तुत किया जाएगा। इसमें समयबद्ध जांच एवं आरोप-पत्र की अनिवार्यता, शून्य प्राथमिकी तथा इलेक्ट्रॉनिक प्राथमिकी की व्यवस्था, सात वर्ष से अधिक दंडनीय अपराधों में अनिवार्य विधि-विज्ञान जांच, इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल साक्ष्यों की वैधता, महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध अपराधों के लिए सशक्त प्रावधान, संगठित अपराध, साइबर अपराध एवं आतंकवाद से संबंधित स्पष्ट दंड प्रावधान, पीड़ित प्रतिकर योजना तथा संपत्ति की शीघ्र वापसी की व्यवस्था को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा।


प्रदर्शनी के दौरान नाट्य प्रस्तुतियों, मॉडल प्रकरण अध्ययन, डिजिटल प्रदर्शन तथा जनसंवाद सत्रों के माध्यम से त्वरित न्याय, वैज्ञानिक जांच तथा नागरिक सुविधा की अवधारणा को सरल और प्रभावशाली रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। यह आयोजन उत्तराखंड सरकार की विकास यात्रा, सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता तथा राज्य को प्रगतिशील और समृद्ध बनाने के प्रयासों को प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर होगा।


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