डॉक्टर्स डे: उत्तराखंड के 38 चिकित्सक हुए सम्मानित, सभी मेडिकल कॉलेजों में AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करेगी सरकार

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Lucknow, 1 Jul, 2026 09:53 PM
डॉक्टर्स डे: उत्तराखंड के 38 चिकित्सक हुए सम्मानित, सभी मेडिकल कॉलेजों में AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करेगी सरकार

देहरादून: राष्ट्रीय डॉक्टर्स डे के अवसर पर राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में आयोजित 'पांचवें डॉक्टर ऑफ द ईयर' सम्मान समारोह में उत्तराखंड के चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने घोषणा की कि राज्य सरकार सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करेगी। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों के माध्यम से चिकित्सकों को भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के अनुरूप प्रशिक्षित किया जाएगा।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वर्ष 2026 के अंत तक सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में रिक्त पदों पर नियुक्तियां पूरी कर ली जाएंगी और लंबित पदोन्नतियों की प्रक्रिया भी शत-प्रतिशत पूरी की जाएगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि राज्य में विशेषज्ञ चिकित्सकों के लिए पृथक कैडर बनाया जाएगा, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

उन्होंने चिकित्सकों से तनावमुक्त जीवनशैली अपनाने की अपील करते हुए सभी मेडिकल कॉलेजों में योग और मेडिटेशन को बढ़ावा देने पर जोर दिया, ताकि डॉक्टर और मेडिकल छात्र मानसिक रूप से स्वस्थ रहकर समाज और देश की बेहतर सेवा कर सकें।

समारोह के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने प्रदेशभर से चयनित 32 चिकित्सकों को 'डॉक्टर ऑफ द ईयर' सम्मान प्रदान किया। इसके अलावा तीन चिकित्सकों को 'आउटस्टैंडिंग लीडरशिप अवॉर्ड' और तीन चिकित्सकों को 'लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया। इस प्रकार कुल 38 चिकित्सकों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. (डॉ.) भानु दुग्गल ने की। उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य का अत्यधिक व्यवसायीकरण समाज के कमजोर वर्गों को इन सेवाओं से वंचित कर सकता है, इसलिए चिकित्सा सेवाओं को अधिक सुलभ और समावेशी बनाए रखने की आवश्यकता है।

भारतीय चिकित्सा परिषद के अध्यक्ष डॉ. जे. एन. नौटियाल ने स्वस्थ जीवन और प्रभावी उपचार में आयुष चिकित्सा की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। वहीं, स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राजेंद्र डोभाल ने मेडिकल छात्रों और युवा डॉक्टरों में बढ़ती आत्महत्या की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए उनके मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई।

राजकीय दून मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. गीता जैन ने राष्ट्रीय डॉक्टर्स डे के महत्व पर प्रकाश डाला और बताया कि भारत में इस दिवस की शुरुआत किस उद्देश्य से की गई। कार्यक्रम के आयोजक एवं दिव्य हिमगिरि के संपादक कुंवर राज अस्थाना ने सम्मान चयन प्रक्रिया की जानकारी दी, जबकि धन्यवाद ज्ञापन एचएनबी उत्तराखंड मेडिकल एजुकेशन यूनिवर्सिटी के डीन डॉ. एम.के. पंत ने दिया। कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए स्वास्थ्य मंत्री ने डॉ. योगेश्वरी को भी सम्मानित किया।

समारोह में कपकोट विधायक सुरेश गड़िया, उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अरुण त्रिपाठी, स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राजेंद्र डोभाल, दून मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. गीता जैन तथा भारतीय चिकित्सा परिषद के अध्यक्ष डॉ. जे. एन. नौटियाल सहित चिकित्सा क्षेत्र की अनेक प्रमुख हस्तियां उपस्थित रहीं।

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