26 सूत्रीय कार्यक्रम की समीक्षा में चंपावत नंबर-1, मुख्य सचिव ने विकास योजनाओं में तेजी लाने के दिए निर्देश
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 23 Jun, 2026 10:54 PMदेहरादून। उत्तराखंड सरकार के महत्वाकांक्षी 26-सूत्रीय कार्यक्रम की प्रगति को लेकर सरकार ने समीक्षा तेज कर दी है। Anand Bardhan की अध्यक्षता में सचिवालय सभागार में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में मई 2026 की मासिक प्रगति रिपोर्ट की व्यापक समीक्षा की गई। बैठक में मुख्य सचिव ने अधिकारियों को जनकल्याणकारी योजनाओं को और गति देने, नियमित मॉनिटरिंग मजबूत करने और विभागीय समन्वय बेहतर बनाने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी तरीके से पहुंचे। उन्होंने सभी जिलों को निर्देशित किया कि योजनाओं की नियमित समीक्षा करें, हितधारकों के साथ सतत संवाद बनाए रखें और जिन क्षेत्रों में अपेक्षित प्रगति नहीं हो रही है वहां तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
चंपावत बना प्रदेश का टॉप परफॉर्मर
मई 2026 की समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार Champawat ने 65.94 प्रतिशत अंकों के साथ प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया। इसके बाद Haridwar 59.30 प्रतिशत और Pithoragarh 57.87 प्रतिशत अंकों के साथ क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। इसके अलावा Dehradun, Rudraprayag और Chamoli ने भी संतोषजनक प्रदर्शन दर्ज किया।
मुख्य सचिव ने कहा कि अन्य जिलों को बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों के नवाचारों और कार्यप्रणाली से सीख लेकर अपनी प्रगति में सुधार करना चाहिए।
अतिक्रमण हटाने और डिजिटल गवर्नेंस में बड़ी उपलब्धि
समीक्षा बैठक में बताया गया कि प्रदेश में अतिक्रमण हटाने के अभियान में नगर निकायों ने 98.20 प्रतिशत सफलता हासिल की है। वहीं डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने की दिशा में 97.02 प्रतिशत सरकारी संपत्तियों का जियो-टैगिंग कार्य पूरा कर लिया गया है।
सरकार के Apni Sarkar Portal पर दर्ज जन शिकायतों के निस्तारण की दर 82.68 प्रतिशत रही, जिससे नागरिक सेवाओं में सुधार दिखाई दे रहा है। इसके अलावा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की कार्यक्षमता 89.47 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि प्रदेशभर में 133 पार्किंग परियोजनाओं पर काम जारी है, जिनकी औसत भौतिक प्रगति 67.33 प्रतिशत बताई गई।
राजस्व, पर्यटन और शहरी विकास पर रहेगा विशेष फोकस
मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने अधिकारियों को राजस्व संग्रह, औद्योगिक विकास, नदी संरक्षण, पर्यटन, पेयजल, शहरी विकास और अपशिष्ट प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में कार्यों को और तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभागीय समन्वय, नियमित मॉनिटरिंग और लक्ष्य आधारित कार्यप्रणाली अपनाकर आगामी महीनों में और बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि शहरी विकास और पंचायती राज विभाग स्थानीय निकायों की राजस्व क्षमता बढ़ाने, खाद्य सुरक्षा के तहत जनपदवार लक्ष्य तय करने, राजस्व विभाग द्वारा संवाद कार्यक्रम आयोजित करने और वन विभाग द्वारा वृक्षारोपण कार्यक्रमों के लिए लक्ष्य एवं बजट निर्धारण की प्रक्रिया पर तेजी से काम किया जा रहा है।
बैठक में आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, दिलीप जावलकर, पंकज कुमार पांडेय, चंद्रेश यादव, डी.एस. गब्रियाल और एस.एन. पांडेय सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। उत्तराखंड सरकार की इस समीक्षा से साफ है कि अब विकास योजनाओं की निगरानी और जमीनी परिणामों पर सरकार का फोकस और अधिक बढ़ गया है।



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