उत्तराखंड के पूर्व CM भगत सिंह कोश्यारी को पद्मभूषण सम्मान, राष्ट्रपति मुर्मू ने किया अलंकृत

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Lucknow, 25 May, 2026 08:42 PM
उत्तराखंड के पूर्व CM भगत सिंह कोश्यारी को पद्मभूषण सम्मान, राष्ट्रपति मुर्मू ने किया अलंकृत

नई दिल्ली। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल Bhagat Singh Koshyari को लोक कार्य के क्षेत्र में देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान पद्मभूषण से सम्मानित किया गया। सोमवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित नागरिक अलंकरण समारोह में राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया।


राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप में आयोजित समारोह में वर्ष 2026 के लिए पद्म पुरस्कार प्रदान किए गए। इस दौरान उपराष्ट्रपति C. P. Radhakrishnan, प्रधानमंत्री Narendra Modi, केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah समेत केंद्र सरकार के कई मंत्री और गणमान्य लोग मौजूद रहे।


पहले नागरिक अलंकरण समारोह में कुल 66 पद्म पुरस्कार प्रदान किए गए, जिनमें 2 पद्म विभूषण, 6 पद्मभूषण और 58 पद्मश्री शामिल हैं। वर्ष 2026 के लिए कुल 131 पद्म पुरस्कारों को मंजूरी दी गई है, जिनमें 5 पद्म विभूषण, 13 पद्मभूषण और 113 पद्मश्री सम्मान शामिल हैं। शेष पुरस्कार विजेताओं को आगामी चरण के समारोह में सम्मानित किया जाएगा।


उत्तराखंड में ‘भगत दा’ के नाम से लोकप्रिय भगत सिंह कोश्यारी को एक सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद्, पत्रकार और राष्ट्रवादी नेता के रूप में जाना जाता है। उन्होंने जनसेवा और समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए लंबे समय तक कार्य किया है। उनकी सादगी, अनुशासन और शिक्षा के प्रति समर्पण को विशेष रूप से रेखांकित किया जाता है।


17 जून 1942 को उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के पलानधुरा गांव में जन्मे कोश्यारी ने ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर उच्च शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने आगरा विश्वविद्यालय से संबद्ध अल्मोड़ा कॉलेज से अंग्रेजी साहित्य में स्नातकोत्तर की शिक्षा पूरी की और शिक्षण कार्य से अपने पेशेवर जीवन की शुरुआत की। बाद में उन्होंने समाज सेवा और सार्वजनिक जीवन को अपना प्रमुख कार्यक्षेत्र बनाया।


राजनीतिक जीवन में वह वर्ष 1997 में उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य बने। उत्तराखंड राज्य गठन के बाद वह राज्य की पहली सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे और बाद में उत्तरांचल (अब उत्तराखंड) के मुख्यमंत्री भी बने। उन्होंने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष, राज्यसभा सदस्य और नैनीताल-ऊधम सिंह नगर से लोकसभा सांसद के रूप में भी जिम्मेदारियां निभाईं।


वर्ष 2019 में उन्हें महाराष्ट्र का राज्यपाल नियुक्त किया गया, जबकि वर्ष 2020 में गोवा के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया। राजनीति और शिक्षा के अलावा उन्होंने लेखन के क्षेत्र में भी योगदान दिया है। उनकी पुस्तकें ‘उत्तरांचल प्रदेश क्यों’ और ‘उत्तरांचल प्रदेश: संघर्ष एवं समाधान’ उत्तराखंड के विकास संबंधी उनके विचारों को प्रतिबिंबित करती हैं।


पद्मभूषण से सम्मानित होने पर उत्तराखंड समेत विभिन्न क्षेत्रों में खुशी का माहौल है और इसे राज्य के लिए गौरव का क्षण माना जा रहा है।

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