उत्तराखंड के 5 जिलों में कल ऑरेंज अलर्ट, तेज बारिश-ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली का खतरा
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 3 Apr, 2026 09:18 PMदेहरादून, 3 अप्रैल 2026।
उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग, देहरादून के पूर्वानुमान के अनुसार 4 अप्रैल को राज्य के पांच पर्वतीय जनपद—उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में मौसम गंभीर रूप ले सकता है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने, ओलावृष्टि और 40 से 50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, जो कुछ स्थानों पर 60 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती हैं। इन परिस्थितियों को देखते हुए इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि शेष जनपदों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है।
मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र, देहरादून ने संबंधित जिलों को अलर्ट जारी कर आवश्यक सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों में ट्रैकिंग गतिविधियों को प्रतिकूल मौसम के दौरान नियंत्रित या प्रतिबंधित रखने को कहा गया है। संवेदनशील क्षेत्रों में आवागमन पर नजर रखने और हर स्तर पर सतर्कता बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
प्रशासन को यह भी निर्देशित किया गया है कि किसी भी आपदा या दुर्घटना की स्थिति में त्वरित स्थानीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और सूचनाओं का तत्काल आदान-प्रदान किया जाए। आपदा प्रबंधन की आईआरएस प्रणाली के तहत सभी नामित अधिकारी और विभागीय नोडल अधिकारी हाई अलर्ट पर रहेंगे और फील्ड में सक्रिय रूप से कार्य करेंगे।
इसके साथ ही मोटर मार्ग बाधित होने की स्थिति में उन्हें तत्काल बहाल करने, राजस्व उपनिरीक्षकों, ग्राम विकास अधिकारियों और ग्राम पंचायत अधिकारियों की क्षेत्र में सक्रिय उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी पुलिस चौकियों और थानों को भी आपदा प्रबंधन उपकरणों और वायरलेस सिस्टम के साथ सतर्क रहने को कहा गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस अवधि में कोई भी अधिकारी या कर्मचारी अपना मोबाइल फोन बंद न रखे। साथ ही आवश्यक उपकरण जैसे बरसाती, टॉर्च, हेलमेट आदि उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं। संभावित आपदा की स्थिति में फंसे लोगों के लिए खाद्य सामग्री और चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है।
विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए गए हैं। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पर्यटकों की आवाजाही पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर उसे नियंत्रित करने को कहा गया है। नगर और कस्बाई क्षेत्रों में जलभराव से बचाव के लिए नालियों और कल्वर्ट की सफाई कर जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं।
आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग के सचिव विनोद कुमार सुमन ने आम जनता से अपील की है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें, सुरक्षित स्थानों पर रहें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।


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