“विकसित भारत 2047 के लिए नशामुक्त, स्वस्थ और संस्कारित समाज बनाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी” — हरिद्वार में बोले केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 26 Jun, 2026 08:55 PMहरिद्वार। “जब हम विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय संकल्प की ओर बढ़ रहे हैं, तब नशामुक्त, स्वस्थ और संस्कारित समाज का निर्माण हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। नशामुक्त भारत केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक और नैतिक जनआंदोलन है।” यह बात केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री Virendra Kumar ने Dev Sanskriti Vishwavidyalaya में आयोजित ‘नशा मुक्त भारत सप्ताह’ के राष्ट्रीय समापन समारोह को संबोधित करते हुए कही। 17 से 26 जून तक देशभर में चले इस अभियान में 1.31 करोड़ से अधिक नागरिकों ने भागीदारी दर्ज की।
अंतर्राष्ट्रीय मादक द्रव्यों के दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार, देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रति-कुलपति Chinmay Pandya, उत्तराखंड सरकार के प्रतिनिधियों सहित कई राष्ट्रीय स्तर के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
4000 लोगों ने निकाली नशा मुक्ति रैली
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण के रूप में केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने हरिद्वार में आयोजित विशाल ‘नशा मुक्त रैली’ का नेतृत्व किया, जिसमें करीब 4 हजार नागरिकों, युवाओं और स्वयंसेवकों ने हिस्सा लेकर मादक द्रव्यों के सेवन के खिलाफ एकजुटता दिखाई।
इस दौरान उन्होंने उपस्थित लोगों को ‘नशा मुक्ति शपथ’ और ‘गरिमापूर्ण वृद्धावस्था शपथ’ भी दिलाई। उन्होंने कहा कि सरकार एक ओर नशा मुक्त समाज बनाने के लिए कार्य कर रही है तो दूसरी ओर वरिष्ठ नागरिकों की गरिमापूर्ण और समावेशी देखभाल सुनिश्चित करने के लिए भी प्रतिबद्ध है।
नशा मुक्त भारत अभियान बना जनआंदोलन
डॉ. वीरेंद्र कुमार ने कहा कि ‘नशा मुक्त भारत सप्ताह’ की सफलता यह दर्शाती है कि भारत सरकार “संपूर्ण सरकार और संपूर्ण समाज” की अवधारणा के साथ इस अभियान को जनआंदोलन बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि नशे की समस्या केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और नैतिक चुनौती है, जिसका समाधान सरकार, समाज, परिवार, शिक्षण संस्थान और युवाओं की साझा भागीदारी से ही संभव है।
गायत्री परिवार के साथ हुआ बड़ा समझौता
कार्यक्रम के दौरान सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग और All World Gayatri Pariwar के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
यह साझेदारी नशा मुक्त भारत अभियान और अटल वयो अभ्युदय योजना के अंतर्गत जागरूकता, ड्रग डिमांड रिडक्शन, सामुदायिक भागीदारी और वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
10 दिनों में 1.31 करोड़ लोगों की भागीदारी
17 जून से 26 जून तक चले इस राष्ट्रीय अभियान के दौरान देशभर में 1.31 करोड़ से अधिक लोगों ने विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लिया।
इनमें शामिल रहे:
- नशा मुक्ति मित्र पंजीकरण अभियान
- नुक्कड़ नाटक और युवा सेमिनार
- नारा लेखन और ई-शपथ अभियान
- पेंटिंग प्रतियोगिताएं
- योग एवं स्वस्थ जीवनशैली कार्यक्रम
- सामुदायिक जागरूकता अभियान
उत्कृष्ट योगदान देने वालों को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, जिलों, संस्थानों और विभिन्न मंत्रालयों को सम्मानित किया गया। जमीनी स्तर पर सक्रिय ‘नशा मुक्ति मित्रों’ को विशेष सम्मान दिया गया और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए गए।
इस भव्य समापन समारोह में देशभर से हजारों छात्र, युवा, नशामुक्ति केंद्रों के संचालक और स्वयंसेवक ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यमों से जुड़े।
कार्यक्रम के माध्यम से केंद्र सरकार ने एक बार फिर “नशा मुक्त भारत, खुशहाल भारत” के संकल्प को जनभागीदारी के जरिए मजबूत करने का संदेश दिया।



No Previous Comments found.