शी फॉर STEM उत्तराखंड: सीएम धामी ने छात्राओं को दिया विज्ञान और तकनीक में आगे बढ़ने का संदेश
मुख्यमंत्री की घोषणा - शी फॉर स्टेम के तहत हर जनपद में पांच छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 11 Feb, 2026 08:22 PMदेहरादून। अंतर्राष्ट्रीय महिला एवं बालिका विज्ञान दिवस के अवसर पर उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय, सुद्धोवाला (प्रेमनगर) में आयोजित ‘शी फॉर स्टेम उत्तराखंड’ विषयक कार्यशाला में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने STEM (साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथमेटिक्स) के क्षेत्र में बालिकाओं और महिलाओं की भागीदारी को प्रदेश और देश की शक्ति बताते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के माध्यम से 20 प्रतिभाशाली छात्राओं को 50-50 हजार रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की। उन्होंने घोषणा की कि ‘शी फॉर स्टेम’ योजना के तहत प्रदेश के हर जनपद में पांच छात्राओं को छात्रवृत्ति दी जाएगी। इसके साथ ही STEM आधारित स्टार्टअप शुरू करने के लिए छात्राओं को वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे तथा महिला प्रौद्योगिकी केंद्रों से स्वयं सहायता समूहों को जोड़ा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार मातृशक्ति के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में अब तक 1.67 लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं, वहीं ड्रॉपआउट छात्राओं को पुनः शिक्षा से जोड़ने और बालिकाओं में विज्ञान एवं नवाचार के प्रति रुचि विकसित करने के लिए STEM आधारित कार्यक्रमों का विस्तार किया जा रहा है।
STEM में बढ़ती भागीदारी भारत की ताकत
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भारत में STEM क्षेत्रों में स्नातक होने वाले विद्यार्थियों में 42–43 प्रतिशत छात्राएं हैं, जो कई विकसित देशों से अधिक है। यह दर्शाता है कि भारत की बेटियां विज्ञान और तकनीक में नेतृत्व के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने कहा कि जब नारी को अवसर, संसाधन और विश्वास मिलता है, तो वह न केवल अपने लिए बल्कि पूरे राष्ट्र के लिए नई दिशा तय करती है।
एआई आधारित ‘क्यूरी चैट बॉट’ का शुभारंभ
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने छात्राओं के करियर मार्गदर्शन के लिए एआई आधारित ‘क्यूरी चैट बॉट’ का शुभारंभ भी किया। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और डिजिटल तकनीकों के माध्यम से बेटियों को भविष्य के लिए तैयार किया जा रहा है।
विज्ञान और नवाचार की दिशा में उत्तराखंड
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में पहली बार विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति लागू की गई है। इसके तहत साइंस और इनोवेशन सेंटर्स, STEM लैब्स, डिजिटल लाइब्रेरी, पेटेंट सूचना केंद्र, एआई, रोबोटिक्स, ड्रोन और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में मजबूत इकोसिस्टम विकसित किया जा रहा है। देहरादून में देश की पांचवीं साइंस सिटी का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जो उत्तराखंड को विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगी।
प्रधानमंत्री के विजन का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों—चंद्रयान-3, आदित्य L1, गगनयान मिशन और कोरोना वैक्सीन निर्माण—का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया अभियान से बेटियों को तकनीकी सशक्तिकरण मिला है और यही विकसित भारत की नींव है।
मुख्यमंत्री ने 2021 में प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए संदेश—“21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा”—का उल्लेख करते हुए कहा कि यह संकल्प तभी साकार होगा जब प्रदेश की प्रत्येक बेटी सशक्त और आत्मनिर्भर बनेगी।
कार्यक्रम में विधायक सहदेव सिंह पुंडीर, सचिव रंजीत सिन्हा, महानिदेशक यूकॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और गणमान्य उपस्थित रहे।


No Previous Comments found.