देहरादून में 11 जुलाई से शुरू होगा पांच दिवसीय ‘लोक संवर्धन पर्व’, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू करेंगे उद्घाटन

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Lucknow, 10 Jul, 2026 04:55 PM
देहरादून में 11 जुलाई से शुरू होगा पांच दिवसीय ‘लोक संवर्धन पर्व’, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू करेंगे उद्घाटन

देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में 11 से 15 जुलाई, 2026 तक आयोजित होने वाले पांच दिवसीय ‘लोक संवर्धन पर्व’ का उद्घाटन केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू करेंगे। भारत सरकार के अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय और उत्तराखंड सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह महोत्सव परेड ग्राउंड में होगा, जहां देशभर की पारंपरिक कला, शिल्प, हथकरघा और विविध सांस्कृतिक विरासत का संगम देखने को मिलेगा।

उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री खजान दास, अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय एवं उत्तराखंड सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। यह महोत्सव 15 जुलाई तक प्रतिदिन सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक आम जनता के लिए निःशुल्क खुला रहेगा।

उत्तराखंड बना पहला साझेदार राज्य

इस बार का आयोजन कई मायनों में खास है। पहली बार लोक संवर्धन पर्व किसी राज्य सरकार के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री विरासत का संवर्धन (पीएम विकास) योजना के अंतर्गत उत्तराखंड, अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के साथ इस आयोजन में साझेदारी करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।

केंद्र सरकार के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य पारंपरिक कला, शिल्प और पाक विरासत का संरक्षण करते हुए कारीगरों, बुनकरों, शिल्पकारों और उद्यमियों को राष्ट्रीय स्तर पर बाजार उपलब्ध कराना और उनकी आजीविका को सशक्त बनाना है। वर्ष 2024 में शुरू हुई इस श्रृंखला के अब तक पांच सफल संस्करण आयोजित किए जा चुके हैं, जिनसे 550 से अधिक कारीगरों और पाक विशेषज्ञों को लाभ मिला है।

150 स्टॉल पर दिखेगी भारत की सांस्कृतिक विविधता

महोत्सव में लगभग 150 प्रदर्शनी स्टॉल लगाए जाएंगे। इनमें करीब 40 प्रतिशत स्टॉल उत्तराखंड की पारंपरिक कला और शिल्प को समर्पित होंगे, जिससे स्थानीय कारीगरों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का विशेष अवसर मिलेगा।

इसके अलावा जम्मू-कश्मीर के हस्तशिल्प, अजरख ब्लॉक प्रिंटिंग, लाख की चूड़ियां, लकड़ी की कलाकृतियां, पीतल शिल्प, टेराकोटा, बेंत और बांस उत्पाद, हथकरघा वस्त्र सहित देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की पारंपरिक कलाओं का प्रदर्शन किया जाएगा।

पारंपरिक व्यंजनों का भी मिलेगा स्वाद

महोत्सव में 20 फूड स्टॉल भी लगाए जाएंगे, जहां गढ़वाली, कुमाऊँनी, राजस्थानी, महाराष्ट्रीयन, लखनवी समेत देश के विभिन्न क्षेत्रों के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद आगंतुकों को मिलेगा।

लाइव शिल्प प्रदर्शन और डिजिटल मार्केटिंग सत्र

लोक संवर्धन पर्व के दौरान आगंतुकों को मास्टर कारीगरों द्वारा लाइव शिल्प प्रदर्शन देखने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही खरीदार-विक्रेता संवाद, उद्यमिता विकास और डिजिटल मार्केटिंग से जुड़े विशेष सत्र भी आयोजित किए जाएंगे, जिनमें कारीगरों और उद्यमियों को नए बाजार और व्यापारिक अवसरों की जानकारी दी जाएगी।

सांस्कृतिक संध्याओं में सजेगी कलाकारों की महफिल

महोत्सव की सांस्कृतिक संध्याएं भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी। उद्घाटन दिवस पर प्रसिद्ध ग़ज़ल गायक तलत अज़ीज़ प्रस्तुति देंगे। इसके बाद के दिनों में ज्योति नूरां, किशन महिपाल, विवेक नौटियाल, माया उपाध्याय, उत्तराखंड का लोकप्रिय लोक बैंड ‘पांडवाज़’ और गायक परमिश वर्मा अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन करेंगे।

अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने नागरिकों, पर्यटकों, विद्यार्थियों, खरीदारों, निर्यातकों और शिल्प प्रेमियों से 11 से 15 जुलाई तक परेड ग्राउंड, देहरादून में आयोजित इस महोत्सव में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर भारत की समृद्ध कला, संस्कृति और पाक विरासत का अनुभव करने की अपील की है।


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