राजस्व बढ़ाने को AI पर जोर, 4-5 महीने में तैयार होगा नया मैकेनिज्म
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने टैक्स चोरी रोकने, विभागीय डेटा इंटीग्रेशन और नए राजस्व स्रोत तलाशने के दिए निर्देश
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 10 Aug, 2026 04:28 PMदेहरादून, 10 अगस्त। प्रदेश में राजस्व वृद्धि के नए स्रोत तलाशने और मौजूदा राजस्व संग्रह को और प्रभावी बनाने को लेकर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सोमवार को सचिवालय में अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में उन्होंने विभिन्न विभागों के राजस्व संग्रह की लक्ष्य के सापेक्ष समीक्षा की और राजस्व वृद्धि के लिए नवीन प्रयासों एवं नवाचारों पर चर्चा की।
मुख्य सचिव ने एसजीएसटी में राजस्व बढ़ाने की पर्याप्त संभावनाएं बताते हुए टैक्स चोरी रोकने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित जांच व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने अगले 4-5 महीनों में AI आधारित मैकेनिज्म तैयार करने को कहा। साथ ही कर संबंधी सभी विभागों के डेटा को इंटीग्रेट करने पर जोर दिया, ताकि राजस्व चोरी और अनियमितताओं की प्रभावी पहचान की जा सके।
ANPR कैमरों को विभागों से इंटीग्रेट करने के निर्देश
मुख्य सचिव ने परिवहन विभाग द्वारा लगाए गए ANPR कैमरों के प्रभावी उपयोग के निर्देश दिए। उन्होंने इन कैमरों को खनन विभाग, वन विभाग और राज्य कर विभाग के साथ इंटीग्रेट करने को कहा, जिससे वाहनों की आवाजाही की निगरानी के साथ राजस्व से जुड़े मामलों में भी तकनीक का प्रभावी इस्तेमाल किया जा सके।
उन्होंने सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों में निबंधन एवं रजिस्ट्रेशन से संबंधित रिकॉर्ड और रखरखाव व्यवस्था के डिजिटाइजेशन पर भी जोर दिया।
नए खनन लॉट चिह्नित करने के निर्देश
मुख्य सचिव ने वन एवं गैर-वन क्षेत्रों में नए खनन लॉट चिह्नित करने के निर्देश दिए। इसके लिए जिला प्रशासन का सहयोग लेने को भी कहा गया। उन्होंने वन निगम द्वारा जिन खनन और प्रकाष्ठ लॉट्स पर कार्य नहीं किया जा पा रहा है, उन पर वन विभाग को अपने स्तर से आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
जड़ी-बूटी, कार्बन क्रेडिट और इको टूरिज्म से बढ़ेगी आय
बैठक में राजस्व के नए स्रोतों पर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में जड़ी-बूटी क्षेत्र में आय की अच्छी संभावनाएं हैं। उन्होंने जड़ी-बूटियों से संभावित राजस्व का अध्ययन कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने नए राजस्व स्रोतों में कार्बन क्रेडिट और नए इको-टूरिज्म स्थलों के विकास को भी शामिल करने पर जोर दिया। साथ ही जनसामान्य को प्रकाष्ठ की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए। इस व्यवस्था के लिए आईटीडीए से तकनीकी सहयोग लेने को कहा गया।
बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव दिलीप जावलकर, बृजेश कुमार संत, रणवीर सिंह चौहान, अपर सचिव हिमांशु खुराना, अनुराधा पाल और मनमोहन मैनाली समेत संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।



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