2014 के बाद प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में शुरू हुआ सनातन संस्कृति का स्वर्णिम काल : मुख्यमंत्री धामी

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Lucknow, 3 May, 2026 10:49 PM
2014 के बाद प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में शुरू हुआ सनातन संस्कृति का स्वर्णिम काल : मुख्यमंत्री धामी

देहरादून। “वर्ष 2014 के बाद प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में देश में सनातन संस्कृति के स्वर्णिम पुनर्जागरण का काल प्रारंभ हुआ है।” यह बात Pushkar Singh Dhami ने रविवार को देहरादून के सेलाकुई स्थित आद्यशक्ति श्री माता वैष्णो देवी धाम सेवा समिति द्वारा आयोजित मां भगवती जागरण कार्यक्रम में कही। इस दौरान उन्होंने मां भगवती की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।


मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि भारत की आस्था, संस्कृति और स्वाभिमान की पुनर्स्थापना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर, महाकाल लोक, केदारनाथ पुनर्निर्माण और बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान जैसे कार्यों के माध्यम से देश की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान मिली है।


उन्होंने कहा कि वर्ष 2013 की आपदा के बाद केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण तेज गति से हुआ और आज केदारपुरी एक भव्य और दिव्य स्वरूप में विश्व के सामने है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 22 अप्रैल से शुरू हुई चारधाम यात्रा में अब तक 3 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा केदार सहित चारों धामों के दर्शन कर चुके हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2024 से शीतकालीन यात्रा की शुरुआत की है, जिससे पूरे वर्ष धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के आदि कैलाश दौरे के बाद सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।


कनेक्टिविटी पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर बनने से यात्रा का समय कम होगा और इससे पर्यटन, व्यापार एवं तीर्थाटन को नई गति मिलेगी। इसके साथ ही हेमकुंड साहिब के लिए प्रस्तावित रोपवे परियोजना को भी उन्होंने महत्वपूर्ण बताया।


Uttarakhand की सांस्कृतिक पहचान का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि का देवत्व और सांस्कृतिक मूल्य हर हाल में सुरक्षित रखे जाएंगे। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक संरक्षण, धार्मिक स्थलों का विकास और पर्यावरण संतुलन के साथ समग्र विकास सरकार की प्राथमिकता है।


मुख्यमंत्री ने आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक कार्यक्रम समाज को एकजुट करने और युवा पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने का कार्य करते हैं। इस अवसर पर विधायक सहदेव सिंह पुंडीर सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।


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