विकसित भारत-2047 के संकल्प को पूरा करने में सबका सहयोग जरूरी: मुख्यमंत्री धामी
6940 करोड़ की 12 प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा, 15 अक्टूबर तक 50 प्रतिशत से अधिक प्रगति वाली योजनाएं पूरी करने के निर्देश
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 8 Jun, 2026 05:54 PMदेहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक में प्रगति पोर्टल के माध्यम से राज्य की विभिन्न महत्वपूर्ण अवसंरचना एवं विकास परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में परिवहन, ऊर्जा, लोक निर्माण, राष्ट्रीय राजमार्ग, सीमा सड़क संगठन सहित विभिन्न विभागों की 6,940 करोड़ रुपये लागत की 12 प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति का आकलन किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने में सभी विभागों और संबंधित एजेंसियों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के लिए मुख्यमंत्री स्तर पर प्रत्येक माह तथा मुख्य सचिव स्तर पर प्रत्येक 10 दिन में नियमित समीक्षा किए जाने के निर्देश दिए।
धामी ने स्पष्ट किया कि परियोजनाओं में अनावश्यक देरी के लिए संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी तथा आवश्यकतानुसार सख्त कार्रवाई भी की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन परियोजनाओं का 50 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका है, उन्हें 15 अक्टूबर 2026 तक हर हाल में पूर्ण किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता सभी विकास परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करना है। उन्होंने भूमि हस्तांतरण, वन एवं पर्यावरणीय स्वीकृतियों, भूमि अधिग्रहण, क्षतिपूर्ति भुगतान तथा अन्य प्रशासनिक कारणों से लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ बाधाओं को दूर कर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
बैठक में रामनगर आईएसबीटी, रानीखेत बस टर्मिनल, ताड़ीखेत डिपो एवं कार्यशाला, बनबसा और रुद्रप्रयाग विद्युत उपकेंद्र परियोजनाओं, चारधाम सड़क परियोजनाओं, अस्कोट-लिपुलेख मार्ग, माणा पास सड़क परियोजना तथा हरिद्वार और काशीपुर क्षेत्र की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रगति पोर्टल को प्रभावी निगरानी तंत्र के रूप में उपयोग करते हुए प्रत्येक परियोजना की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं में देरी का असर न केवल जनहित पर पड़ता है, बल्कि राज्य की आर्थिक गतिविधियों और निवेश संभावनाओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है।
उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपद स्तर पर लंबित प्रकरणों की व्यक्तिगत निगरानी करते हुए उनका शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही प्रत्येक परियोजना के लिए स्पष्ट उत्तरदायित्व तय कर नियमित समीक्षा की जाए तथा अपेक्षित प्रगति से पीछे चल रही परियोजनाओं के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा, सीमांत क्षेत्रों की सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाएं, विद्युत अवसंरचना और परिवहन सुविधाओं से जुड़ी योजनाएं राज्य के समग्र विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इन परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन से पर्यटन, व्यापार, निवेश और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा।
बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव बृजेश कुमार संत, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, अपर सचिव डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट, बंशीधर तिवारी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं जिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।



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