व्यवसायिक LPG वितरण में बड़ा बदलाव: उत्तराखंड को 66% कोटा, नई SOP लागू

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Lucknow, 2 Apr, 2026 09:49 PM
व्यवसायिक LPG वितरण में बड़ा बदलाव: उत्तराखंड को 66% कोटा, नई SOP लागू

देहरादून:

राज्य में व्यवसायिक एलपीजी सिलेण्डरों की बढ़ती मांग और आपूर्ति संतुलन को ध्यान में रखते हुए सरकार ने नई संशोधित स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) लागू कर दी है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के सचिव आनंद स्वरूप ने जानकारी देते हुए बताया कि पूर्व निर्धारित व्यवस्था को अतिक्रमित करते हुए यह नई SOP लागू की गई है, जिससे विभिन्न उपभोक्ता वर्गों के बीच संतुलित, प्राथमिकता आधारित और पारदर्शी वितरण सुनिश्चित किया जा सके।


उन्होंने बताया कि राज्य को व्यवसायिक एलपीजी के लिए कुल 66 प्रतिशत कोटा प्राप्त हो गया है। इसमें 20 प्रतिशत कोटा केंद्र सरकार द्वारा पूर्व में दिया गया था, जबकि पीएनजी को बढ़ावा देने के राज्य के प्रयासों के परिणामस्वरूप अतिरिक्त 6 प्रतिशत कोटा मिला है। इस प्रकार पहले से निर्धारित 40 प्रतिशत कोटे में वृद्धि करते हुए नई व्यवस्था लागू की गई है।


सचिव के अनुसार, नई SOP का उद्देश्य चारधाम यात्रा, पर्यटन, औद्योगिक गतिविधियों और आवश्यक सेवाओं को निर्बाध बनाए रखना है, ताकि किसी भी क्षेत्र में गैस आपूर्ति की कमी का प्रभाव न पड़े। यह व्यवस्था अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी। साथ ही तेल एवं गैस विपणन कंपनियां अपनी बाजार हिस्सेदारी के अनुसार आपूर्ति सुनिश्चित करेंगी और सभी जिलाधिकारियों को नियमित जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।


रेस्टोरेंट-ढाबों को सबसे अधिक आवंटन

संशोधित SOP के तहत विभिन्न उपभोक्ता श्रेणियों के लिए दैनिक सिलेण्डर आवंटन तय किया गया है। रेस्टोरेंट और ढाबों के लिए 2000 सिलेण्डर (32 प्रतिशत) निर्धारित किए गए हैं, जबकि होटल और रिजॉर्ट के लिए 1500 सिलेण्डर (24 प्रतिशत) आवंटित किए गए हैं। सरकारी गेस्टहाउसों को 300 सिलेण्डर (5 प्रतिशत) दिए गए हैं।


इसके अलावा डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों, पेइंग गेस्ट सुविधा वाले छात्रावासों, होम-स्टे और स्वयं सहायता समूहों के लिए 200-200 सिलेण्डर (प्रत्येक 3 प्रतिशत) निर्धारित किए गए हैं। विवाह समारोहों के लिए 660 सिलेण्डर (10 प्रतिशत) और औद्योगिक क्षेत्रों के लिए 1250 सिलेण्डर (20 प्रतिशत) का प्रावधान किया गया है। इस प्रकार कुल 6310 सिलेण्डरों का दैनिक वितरण सुनिश्चित किया गया है।


देहरादून को सबसे अधिक हिस्सा

जनपदवार आवंटन में देहरादून को 31 प्रतिशत के साथ सर्वाधिक कोटा दिया गया है। हरिद्वार और नैनीताल को 13-13 प्रतिशत, उधमसिंह नगर को 9 प्रतिशत, चमोली को 6 प्रतिशत और रुद्रप्रयाग को 5 प्रतिशत आवंटन मिला है। वहीं टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी और अल्मोड़ा को 4-4 प्रतिशत, पिथौरागढ़ को 3 प्रतिशत तथा बागेश्वर और चम्पावत को 2-2 प्रतिशत आवंटित किए गए हैं।


विवाह समारोहों के लिए विशेष व्यवस्था

विवाह समारोहों के लिए विशेष प्रावधान करते हुए अधिकतम 2 व्यवसायिक सिलेण्डर देने की सीमा तय की गई है। इसके लिए संबंधित जिलाधिकारी या नामित अधिकारी से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। स्वीकृति के बाद गैस वितरक अस्थायी कनेक्शन जारी कर आपूर्ति सुनिश्चित करेगा और इसकी सूचना जिलाधिकारी को भी दी जाएगी।


विवाह के लिए निर्धारित 660 सिलेण्डरों में देहरादून और नैनीताल को सर्वाधिक 176-176 सिलेण्डर दिए गए हैं। हरिद्वार और उधमसिंह नगर को 64-64 सिलेण्डर तथा अन्य जिलों को 18 से 24 सिलेण्डर तक आवंटित किए गए हैं।


औद्योगिक क्षेत्रों के लिए निर्धारित 1250 सिलेण्डरों में देहरादून, हरिद्वार और उधमसिंह नगर को 380-380 सिलेण्डर, नैनीताल और टिहरी को 20-20 तथा पौड़ी को 70 सिलेण्डर आवंटित किए गए हैं।


नई SOP के लागू होने से राज्य में व्यवसायिक एलपीजी वितरण अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और मांग के अनुरूप होने की उम्मीद जताई जा रही है।


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